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IG का खुलासा: फैसले के बाद कोर्ट से फरार होने की फिराक में था राम रहीम, लाल अटैची था कोड

हरियाणा सरकार की राम रहीम के प्रति मेहरबानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 25 अगस्त की हिंसा के बाद पुलिस तथा सरकार को ऐसे कई सबूत मिल चुके हैं जिसमें यह साफ हो रहा है कि राम रहीम न केवल पंचकूला में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी करके आया था बल्कि उसने अदालत से भागने का भी प्रयास किया था। पंचकूला हिंसा के बाद हरियाणा पुलिस द्वारा इस मामले में लगातार जांच की जा रही है। जांच के आधार पर हरियाणा पुलिस के आला अधिकारी लगातार कई बड़े खुलासे कर रहे हैं। डेरा मुखी के एक सुरक्षा कर्मी द्वारा आईजी स्तर के एक अधिकारी को कथित तौर पर थप्पड़ मारने तथा एक अन्य सुरक्षा कर्मी द्वारा कोर्ट रूम के भीतर गोली चलाए जाने की घटना के बाद पुलिस ने न केवल राम रहीम की गाडिय़ों से कई हथियार बरामद किए बल्कि कई तरह के आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए। अब इस मामले में पुलिस ने नया खुलासा करते हुए साफ कर दिया है कि कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद राम रहीम ने दो बार कोर्ट रूम से भागने का प्रयास किया। इसके लिए वह पहले से ही तैयारी करके आया था।

राम रहीम ने अदालत के फैसले के बाद मंगाई थी अटैची
हरियाणा के आईजी सीआईडी के.के.राव के अनुसार डेरा मुखी ने अदालत का फैसला आने के बाद लाल रंगी की दो अटैची मंगवाई। यह उसका एक कोड था। यह पहले से तय किया गया था कि अदालत का फैसला आने के बाद अगर लाल रंग की अटैची मंगवाई जाती है तो यह संकेत होगा कि सजा हो चुकी है। इसके बाद बाहर खड़े अनुयायी तय योजना के तहत हंगामा शुरू कर देंगे। आईजी सीआईडी ने कहा कि राम रहीम ने जैसे ही अटैची कोर्ट रूम में मंगवाई वैसे ही बाहर हंगामा शुरू हो गया। आई जी के.के.राव वह अधिकारी हैं जिनकी जिम्मेदारी राम रहीम को सेना के हैलीकाप्टर तक पहुंचाने की थी। उन्होंने कहा कि कोर्ट रूम के बाहर खड़े बाबा के अनुयायियों ने जब हंगामा शुरू किया तो उनके लिए बाबा को सेना की पश्चिमी कमान तक पहुंचाने में बड़ी चुनौती थी। इस बीच कोर्ट रूम के भीतर से बाहर खड़ी गाड़ी तक आते-आते राम रहीम के अनुयायियों ने उन्हें वहां से भगाने का भी प्रयास किया। दिलचस्प बात यह है कि आईजी सीआईडी द्वारा मीडिया से बातचीत में आज फिर से यह खुलासा किया गया कि राम रहीम पंचकूला में हुई हिंसा की साजिश में शामिल था। इसके बावजूद अभी तक पुलिस द्वारा राम रहीम के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। बलात्कारी राम रहीम जहां हर समय लाखों लोगों से घिरा रहता था, बड़े-बड़े लोगों को मिलने के लिए समय लेना पड़ता था, आज उसी बाबा को अपने परिजनों से मिलने के लिए प्रशासन से इजाजत लेनी पड़ रही है। दरअसल जेल में आम आदमियों की तरह राम रहीम को सप्ताह में एक दिन अपने परिजनों से मिलने की इजाजत मिलेगी।

जेल महानिदेशक केपी सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि राम रहीम को जेल मैन्युल के मुताबिक अल्फाबेटिकाली किसी एक दिन परिजनों से मिलने की इजाजत दी जाएगी। अभी तक कोई दिन निश्चित नहीं हुआ है लेकिन जेल अधीक्षक जेल मैन्युल के हिसाब से फैसला लेंगे। केपी सिंह ने कहा कि राम रहीम को जेल में कौन सा काम लिया जाएगा इसका फैसला अभी नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि राम रहीम से जेल में माली का काम लिए जाने की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। जेल की सुरक्षा समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई है।

गृह सचिव राम निवास ने डीजीपी बीएस संधू और जेल महानिदेशक के साथ बैठक बुलाई है। बैठक में जेल के अंदर और बाहर की सुरक्षा की समीक्षा होगी। बुधवार को सुनारियां जेल में बंद अन्य कैदियों के परिजन उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे। लेकिन गुरमीत राम रहीम के कारण वे अंदर नहीं जा सके।पुलिस ने उन्हें बिना मिले ही वापिस भेज दिया। बलात्कारी बाबा राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा सुनाने के बाद रोहतक की सुनारिया जेल में रखा गया है। बाहर की दुनिया में अरबों की संपति के मालिक राम रहीम के पास जेल के अंदर केवल सीमेंट से बनी 7 गुना 4 फीट की बर्थ, कंबल और दरी ही है। जेल के नियमों के अनुसार सुबह सभी कैदियों की हाजिरी लगवाकर शपथ दिलाई जाती है कि वे अब बुरा काम नहीं करेंगे। वहीं अब तक घिनौने काम करने के बाद राम रहीम ने भी बुरे काम न करने की शपथ ली। 

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