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डॉक्टर हवाचंद फेंफड़े वाला!

ऐय्य! फेंफड़े ले लो! किडनी ले लो! ऐय्य! आंखें ले लो! पुराने फेंफड़े बदलवालो! ऐय्य! किडनी बदलवालो! ऐय्य! भैनजी! नए होंठ लगवा लो! होंठ-फेंफड़े बदलने वाला तुम्हारी गली में आया है। अभी नए फेंफड़ों का मौसम छाया है। कोरोना भाग जाएगा अगर तुम्हारी अच्छी काया है। डॉक्टर ने तुम्हारी गली में आके मीठा गीत गाया है। आपका वही पुराना डॉक्टर हवाचंद फेंफड़े वाला! जैसे बढ़िया अचार केंकड़े वाला। पुरानी साइकिल पर बड़ी मुश्किल से पैडल चांप रहा है। कांपते-धांसते। डॉक्टर आ रहा है। सामने गली में कुत्ता देख वह कांप रहा है। साइकिल के हैंडल पर फेंफड़ा, किडनी, आंखें, गुर्दा, लीवर, होंठ आदि लटकाए हुए है। गली में फेरी लगाकर डॉक्टर साहब फेंफड़े-किडनियां बेच रहे हैं। किडनी को फूंक मारकर साफ कर रहे हैं। लीवर चाहे नया लगवा लो। या पुराने में हवा भरवा या उसे साफ करवा लो। दिल की नसों को हाथों-हाथ जोड़ रहे हैं। बेवफा दिलों को हथौड़े से तोड़ रहे हैं। बबूल के नीचे बासी दिल को फफेड़ रहे हैं। टूटे दिल को वेल्डिंग कर जोड़ने के विशेषज्ञ हैं। साइकिल धारी डॉक्टर बांग मार रहा है। डॉक्टर हवाचंद के पास आदमी के हर ऑर्गन का रिप्लेसमेंट है।
सरकारी योजनाओं से रूखे-सूखे खिचड़ी बिखरे बाल। उद्घाटन की प्रतीक्षा में खड़े नए पुल से फटे-पुराने झुर्रीदार गाल। सरकारी दफ्तर की फाइलों जैसे पपड़ी जमे होंठ। गले में पुराने अफसर सा  बल-खाया झूलता स्टेथेस्कोप! डॉक्टर के फेफड़े बाहर निकल कर साइकिल के हैंडल पर लटके हैं। किडनी साइकिल के कैरियर पर पसरी है। आंखें पूरी गली में बिछी है! डॉक्टर ने घंटी बजाई। घर के अंदर से तीन मुंडियां खिलखिलाई। किसने घंटी बजाई? डॉक्टर बिलबिलाया- भैन जी! कल से कुछ नहीं खाया है। प्लीज! आप अपने फेंफड़े की रिपेयर करा लीजिए। बस मुट्ठी भर अनाज दे दीजिए। तीन दिनों से पेट खाली है। कुछ नहीं तो आप एक वैक्सीन ही लगवा लीजिए। जापानी वैक्सीन मेरे झोले में पड़ी है। मुझ पर दया कीजिए। इधर मेरे पेट की तरफ देखिए। नेताओं की नीति सा, सरकारी वादों की पोटली सा, ब्यूरोक्रेट की जिम्मेदारी सा एक दम खाली है। बेटी ने कहा- मम्मी बेचारे डॉक्टर पर कुछ तो दया करो। कुछ नहीं तो अपने नाखून की सफाई ही करवा लो। बेचारा गली-गली भटक रहा है। यमदूत जाने कहां चले गए। हर एक जंतु स्वस्थ हो गया। डॉक्टरों का धंधा मटियामेट हो गया। बेचारे पर दया कीजिए। इतना कहा कि गली में खड़े डॉक्टर ने फिर से अपना पेट बताया। साइकिल पर लटके एक ताजे फेंफड़े को हवा में हिलाया। कहा- प्लीज! लगवा लीजिए न एक ताजा फेंफड़ा। कंपनी का है। बिल्कुल नया। वाजिब दाम लगा दूंगा। होलसेल की रेट। जिस भाव आया उसी भाव लगा दूंगा। बस आप तो मुझे मेरी मजूरी दे दीजिए। डॉक्टर बिलबिला रहा है। स्वर्ग में यमराज एसी में पड़ा आराम फरमा रहा है। पीछे वाली गली का पति आवाज लगा रहा है- ए डॉक्टर! अगर तेरे पास साइलेंट जीभ हो तो मेरी पत्नी के लगवाना है। डॉक्टर का हैंडल पति की ओर घूम रहा है।
 रामविलास जांगिड़
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