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प्रधानमंत्री मोदी के प्रशंसक होने के बावजूद व्यापारियों का सरकार से हो रहा मोहभंग

5 -6 मार्च को पटना में देश के प्रमुख व्यापारी नेताओं का सम्मेलन

विजय न्यूज़ नेटवर्क
पटना। बावजूद इस बात के की देश का व्यापारी वर्ग आज भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का प्रशंसक है और व्यापारियों एवं लघु उद्योगों के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण और सोच से बहुत प्रभावित है फिर भी वर्तमान आर्थिक मंदी तथा सरकारी स्तर पर व्यापारियों की बेरूखी को देखते हुए अब देश के व्यापारियों का सरकार के प्रति मोहभंग होना शुरू हो गया है ! भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद व्यापारियों को जबरदस्त उम्मीद थी की व्यापारियों के प्रति सरकार का नजरिया बदलेगा और देश में व्यापारियों को सरल और बेहतर व्यापार करने के अवसर मिलेंगे किन्तु ऐसा कतई न होने से व्यापारी बेहद नाराज़ और छुब्ध हैं !

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस विषय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अनेक मौकों पर व्यापारियों को मजबूत करने की मंशा व्यक्त करने के बाद भी व्यापारी स्वयं को सरकार में बेहद उपेक्षित महसूस करते हैं ! उल्लेखनीय है की कैट ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के डिजिटल पेमेंट को अपनाने पर देश भर में सबसे ज्यादा काम किया, जीएसटी को देश भर में लागू करवाने में व्यापारियों ने सरकार का साथ दिया, नोटबंदी के कारण हुई अनेक परेशानियों के बावजूद सरकार के निर्णय का व्यापारियों ने स्वागत किया वहीँ प्रधानमंत्री की अन्य घोषणाओं पर कैट ने देश भर में सकारात्मक माहौल बनाया किन्तु इसके बावजूद भी व्यापारियों की समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई है !

इस स्तिथि को देखते हुए कैट ने आगामी 5 -6 मार्च को पटना में अपने राष्ट्रीय गवर्निंग कॉउन्सिल की एक बैठक बुलाई है जिसमें देश के सभी राज्यों के प्रमुख व्यापारी नेता शामिल होंगे और वर्तमान आर्थिक एवं व्यापारिक हालातों के मद्देनज़र व्यापारिक विषयों पर विचार कर भविष्य की रणनीति तय करेंगे !

दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा की जीएसटी को सरलीकृत करने की सरकार की स्पष्ट मंशा के बावजूद जीएसटी बेहद उलझावपूर्ण कर सिस्टम बन गया है जिसके अंतर्गत व्यापारियों पर एक बार कर देने के बाद भी दोबारा कर देने की बाध्यता को लाद दिया गया है ! पोर्टल की अक्षमताओं के कारण व्यापारियों को परेशान होना पड़ रहा है, रिफंड के रूप में व्यापारियों का पैसा विभाग के पास अटका हुआ है , कोई सुनने वाला नहीं है ! विदेशी ई कॉमर्स कंपनियों के कारण व्यापारी तबाह हो रहे हैं ! वाणिज्य मंत्री श्री पियूष गोयल की सख्त चेतवानी के बावजूद भी ई कॉमर्स कंपनियां धड्ड्ले से अनैतिक व्यापार कर रही हैं ! ईडी विभाग गत दो वर्षों से जांच ही कर रहा है लेकिन कोई रिपोर्ट आज तक आई नहीं है ! ठीक सरकार की नाक के नीचे एफडीआई पालिसी का खुला उल्लंघन हो रहा है और कोई कार्रवाई अब तक हुई नहीं है ! फ़ूड सेफ्टी अथॉरिटी मनमाने निर्णय कर रही है, कोई सुनने वाला नहीं है ! व्यापारी एवं व्यापारिक बाज़ारों की कोई पुख्ता सुरक्षा नहीं है ! आये दिन देश के अलग अलग हिस्सों में व्यापारियों के साथ वारदात हो रही हैं जो रुकने का नाम नहीं ले रही ! इन हालातों में व्यापार करने सबसे दुष्कर काम हो गया है !

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने व्यापारियों के आग्रह को स्वीकार करते हुए मुद्रा योजना लागू की थी जो केवल उन लोगों के लिए थी जिन्हे कभी बैंकों से व्यापार करने के लिए पैसा ही नहीं मिला ! यह भी सत्य है की लाखों करोड़ रुपये मुद्रा योजना के अंतर्गत दिए भी गए हैं लेकिन यह भी सत्य है की मुद्रा योजना जिनके लिए लागू की गई थी उनको मुद्रा क़र्ज़ मिला ही नहीं और यही वजह है की मुद्रा में एनपीए बढ़ता जा रहा है !

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने व्यापारियों के आग्रह को स्वीकार करते हुए मुद्रा योजना लागू की थी जो केवल उन लोगों के लिए थी जिन्हे कभी बैंकों से व्यापार करने के लिए पैसा ही नहीं मिला ! यह भी सत्य है की लाखों करोड़ रुपये मुद्रा योजना के अंतर्गत दिए भी गए हैं लेकिन यह भी सत्य है की मुद्रा योजना जिनके लिए लागू की गई थी उनको मुद्रा क़र्ज़ मिला ही नहीं और यही वजह है की मुद्रा में एनपीए बढ़ता जा रहा है !

श्री भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने आशंका जाहिर करते हुए कहा की ऐसा प्रतीत होता है की प्रधानमंत्री श्री मोदी को व्यापार और व्यापारिक मुद्दों के बारे में सही फीडबैक नहीं दिया जा रहा अन्यथा कोई वजह नहीं है की प्रधानमंत्री की सोच के विपरीत व्यापारियों के साथ अनचाहा व्यवहार हो रहा है ! उन्होंने कहा की कॉर्पोरेट सेक्टर सरकार से समस्त सुविद्याएँ के बावजूद जीडीपी में केवल 15 प्रतिशत का योगदान करता है जबकि नॉन कॉर्पोरेट सेक्टर बिना किसी सरकारी सहयता के जीडीपी में 45 प्रतिशत का योगदान करता है फिर भी सरकार के मंत्रियों का प्रेम कॉर्पोरेट सेक्टर पर सदा दिखाई देता है और वहीँ व्यापारियों के बारे में उपेक्षा भी साफ़ तौर पर दिखाई देती है !

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