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जान है तो दुनिया जहान है कोरोना संक्रमण से बचने का सावधानी ही उपाय है

दुनिया के साथ आज अपना देश भारत भी कोरोना नामक वायरस से उत्पन्न संक्रामक बीमारी से आक्रांत है। इससे निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारियां चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है यह एक ऐसी बीमारी है जो व्यक्ति से व्यक्ति फैल सकता है। यह एक प्रकार के सामान्य सर्दी बुखार जैसी बीमारी है।इसमें गला से लेकर फेफड़ा तक संक्रमण होता है।इस कारण यह भयावह रूप ले लिया है। इस बीमारी की शुरुआत चीन के वुहान प्रांत से माना जा रहा है। इस दुनिया के 170 से अधिक देशों में यह बीमारी पांव पसार चुका है। भारत में भी इसके कुछ पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं जिनमें से कई पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर लौट गए और कुछ लोगों का लगातार इलाज चल रहा है। इस बीमारी में 80% व्यक्ति बिना किसी खास नुकसान के ठीक हो जाते हैं 20% को सघन चिकित्सा की आवश्यकता पड़ती है और मुश्किल से चार से पांच फ़ीसदी को वेंटिलेटर की आवश्यकता होती है। इसमें मृत्यु दर बहुत ही न्यूनतम 1% से भी कम। मृत्यु दर मुख्य रूप से कमजोर,रोग ग्रस्त,कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले,वृद्धजनों में हीं पाया जाता है। फिर भी सभी देशवासियों को इससे बचाव के लिए आगे आना चाहिए और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए।
स्टील और प्लास्टिक पर कोरोना वायरस 72 घंटे सक्रिय रहता हैं , कार्डबोर्ड अथवा लकड़ी पर 24 घंटे ,और हवा में कितनी देर सक्रिय रहता हैं इसपर अभी वैज्ञानिकों में एक राय नहीं हैं।
हवा में कोरोना वायरस आधे घंटे से नौ घंटे तक भी सक्रिय अथवा स्टैंडबाई मोड में रह सकता हैं, जहां किसी पोटेंशियल रिसीवर के आने पर वह सक्रिय हो सकता हैं। और आप वायरस के लिये कितने पोटेंशियल हैं यह आपको नहीं वायरस को तय करना हैं। जिन देशों में कोरोना वायरस फैल रहा हैं वहां पिछले कई हफ्तों से कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है। ताकि हालात काबू किये जा सके।
इसलिए सावधान रहिए , सुरक्षित रहिए।
स्वास्थ्य संकट की इन विपरीत परिस्थिति में स्वास्थ्य विभाग के दिशानिर्देशों को हमें पूरी तरह से पालन करना चाहिए और अगर अत्यधिक जरूरत ना हो तो सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।अपने आसपास के लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करें।जागरूकता ही बचाव का सबसे उत्तम तरीका है।इस समस्या से लड़ने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मचारी एवं स्वयंसेवक अपनी जान जोखिम में डाल कर अपने मूलभूत कर्तव्यों का बड़ी ईमानदारी से पालन कर रहे हैं। इस प्रस्तुति में हम सभी जिम्मेवार नागरिकों का भी कर्तव्यों बनता है कि उनका अपनी तथा देशवासियों को इस भयंकर बीमारी से बचने में सहयोग करें।अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य सुरक्षा का सुनिश्चित करते हुए , जन कर्फ्यू अभियान को सफल बनाये ।निर्धारित नियमों का पालन करें ।स्वस्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन और खानपान की चीज़ो का सेवन करें गर्म चीज़े खाये जैसे ..अदरक , लहसून का प्रयोग करें । गर्म पानी पीएं ,चाय में अदरक डालें , मास्क ,हेंडवाश करें । जान है तो दुनिया जहान है।
इस बीमारी के बचाव के लिए विश्व स्वास्थ संगठन WHO की वेबसाइट पर और अपने राष्ट्रीय और स्थानीय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध COVID -19 प्रकोप की नवीनतम जानकारी से अवगत रहें। COVID-19 अभी भी चीन में ज्यादातर लोगों को प्रभावित कर रहा है,अन्य देशों में कुछ प्रकोपों ​​के साथ।अधिकांश लोग जो संक्रमित हो जाते हैं वे हल्के बीमारी का अनुभव करते हैं और ठीक हो जाते हैं,लेकिन यह दूसरों के लिए अधिक गंभीर हो सकता है।अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और निम्न कार्य करके दूसरों की रक्षा करें:-

साबुन या अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से हाथ धोएं
हाथ साबुन से बार-बार हाथ धोना इस संक्रमण से बचने का एक बेहतर उपाय है।अपने हाथों को अल्कोहल-आधारित हाथ से नियमित रूप से और अच्छी तरह से साफ करें या उन्हें साबुन और पानी से धोएं।इससे संक्रमण का खतरा कम होता है।वैसे भी साबुन से हाथ धोना स्वास्थ्य के नजरिए से काफी लाभदायक है।यह आपको किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाता है।खास करके मौसम के बदलाव के समय कई प्रकार के संक्रमण आसानी से होते हैं जिसका मुख्य कारण मौसम में आए बदलाव से उत्पन्न वायरस होते हैं।

सामाजिक दूरी बनाकर रखें
सर्दी खांसी और बुखार से ग्रसित लोगों से कम से कम 1 मीटर (3 फीट) की दूरी पर अपने आप को और उन लोगों को जो खांस रहे हैं या छींक रहे हैैं,के बीच दूरी बनाए रखें।क्योंकि जब किसी को खांसी या छींक आती है तो वे अपनी नाक या मुंह से छोटी-छोटी तरल बूंदें छिड़कते हैं जिनमें वायरस होने की संभावना होती है। यदि आप बहुत करीब हैं,तो आप खांसी में सांस ले सकते हैं।खांसने वाले व्यक्ति के स्वांस वायु में सीओवीआईडी ​​-19 वायरस भी शामिल हो सकता है यदि खांसी करने वाले व्यक्ति को यह बीमारी पहले से हो।

आप अपने आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें
हम सभी जानते हैं हाथ कई सतहों को छूते रहते हैं जिससे आपका हाथ वायरस से संक्रमित हो हो जाता है। एक बार दूषित होने पर, हाथ वायरस को आपकी आंखों, नाक या मुंह में स्थानांतरित कर सकते हैं। वहां से, वायरस आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है और आपको बीमारी की चपेट में ले सकता है। इसलिए सावधानी बरतें।

आप श्वसन स्वच्छता का अभ्यास करें
सुनिश्चित करें कि आप, और आपके आस-पास के लोग, अच्छी श्वसन स्वच्छता का पालन करें। इसका मतलब है खांसी या छींक आने पर अपनी मुड़ी हुई कोहनी या ऊतक से अपने मुंह और नाक को ढंकना। फिर इस्तेमाल किए गए ऊतक का तुरंत निपटान करें।
क्यों? बूंदों से वायरस फैलता है। अच्छी श्वसन स्वच्छता का पालन करके आप अपने आसपास के लोगों को सर्दी, फ्लू और सीओवीआईडी ​​-19 जैसे वायरस से बचाते हैं।
यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई है,तो जल्द चिकित्सक से सलाह लें। हो सके तो सलाह सर्वप्रथम घर से ही ले चिकित्सक के बुलाने पर ही अस्पताल पहुंचे।यदि आप अस्वस्थ महसूस करते हैं तो घर पर रहें। यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई है, तो चिकित्सा पर ध्यान दें और पहले से फोन करें।

अपने स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करें।
आपके क्षेत्र की स्थिति की जानकारी के लिए राष्ट्रीय और स्थानीय अधिकारियों के पास सबसे अधिक तारीख होगी।अग्रिम में कॉल करने से आपका स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता आपको जल्दी से सही स्वास्थ्य सुविधा के लिए निर्देशित कर सकेगा। यह आपकी रक्षा भी करेगा और वायरस और अन्य संक्रमणों को फैलने से रोकने में मदद करेगा।

सूचित रहें और अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता द्वारा दी गई सलाह का पालन करें
COVID-19 के बारे में नवीनतम घटनाओं से अवगत रहें। अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता, अपने राष्ट्रीय और स्थानीय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरण या अपने नियोक्ता द्वारा COVID -19 से खुद को और दूसरों की रक्षा करने के लिए दी गई सलाह का पालन करें।
आप जिस क्षेत्र में निवास कर रहे हैं उस क्षेत्र में COVID-19 फैल रहा है या नहीं, इसकी जानकारी राष्ट्रीय और स्थानीय अधिकारियों के पास सबसे अधिक होगी। उन्हें इस बात की सलाह देने के लिए सर्वोत्तम स्थान दिया गया है कि आपके क्षेत्र के लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए।
उन लोगों के लिए सुरक्षा उपाय जो हाल ही में (पिछले 14 दिनों के)क्षेत्रों में गए हैं, जहां COVID-19 फैल रहा है ऊपर उल्लिखित मार्गदर्शन का पालन करें।
जब तक आप ठीक न हो जाएं, तब तक घर पर रहें, जब तक कि हल्के लक्षण जैसे कि सिरदर्द और हल्की नाक बहना शुरू न हो जाएं। क्यों? दूसरों के साथ संपर्क से बचने और चिकित्सा सुविधाओं का दौरा करने से ये सुविधाएं अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेंगी और आपको और अन्य को संभव COVID-19 और अन्य वायरस से बचाने में मदद मिलेगी। यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई होती है, तो तुरंत चिकित्सीय सलाह लें क्योंकि यह श्वसन संक्रमण या अन्य गंभीर स्थिति के कारण हो सकता है।अपने स्वास्थ्य प्रदाता को अपने हाल में किए गए यात्राओं के बारे में जानकारी अवश्य दें आप जिन जिन लोगों से मिले हैं उनके बारे में भी जानकारी इकट्ठा कर अपने चिकित्सक को बताएं ताकि वायरस के फैलाव को समझा और रोका जा सके। सावधानी ही बचाव है और बचाव ही कोरोना से बचने का उपाय है

गोपेंद्र कुमार गौतम
शिक्षक और सामाजिक चिंतक
देवदत्तपुर पोस्ट एकौनी
दाऊदनगर औरंगाबाद बिहार-824113
9507341433

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