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देश में Edible Oil की बढ़ती कीमतों से सरकार परेशान, दाम कम करने के लिए अपनाएगी ये उपाय

नई दिल्ली. देश में खाद्य तेलों की बढ़ रही कीमतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. खाद्य तेलों के दामों को कंट्रोल करने की रणनीति बनाने के लिए केंद्र सरकार शुक्रवार को अहम बैठक करने जा रही है.

शुक्रवार को प्राइस मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक
सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को खाद्य तेलों (Edible Oil) की कीमतों की समीक्षा करने के लिए केंद्र सरकार की प्राइस मॉनिटरिंग कमेटी (Price Monitoring Committee) की बैठक होगी. कोरोना संकट शुरू होने के बाद खाद्य तेल की कीमतों लगातार बढ़ातार बढ़ती जा रही हैं. ऐसे में माना जा रहा है यह कमेटी खाद्य तेल की कीमतें काबू में रखने की सिफारिश कर सकती है.

इंपोर्ट डयूटी में कटौती कर सकती है सरकार

सूत्रों के अनुसार प्राइस मॉनिटरिंग कमेटी खाद्य तेल की कीमतों में कमी लाने के लिए दोबारा से इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती करने की सिफारिश कर सकती है. कमेटी ने इससे पहले नवंबर महीने में इंपोर्ट डयूटी में कटौती की थी. बता दें कि भारत खाद्य तेल की अपनी जरूरतों का तकरीबन दो तिहाई हिस्सा आयात से पूरा करता है और आयात महंगा होने से खाद्य तेल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं.

दुनियाभर में तिलहनों के उत्पादन में कमी आई
सहयोगी वेबसाइट zeebiz.com में प्रकाशित खबर के मुताबिक, सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) के चेयरमैन दाविश जैन ने बताया कि ग्लोबल मार्केट में तेजी की वजह से भारत में खाद्य तेल (Edible Oil) के दामों में तेजी देखी जा रही है. उन्होंने बताया कि मौसम अनुकूल नहीं होने की वजह से दुनियाभर में इस बार तमाम तिलहनों के उत्पादन में कमी आई है जिससे मांग के मुकाबले आपूर्ति कम है. लिहाजा खाद्य तेल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर हैं.

जरूरत का 65 प्रतिशत खाद्य तेल होता है आयात
जैन ने बताया कि भारत खाद्य तेल (Edible Oil) की जरूरत का करीब 65 फीसदी आयात करता है. इसलिए विदेशी बाजार में तेल-तिलहनों के दाम में तेजी की वजह से घरेलू बाजार में तेल के दाम में बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, उन्होंने कहा कि दो महीने बाद दक्षिण अमेरिकी देशों की नई फसल आने वाली है और अगर फसल अच्छी रही तो तेल के दामों में थोड़ी नरमी आ सकती है.

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