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ताजी ऑक्सीजन माय एयर मास्क ऐप पर

वर्ष 2035 में एयर पोलूशन की स्थिति पर आलू युनिवर्सिटी के चालू छात्र द्वारा निबंध लिखा गया। इस निबंध को भारी वाहवाही मिली। यह आपके रीडार्थ सादर प्रेषित है महोदय जी! अगले वर्ष से घर से बाहर सड़क पर चलने के दौरान सभी व्यक्तियों को अपने मुंह पर एयर मास्क लगाना अनिवार्य हो जाएगा। अगर किसी भी व्यक्ति के मुंह पर एयर मास्क नहीं लगा होगा तो उसे चालीस गुना एयर टैक्स देना होगा। इस एयर टैक्स की वसूली राष्ट्रीय ऑक्सीजन निदेशालय के अधिकारियों द्वारा की जाएगी। सरकार ने एयर पोलूशन से निपटने के लिए एक अधिनियम जारी कर दिया है। यह एयर मास्क अलग-अलग रंगों में उपलब्ध होगा जो अलग-अलग जाति और धर्म के आधार पर दिया जाएगा। यह बड़ों के लिए अलग और बच्चों के लिए अलग बनाया जाएगा। साथ ही जानवरों के लिए भी अलग से बनाया जाएगा। पशुपालन विकास समिति ने इस पर गहरा हर्ष व्यक्त कर आसमान में पटाखे फोड़कर अपनी खुशियों को जाहिर कर ठेठ आसमान में पहुंचा दिया है। वर्तमान में इस एयर मास्क को प्राइवेट कंपनियों से सीधे खरीद सकते हैं। साथ ही साथ किसी भी सरकारी कार्यालय से भी इसको खरीदा जा सकता है। इसे ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन करके भी मंगवाया जा सकता है। एयर मास्क खरीदकर इसे अपने शरीर पर चिपका कर सड़क पर चलने की आधिकारिक अनुमति लेनी होगी। जो भी व्यक्ति निर्धारित अवधि से पहले एयर मास्क खरीद कर इसके लिए पूर्व निर्धारित क्यू आर कोड अपने शरीर पर चिपका लेगा; उसे एक धूप की डिबिया मुफ्त में दी जाएगी। धूप की डिब्बियां राज्य धूप आयोग की वेबसाइट पर सिंगल क्लिक पर उपलब्ध होगी। देश के नागरिकों को समान रूप से धूप का वितरण करने के लिए राजधानी क्षेत्र सहित सभी शहरों व नगरों में सरकारों ने अपनी कमर को जोरदार तरीके से कस ली है। सभी नागरिकों में धूप का बराबर-बराबर वितरण हो सके इसके लिए सरकार ने धूप की डिबियां पहले से ही बेचना शुरू कर दिया है।

एयर मास्क की अनिवार्यता को देखते हुए सरकार ने एयर मास्क खरीदने के लिए इसे माय एयर मास्क ऐप की सहायता से डाउनलोड करने का आदेश जारी किया है। माय एयर मास्क ऐप को बैंक अकाउंट से लिंक कर दिया है। जो भी व्यक्ति अपनी जीवन सांसों के रजिस्ट्रेशन नंबर इस पर डालेगा तब माय एयर मास्क ऐप एक्टिवेट होगा। यह ऐप चेटीएम जमेजॉन आदि के साथ भी लिंक किया जा सकेगा। इस ऐप में यूपीआई पेमेंट के जरिए कोई भी अपने एयर मास्क को तुरंत रिचार्ज कर पाएगा। यह एयर मास्क राष्ट्रीय ऑक्सीजन आयोग के कार्यालय से सीधा लिंक होगा। यहां से ऑक्सीजन नालों में तैरती हुई इस ऐप के सहारे सीधे नाक-मुंह में घुस जाएगी। सभी नागरिकों को सांस लेने के समान अधिकार देने के लिए सरकार ने ऑक्सीजन गैस को सीधे व्यक्तियों के नाक-मुंह में डालने का निर्णय लिया है ताकि गरीबों को भी ऑक्सीजन मिल सके। सभी व्यक्ति अपने-अपने जीवन आधार नंबर और अपने बर्थ सर्टिफिकेट को इस एप के साथ सीधे लिंक करा सकेंगे। बुजुर्गों के लिए एक प्रीपेड पैक सुविधा भी होगी। जिसमें वे सड़क पर चलते हुए, बिना रुके व बिना समय गंवाए सांस लेने के लिए निर्धारित ऑक्सीजन लेते हुए तेजी से चल सकेंगे। इसमें एक पॉलिटिकल रेडियो फ्रिकवेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जाएगा। बुजुर्ग व्यक्ति, मरीज और महिलाओं को प्री इंस्टालेशन पर भारी छूट दी जाएगी। एकदम ताजा-ताजा ऑक्सीजन सीधे-सीधे अपने अपने मुंह अथवा नाक में डलवाने के लिए सरकार द्वारा की जाने वाली इस कार्यवाही में अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 180 200 500 1000 1000 से संपर्क किया जा सकता है। जिन्हें भी एयर मास्क लगाने के बाद भी सांस लेने में तकलीफ होने लगती हो तो वे सांस रोककर इस टोल फ्री नंबर पर तुरंत फोन करें। सीधे शिकायत दर्ज कराएं। इन्हें राष्ट्रीय ऑक्सीजन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जहां पर ऐसी शिकायतों का तुरंत निपटान करने के लिए एक राजनैतिक कमेटी बनाई गई है। प्रारंभिक तौर पर व्यक्तियों में ऑक्सीजन लेने के प्रति जवाबदेही तय करने के लिए आमंत्रण फीस केवल 10,000 रुपये प्रति माह रखी गई है। एक ओर सरकार इसे अपनी महान उपलब्धि बताकर गर्व से अपना माथा हिमाचल से भी ऊंचा करके चलने लगी है वहीं विपक्षी इस व्यवस्था को घातक बताते हुए मंगल ग्रह पर बसने के लिए सरकार से वीजा व अतिरिक्त बैलगाड़ियों की मांग कर रहे हैं।

रामविलास जांगिड़,18, उत्तम नगर, घूघरा, अजमेर (305023) राजस्थान

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