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17 साल में पहली बार मारुति को हुआ घाटा, रेवेन्यू भी 79 फीसदी कम

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण की वजह से बुरी तरह मुश्किल में फंसी अर्थव्यवस्था का संकट गहराता जा रहा है. इस दौर में कई दिग्गज कंपनियां भी मुश्किल में फंसी हुई. अब तक बेहतर मुनाफा कमा रही देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी को 2003 के बाद पहली बार घाटे का सामना करना पड़ा है. देश भर में लॉकडाउन की वजह से मारुति सुजुकी के संयंत्रों में उत्पादन रुकने का कंपनी पर काफी असर पड़ा है और इस वजह से जून तिमाही में कंपनी को 249.4 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है. पिछले वर्ष की समान अवधि में कंपनी को 1,435.50 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था. पिछले 17 साल में कंपनी को पहली बार किसी तिमाही में घाटा हुआ है.
कंपनी के रेवेन्यू में 79 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 19,719.80 करोड़ रुपये से घट कर 4106.50 करोड़ रुपये तक गिर गया है. कंपनी की बिक्री घट कर 18,735 करोड़ रुपये से घट कर 3667.5 करोड़ रुपये रह गई है. कंपनी का खर्चा भी 69 फीसदी घट गया है. यह 18,645.3 करोड़ से घट कर 5,770 करोड़ रुपये रह गया है. यह साबित करता है कि कंपनी की निर्माण प्रोडक्शन गतिविधिया कितनी घट गई है.कोविड-19 को काबू करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की वजह से मारुति सुजुकी को अपना उत्पादन रोकना पड़ा था. कंपनी के कई संयंत्रों में उत्पादन बंद रहा था.

गाड़ियों की बिक्री में भारी गिरावट
मारुति सुजुकी की गाड़ियों की बिक्री में भी काफी गिरावट आई है. जून तिमाही में इसने 76,599 गाड़ियां बेचीं, जबकि पिछले साल जून तिमाही में इसने 4,02,594 गाड़ियां बेची थीं. घरेलू मार्केट में कंपनी ने 67,027 गाड़ियां बेचीं, जबकि 9,572 गाड़ियों का निर्यात किया. कंपनी कैश संकट का सामना कर रही है. अगले कुछ दिनों में हालात नहीं सुधरे तो कंपनी के ऑपरेशन पर इसका असर पड़ सकता है.

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