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घर बैठें कैसे कंट्रोल करें थायरॉयड, जानें कुछ घरेलू उपाय

गर्दन में तितली के आकार की ग्रंथि होती है थायरॉयड जो शरीर के मेटाबॉलिक प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। इस ग्लैंड के प्रमुख कार्य वजन पर संतुलन, थर्मोरेगुलेशन और हार्मोनल फंक्शन हैं। बताया जाता है कि जब किसी व्यक्ति के शरीर में थायरोक्सिन हार्मोन का प्रोडक्शन कम या ज्यादा मात्रा में होने लगता है तो लोग थायरॉयड की बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं। इस बीमारी के मरीजों को अपनी जीवन-शैली का खास ख्याल रखना चाहिए। साथ ही, घरेलू उपायों का इस्तेमाल करने से भी मरीजों को फायदा होगा।

नारियल तेल

  • इस तेल में मीडियम चेन फैटी एसिड्स होते हैं जो थायरॉयड फंक्शन को बेहतर करता है। ये तेल वजन घटाने, मेटाबॉलिज्म बढ़ाने और शरीर का तापमान बढ़ाने में सहायक होता है। बाकी तेलों के मुकाबले नारियल तेल में सैच्युरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है जो थायरॉयड के मरीजों के लिए फायदेमंद है।

सेब का सिरका

  • सेब का सिरका हार्मोन के बैलेंस्ड प्रोडक्शन में मददगार होता है। ये चयापचय को मजबूत करने और बॉडी फैट को काबू करने में सहायक होते हैं। शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करने और पोषक तत्वों के अवशोषण में सेब का सिरका कारगर होता है।

अदरक

  • अदरक में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों की अधिकता होती है, ये शरीर से इंफ्लेमेशन को दूर करने में मदद करता है। आप अदरक वाली चाय या फिर जिंजर ऑयल का सेवन करना चाहिए।

हल्दी

  • हल्दी में मौजूद तत्व करक्यूमिन थायरॉयड को कंट्रोल करने में मददगार होते हैं। रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना भी थायरॉयड रोगियों के लिए फायदेमंद होगा।

बेरीज

  • इस फल में काफी मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं जिससे हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत बना रहता है। स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रस्पबरी आदि का सेवन हाइपर थायरॉयडिज्म में लाभ पहुंचाता है।

बीन्स

  • बींस फाइबर, प्रोटीन खनिज और विटामिन से भरपूर होते हैं। फाइबर कब्ज और पेट की समस्याओं को खत्म करता है। साथ ही बींस में एंटी – ऑक्सीडेंट्स और कार्बोहाइड्रेट भी भरपूर मात्रा में होते हैं।

विटामिन डी

  • कुछ विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे मछलियां जिसमें सालमन और मैकेरल, डेयरी उत्पाद, संतरे का रस आदि का सेवन करना लाभदायक होता है। माना जाता है कि शरीर में विटामिन डी की कमी से भी थायरॉयड का खतरा बढ़ता है।
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