National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

डीएलएफ फाउंडेशन और डिग्निटी फाउंडेशन ने बुजुर्गों के लिए लिटरेरी स्किल्स कार्यक्रम का किया आयोजन

  • इस कार्यक्रम में गुरुग्राम के 100 से अधिक बुजुर्गों ने लिया हिस्सा ।
  • बुजुर्गों ने अपना दृष्टिकोण व्यक्त करने के लिए ‘ओ माय गॉड’ और ‘छपाक’ जैसी फिल्मों को चुना, तो वहीं कुछ अन्य लोगों ने ‘द रामायण’ और अन्य कहानियों जैसे ‘हाँ हाँ मैं दोषी हूँ’, ‘मैंने मृत्यु के बाद का जीवन देखा है’, आदि से प्राप्त सीख और अनुभवों को साझा किया।

विजय न्यूज़ नेटवर्क
गुरुग्राम। डीएलएफ लिमिटेड के फिलांथ्रोपिक आर्म डीएलएफ फाउंडेशन ने डिग्निटी फाउंडेशन के साथ मिलकर गुरुग्राम के बुजुर्गों के लिए अपने त्रैमासिक कार्यक्रम ‘लिटरेरी स्किल्स- प्रमोटिंग सक्सेसफुल एजिंग’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम गुरुग्राम डीएलएफ फेज-II के कम्युनिटी सेंटर स्थित डीएलएफ फाउंडेशन के सीनियर सिटीजन सेंटर में आयोजित हुआ, जिसमें 100 से बुजुर्गों ने हिस्सा लिया।

वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में उत्साह भरने के साथ ही इस आयोजन का उद्देश्य उनकी बौद्धिक भागीदारी को सुनिश्चित करना भी था। इस कार्यक्रम में श्री आनंद वर्धन, प्रतिष्ठित उद्यमी, ने मुख्य अतिथि रूप में भाग लिया। इस दौरान डॉ. विनय साहनी, सीईओ, डीएलएफ फाउंडेशन, श्री विजय पाहवा, ट्रस्टी, डिग्निटी फ़ाउंडेशन और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर डीएलएफ फाउंडेशन के सीईओ डॉ. विनय साहनी ने कहा, “डीएलएफ फाउंडेशन वरिष्ठ नागरिकों को इस तरह के मंच प्रदान करने में विश्वास करता है। यह उन्हें एक-दूसरे से जुड़ने और जीवन की दूसरी पारी को बेहतर बनाने के कई अवसर प्रदान करता है।”

इस आयोजन में 100 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और उन्होंने अपने पसंदीदा पुस्तकों, फिल्मों, थिएटर और अन्य साहित्य से संबन्धित अनुभवों को साझा किया। जहां कुछ लोगों ने अपना दृष्टिकोण व्यक्त करने के लिए ‘ओ माय गॉड’ और ‘छपाक’ जैसी फिल्मों को चुना, तो वहीं कुछ अन्य लोगों ने ‘द रामायण’ और अन्य कहानियों जैसे ‘हाँ हाँ मैं दोषी हूँ’, ‘मैंने मृत्यु के बाद का जीवन देखा है’, आदि से प्राप्त सीख और अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम में आए मेहमानों ने वरिष्ठ नागरिकों के अर्थपूर्ण जुड़ाव के महत्व पर बात की, साथ ही बताया कि कैसे जीवन के इस पड़ाव पर किताबें और साहित्य एक व्यक्ति के सबसे अच्छे साथी बन जाते हैं।

किताबें पढ़ना, फिल्में या पसंदीदा शो देखना, नए जगह की यात्रा करना और लोगों के साथ बातचीत करना सीखने का सबसे बेहतर और प्रभावी तरीका माना जाता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के बीच सीखने की रुचि को प्रोत्साहित करना और उनमें पढ़ने की चाह विकसित करना था।

इस दौरान वरिष्ठ सदस्यों द्वारा मोहक नृत्य और मधुर संगीत की प्रस्तुति की गई, जो बहुत आनंददायक था। इस समारोह का समापन विजेताओं के बीच पुरस्कार वितरण और धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। डीएलएफ फाउंडेशन और डिग्निटी फाउंडेशन वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। इस दिशा में उन्होंने साथ मिलकर कई पहल किये हैं।

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar