National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

हृदय रोगियों को कोरोना वायरस से 11.6 गुना ज्यादा खतरा

विजय न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है। ऐसे में जो लोग पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त हैं, उनमें nCOVID19 का खतरा सबसे ज्यादा है। इस वायरस की शुरुआत चाइना के वुहान शहर में हुई जो अब एक महामारी का रूप ले चुकी है। चूंकि, यह वायरस भारत में भी फैल रहा है इसलिए इसे नियंत्रित करने के लिए इसकी रोकथाम से संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक है।

चाइना द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस से बढ़ती मृत्युदर का सीधा संबंध बढ़ती उम्र से है। ऐसे में मृत्यु का खतरा 60 से अधिक उम्र के लोगों में 4 गुना, 70 से अधिक उम्र के लोगों में 9 गुना और 80 से अधिक उम्र के लोगों में 15 गुना ज्यादा है। चाइना द्वारा प्रदान किए गए ये आंकड़े अबतक 2 जर्नल में छापे जा चुके हैं, जिसमें एक लेंसेट (वुहान से 191 मामले) और दूसरी साप्ताहिक चाइना सीडीसी (चाइना भर से 44672 मामले) शामिल है।

नई दिल्ली स्थित साओल हार्ट सेटर के निदेशक डॉ- बिमल छाजेड़ ने बताया कि, “अभी तक जितने भी मामले सामने आएं हैं उनसे यह साफ है कि हृदय रोगियों में nCOVID19 से मृत्यु का खतरा 11.6 गुना ज्यादा है। इसके अलावा डायबिटीज और उच्च रक्तचाप के रोगियों में इसका खतरा 8 गुना ज्यादा है, जहां रोगी की इम्यूनिटी बेहद कमजोर होती है, जिसके कारण शरीर में किसी भी प्रकार के संक्रमण या रोग से लड़ने की क्षमता बहुत कम होती है। ”

हालांकि, कोई भी व्यक्ति इस वायरस की चपेट में आ सकता है, लेकिन चाइना में इससे मृत्यु का खतरा 2.3% से कम था। ऐसे में 97.3% मामलों में मरीज की जान बचाना संभव है। वहीं, युवाओं में मृत्यु का खतरा 0.9% से भी कम है। डॉक्टर बिमल छाजेड़ ने विशेषकर हृदय रोगियों को खास ध्यान रखने की सलाह दी है, जिससे वे कोरोना वायरस की चपेट में आने से बच सकें।

दिल के मरीजों को अपने ब्लड प्रेशर (बीपी) और शुगर को संतुलित रखने की आवश्यकता है। मांसाहारी खाने से परहेज करें और तेल का प्रयोग कम से कम करें। बाहर जाकर सैर करने की बजाए घर पर ही वॉक करें और प्रतिदिन आधे घंटा योगा और मेडिटेशन को दें। शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी, हल्दी, आमला, तुल्सी, हरी सब्जियां, सलाद, ताजे फल और पानी का अधिक से अधिक सेवन करें।

डॉ- छाजेड़ ने आगे बताया कि, “मेडिकेशन की बात करें तो स्टेटिन की डोज़ को 10एमजी से बढ़ाएं और एसीई अवरोधक / एंजियोटेंसिन रिसेप्टर ब्लॉकर (एसीई-1 और एआरबी) की दवाइयों का सेवन तुरंत बंद कर दें। ये दोनों दवाइयां कोरोना वायरस के खतरे को बढ़ाती हैं। अपनी दवाइयों में किसी भी तरह के बदलाव से पहले अपने फिजीशियन से सलाह लें। लो इजेक्शन फ्रेक्शन वाले लोगों को किसी भी तरह के तरल पदार्थ का सेवन कम से कम करना चाहिए।”

Print Friendly, PDF & Email
Tags:
Skip to toolbar