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दिल्ली के हालात खराब, दंगाइयों ने कांस्टेबल को मारा, पेट्रोल पंप को फूंका

  • हजारों दंगाई उतरे सड़कों पर
  • डीसीपी-एसीपी हुए घायल, अस्पताल में भर्ती
  • प्रोटेस्ट के जगह धारा-144 लागू

विजय न्यूज़ नेटवर्क। डॉ.रमेश ठाकुर
नई दिल्ली। नागरिकता संसोधन कानून के विरोध के चलते राजधानी दिल्ली के हालात बेहद नाजुक बन गए हैं। अमन कमेटियों और पुलिस-प्रशासन के लाख कोशिशों के बावजूद उपद्रवी पीछे हटने को राजी नहीं। माहौल पूरी तरह से हिंदू-मुस्लिम होता जा रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोग सिर पर कफन बांधकर सड़कों पर उतर आए हैं। एक-दूसरे के खून के प्यासे हो रहे हैं। दंगों की लपटों में अब कई इलाके आ गए हैं। सोमवार शाम होते-होते हालात इस कदर बिगड़े गए, जिसमें एक पुलिसकर्मी को दंगाईयों ने मार डाला। पूर्वी दिल्ली के मौजपुर में सीएए के विरोध प्रदर्शन में दंगाईयों द्वारा रतन लाल नाम के कांस्टेबल को घटना स्थल पर ही मार दिया। कांस्टेबल पास के ही गोकुलपुर एसीपी ऑफिस में तैनात था। उस घटना में डीसीपी मौर्या और एसीपी अमित शर्मा भी घायल हुए। दोनों को उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दंगाई जमकर पत्थरबाजी कर रहे हैं। देशविरोधी नारेबाजी कर आजादी लेने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कर्दमपूरी के एक पैट्रोल पंप को भी आग में झोंक दिया। भरभराकर जलता पेट्रोल पंप देख लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन उपद्रवी वहीं डटे रहे। उपद्रवियों ने कई वाहनों के शीशे भी तोड़े, घरों में लगातार पत्थर मार रहे हैं। पुलिस ने चारों ओर से मोर्चा संभाला हुआ, बावजूद इसके हालात बेकाबू हो गए हैं। पूर्वी दिल्ली के अल्पसंख्यक क्षेत्र जाफराबाद, मौजपुर, कर्दमपूरी, भजनपुरा और सीलमपुर दंगों की आग में झुलस रहे हैं। पुरुष के अलावा महिलाएं भी सीएए के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। सोमवार दोपहर के समय हालात उस समय ज्यादा खराब हो गए, जब सीएए विरोधियों के खिलाफ सैकड़ों लोग भगवा झंडे लेकर सड़क पर उतरे। उन्हें देखकर उपद्रवी और भड़क गए। उनपर ही पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान हिंसक भीड़ ने कई घरों को आग लगा दी और कई दुकानों में तोड़फोड़ की।

 

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