न्यूज के लिए सबकुछ, न्यूज सबकुछ
ब्रेकिंग न्यूज़

आपके बिना अधूरा हूँ मैं माँ

माँ आप बहुत याद आती हैं।
“आप के बिना आज अधूरा हूँ माँ”
माँ आप मुझे छोड़ कर कहा चली गई?
आपके बिना जीवन व्यर्थ लगता है।आप बहुत याद आते हो और याद आता है वो दिन जब मुझे घर आने में देर हो जाती थी तो आप मेरे आने तक दरवाजे पर नजर लगाए बैठी रहती थी।मुझे पापा की डांट से बचाने के लिए मेरे कदमों की आहट सुनते ही धीरे से दरवाजा खोलकर अंदर ले लेती थी। बहुत बनावटी गुस्सा करके कहती कल से घर पर जल्दी आना। पापा बहुत नाराज हैं।
माँ आप मेरे कमरे में भोजन व दूध लेकर आती और प्यार से सर पर हाथ फेर कर कहती कल से घर जल्दी आना अन्यथा में तुमसे बात नही करूंगी,नाराज हो जाऊंगी। माँ आप अपने बेटे से इतनी नाराज क्यों हो गई,जो आप अपने दिल के टुकड़े को अकेला छोड़ कर चली गई।
माँ मैं आपके बिना कैसे जी पाऊंगा आपको एक पल नहीं भूलता हुँ। मेरी सांसों में आप हर पल हैं।
माँ आप प्यार,त्याग,तपस्या,
ममता,दया,करुणा,संवेदना,भावना, समर्पण की अमित मिशाल हो।मेरे शरीर का एक- एक रोम आपका कर्जदार है। मैं आपके कर्ज कैसे चुका पाऊँगा । मेरी खुशी के लिए खुद ने इतने कष्ट सहे।अब मेरा फर्ज निभाने का अवसर आया तो आप मुझे छोड़ कर चली गयीं।
माँ मैं जब भी परेशान होता था तो आपकी गोद में सर रखकर सोता था।आप जब स्नेह,ममता ओर प्यार से सर पर हाथ रखती तो सारे कष्ट दूर हो जाते थे।तो बहुत सुकून मिलता था मानो जन्नत मिल गई।
माँ आज ना आप है, ना आपका वो आंचल। माँ अब आपकी यादो के सहारे जीने की कोशिश कर रहा हुँ। आपसे मिले संस्कार की बदौलत मुझे नाम, यश, कीर्ति, प्रसिद्धि, मान, सम्मान सब मिला।अच्छी और प्रतिभाशाली संतान मिली लेकिन यह सब आपके बिना अधूरा लगता है।माँ आप इतनी जल्दी अपने दिल के टुकड़े को अलग करके क्यो चली गई। क्या आपको अपने बेटे की याद नहीं आती। आपके अहसास मात्र से ही दिल भर आता है, गला उवृद्ध हो जाता है।आंखे बहने लगती है। सब कुछ व्यर्थ लगता है।
माँ आप बहुत याद आती हैं।
“आप के बिना आज अधूरा हूँ माँ”

 

डॉ. शम्भू पंवार

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar