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अगर हिट रहना है तो आपको फिट भी रहना ही होगा 

कहते है न की अगर  किसी भी राष्ट्र के नागरिक स्वस्थ्य है तो वह राष्ट्र भी स्वस्थ्य है, याद रखना जो रखते है अपने स्वास्थ्य का ध्यान, वो ही एक दिन बनते है महान ,इसीलिए यहां आपसे कह रहा हूं कि यदि जीवन में आगे बढना है ,अपने  सपनों को जीना है और जीवन के किसी भी मुकाम में सफलता हासिल करना है तो सबसे पहले आपको स्वस्थ्य होना बहुत जरुरी है जैसा की कहा भी गया है अच्छा स्वास्थ्य अच्छे मन का घर होता है ,जब हम  स्वस्थ्य होते है तो निश्चित ही हमे  कामो को करने में मन लगता है और फिर किसी भी कार्य को पूरा करने में जी-जान लगा कर हम करते हैं,और एक दिन सफलता के बुलंदी को छू ही लेते है ,इसीलिए लोगो को जागरुक करने के लिए हम सभी प्रत्येक वर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाते है,  इस दिन को मनाने की शुरुआत 1950 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई थी और इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य और उससे जुड़ी समस्याओं पर विचार करना है, विश्व स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य पूरे विश्व में समान स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के बारे में जागरूकता फैलाना और स्वास्थ्य संबंधी मामलों के बारे में सभी मिथकों को दूर करना है। इसके साथ ही सरकारों को स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण तथा उनके सही तरह से क्रियान्वन के लिए प्रेरित किया जाता है। प्रत्येक वर्ष इसके लिए एक थीम निर्धारित की जाती है, जो आंकड़ों के अनुसार वर्ष विशेष में स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले विषयों के आधार पर होती है। बता दें कि पिछले वर्ष विश्व स्वास्थ्य  दिवस का थीम  नर्स और मिडवाइव्स का योगदान था ,वही 2021 का थीम एक निष्पक्ष स्वस्थ दुनिया का निर्माण ” रखा गया है , साथियों कोवीड 19 से उपजी  वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण आज  विश्व में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ती ही जा रही है । अगर हम बोले यहां आपसे की किसी भी राष्ट्र को संपूर्ण रूप से विकसित होने के लिए उस राष्ट्र के लोगो का स्वस्थ होना पहला कदम होता है ,तो यहां हम गलत नही बोल रहे हैं, लेकिन हमारे यहां स्वस्थ्य के बजट को हमेशा ही नीचे रखा जाता रहा है , याद रखना किसी भी देश का सामाजिक-आर्थिक विकास उस देश के सेहतमंद नागरिकों पर ही  निर्भर करता है, किसी भी देश के विकास की कुंजी उस देश के स्वस्थ नागरिक हैं, भारत की सकल राष्ट्रीय आय की दृष्टि से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन जब बात स्वास्थ्य सेवाओं की आती है तो हमारी स्थिति काफी दयनीय साबित होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की अनेक रिपोर्ट से लेकर इस क्षेत्र में हुए अनेक सर्वेक्षण यह बताते हैं कि हमारी सार्वजनिक चिकित्सा व्यवस्था सुधरने की बजाय और बदहाल होती जा रही है।  देखे तो स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित सबसे प्रमुख चुनौती है आबादी के अनुपात में अस्पतालों और डॉक्टरों की कमी, सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं, आधारभूत संरचना, दवाइयों, कुशल व प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य सुविधाओं की भारी कमी है, इसमें भी देखे तो ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी स्वास्थ्य सेवाएँ सबसे बदतर हालात में हैं, कई ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं खुल पाए हैं और अगर खुल भी गए हैं तो वहाँ पर कोई चिकित्सक जाना नही चाहता है।भारत में आर्थिक असमानता के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में भी काफी विषमता है। निजी अस्पतालों की वज़ह से संपन्न लोगों को तो गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो जाती है, किंतु गरीब एवं निर्धन लोगों के संबंध में यह स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है।महँगी होती स्वास्थ्य सेवाओं के कारण आम आदमी द्वारा स्वास्थ्य पर किये जाने वाले खर्च में बेतहाशा वृद्धि हुई है जिससे यह वर्तमान समय में गरीबी को बढ़ाने वाला एक प्रमुख कारण माना जाने लगा है।भारत में अभी भी उच्च शिशु मृत्यु दर एवं प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर बरकरार है। यहाँ हर माह लगभग अस्सी हजार महिलाओं की मौत प्रसव के दौरान हो जाती है।भारत विकासशील और विकसित हो रही दुनिया के बीच फँस रहा है जिससे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मलेरिया, जापानी बुखार एवं डेंगू जैसी कई संक्रमित बीमारियाँ फैल रही हैं। भारत में आज आजादी के इतने वर्षो के बाद भी महिलाएँ एवं बच्चे बड़ी तादाद में कुपोषण के शिकार हैं,सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं राजनीतिक वर्ग में यह अहसास कि स्वास्थ्य सेवा सामान्यतः मतदाताओं के लिये कोई प्राथमिकता नहीं है, इस क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती है। साथियों वर्तमान समय में  देश को एक ऐसी स्वास्थ्य नीति की आवश्यकता है जो मौजूदा समय की चुनौतियों से निपटने में सक्षम हो तथा लगातार परिवर्तित हो रहे परिवेश में उत्पन्न होने वाली संक्रमित बीमारियों से रक्षा कर सके, भारत में स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है, परंतु अभी भी इस क्षेत्र में काफी काम बाकी है। देश में स्वास्थ्य संरचना, उपचार परीक्षण व शोध व निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है ताकि सबके स्वास्थ्य का सपना साकार हो सके। ऐसा हम सभी लोग बचपन से ही सुनते आ रहे है न कि स्वास्थ्य ही धन है यानी अच्छा स्वास्थ्य एक अच्छे दिमाग का घर भी होता है यानि अगर आप स्वस्थ है तो निश्चित ही आपका मन प्रफुल्लित हो सकता है और आपका स्वास्थ्य आपका साथ नही देता है तो हाथ आये बड़े अवसरों को भी हमे चूकना पड़ सकता है, इसलिए आज आप सभी से भी विनम्र निवेदन है कि आज से आप अपने आस पड़ोस के साथ ही अपना और अपने घरों का साफ सफाई का ध्यान रखें और प्रातः काल में ही योगा, व्यायाम , मेडिटेशन करना शुरू किजिए ,और लोगो को भी जागरुक कीजिए
विक्रम चौरसिया
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