National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

हर राह में उसे खोजा

तेरी तस्वीर पलकों में बसा कर तुझे
हर दहलीज की दरों दीवारों में खोजा।
तू कहाँ किस जिस्म में छूपा बैठा रहा
कर याद तेरे इस दिल के स्वरों में खोजा।
तुझे जरा भी रहम क्यों नहीं आ रहा
हम बंदे तेरी हर दुआ में तुझे खोजा।
वक्त के है मारे जो मुलाकात नहीं हुई
तेरे गुनाहगार माफी के लिए तुझे खोजा।
तरस रहे है तेरी इक झलक पाने के लिए
जिंदगी की उम्र गुजरने से पहले तुझे खोजा।
तू अगर मिल जाये तो दिल का हाल सुनाये
हकीकत में नजर तू आये तुझे खोजा।
कदम ये जो तेरी उम्मीदों के सहारे उठे
इबादत से भरे चिराग जला तुम्हें खोजा।
भारती उस मालिक की गरज कर तूने
हर मन्नत से हर राह में उसे खोजा।

मंगल व्यास भारती
गढ़ के पास , चूरू राजस्थान

Print Friendly, PDF & Email
Translate »