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आईआईटी रुड़की ने बीईएल से करार कर सेक्युरीटी सर्वेलांस सिस्टम पेश किया

विजय न्यूज़ ब्यूरो
रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से सहयोग करार कर सेक्युरीटी सर्वेलांस सिस्टम पेश किया है। इस सिस्टम के तहत किसी बिल्डिंग में लगे विभिन्न कैमरे/ वीडियो की मदद से उसमें किसी इंसान की गतिविधि की समय के साथ मैपिंग की जा सकती है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ सेक्टर 15 स्थित वृंदावन योजना में 5-9 फरवरी 2020 को आयोजित डिफेंस एक्सपो 2020 में यह पेश किया जाएगा।

सेक्युरीटी सर्वेलांस सिस्टम का यूएसपी किसी इंसान की असामान्य गतिविधि दिखाना; चेहरे की पहचान (फेस आईडी) करना और इंसान के काॅर्डिनेट के रूप में डेटाबेस से डेटा प्राप्त करना और परिसर में उसकी गतिविधि पर नजर रखना; रेड जोन में किसी गतिविधि की चेतावनी देना; आईपी कैमरे की मदद से उस इंसान की पहचान करना और यह जानकारी सुरक्षा प्रणाली का भेज देना है।

यह एक ही मंच पर भारत और विदेशों की रक्षा उत्पादन कंपनियांे के लिए रक्षा क्षेत्र के अपने उत्पादों और सेवाओं के प्रदर्शन का बड़ा अवसर होगा। इस वर्ष के आयोजन का मुख्य विषय ‘भारत: रक्षा उत्पादन का उभरता केंद्र’ है और इसका मुख्य आकर्षण ‘रक्षा का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन’ होगा।

प्रो. अजीत के चतुर्वेदी, निदेशक, आईआईटी रुड़की ने कहा, ‘‘हम सेक्युरीटी सर्वेलांस सिस्टम पेश करने के लिए बीईएल से सहयोग करार पर बहुत प्रसन्न हैं।’’

प्रो. कमल जैन, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी रुड़की ने कहा, “रक्षा उत्पादन के विभिन्न क्षेत्रों और बीईएल की साझेदार अन्य एजेंसियों से बहुत उत्साहवर्द्धक प्रतिक्रिया मिली है। हमारे हाल के महत्वपूर्ण शोध ने हमारे विशेषज्ञों को असरदार बुनियादी सुरक्षा निगरानी व्यवस्था की गहन जानकारी प्रदर्शित करने में सक्षम बनाया है। बीईएल के सहयोग से इसका परिचालन सुचारु होगा, व्यावसायिक सक्षमता में सुधार और लागत में भी कमी आएगी।

सेक्युरीटी सर्वेलांस सिस्टम के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य होंगे जैसे किसी स्थान पर निगरानी, सुरक्षा रखना, सैन्य गुप्त सूचना (सीमा की चैकसी), संदिग्ध गतिविधि का पता लगाना, कार्यालय प्रशासन, उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों/वीडियो के मामले में नेविगेशन, लोगों की गुप्त सूचना एकत्र करना, सार्वजनिक और निजी अपराध की रोकथाम, गोपनीयता के उल्लंघन पर नजर रखना, किसी कार्य प्रक्रिया का संरक्षण, वायरलेस सेक्युरीटी ट्रैकिंग आदि।

सिस्टम की कार्य प्रक्रिया: आईपी कैमरे की मदद से हम तस्वीरों/ विडियो में किसी इंसान के निर्देशांक (काॅर्डिनेट) एकत्र कर सकते हैं और इसे डेटाबेस में भेज सकते हैं। किसी इंसान के निर्देशांक की मदद से उसकी असामान्य गतिविधि पर नजर रखना और उसके रेड जोन में जाने की चेतावनी देना आसान होगा। इसके अलावा संदिग्ध इंसान जब भी परिसर में कदम रखेगा उसकी गतिविधि पर निगरानी बनी रहेगी। किसी इंसान के निर्देशांक की पहचान आईपी कैमरे फेस आईडी के माध्यम से करेंगे। यह निगरानी प्रणाली उच्च स्तरीय सतर्कता सुरक्षा क्षेत्र जैसे कि रक्षा सेवाओं, निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में विशिष्ट उच्च अधिकारियों को उच्च सुरक्षा, हवाई अड्डों आदि की सुरक्षा के लिए एक अभूतपूर्व साधन होगा।

आई-आई-टी- रुड़की का परिचय
आईआईटी रुड़की इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, आर्किटेक्चर एवं प्लानिंग, मानवीकी एवं समाज विज्ञान में उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। सन् 1847 में स्थापित संस्थान देश की तरक्की के लिए जरूरी तकनीकी शिक्षा सम्पन्न मानव संसाधन और तकनीकी जानकारी प्रदान करता है। टाइम्स हायर एडुकेशन एशिया युनिवर्सीटी रैंकिंग 2019 में आईआईटी रुड़की को सभी आईआईटी के बीच तीसरा स्थान मिला है। साइटेशन के मानक पर यह भारत का सर्वोच्च संस्थान घोषित किया गया है।

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