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इंडसइंड बैंक ने लगातार छठे वर्ष कार्बन डिस्क्लोजर प्रोजेक्ट (सीडीपी) सूची में जगह बनाई

  • सूची में शामिल होने वाला एकमात्र भारतीय बैंक
  • 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं की घोषणा

नई दिल्ली। इंडसइंड बैंक ने लगातार छठी बार कार्बन डिस्क्लोजर प्रोजेक्ट (सीडीपी) सूची में जगह बनाई है, जिससे वह इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने वाला एकमात्र भारतीय बैंक बन गया है। सीडीपी सूची दरअसल पर्यावरण से संबंधित एक ऐसा ग्लोबल सिस्टम है, जिसके तहत पर्यावरणीय पारदर्शिता और प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए किए गए योगदान के आधार पर दुनिया भर में कंपनियों को रैंकिंग प्रदान की जाती है। इस उपलब्धि के साथ-साथ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इंडसइंड बैंक ने एनवायर्नमेंटल, सोशल और गवर्नेंस (ईएसजी) संबंधी पहल की घोषणा की है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री सुमंत कथपालिया ने ईएसजी पहल के तहत बैंक द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

प्रमुख कदम इस प्रकार हैं–
अगले 4 वर्षों में बैंक के विशिष्ट कार्बन उत्सर्जन को 50 प्रतिशत तक कम करने की प्रतिबद्धता
जलवायु वित्त के लिए पूंजी के आवंटन को अगले दो वर्षों में अपनी ऋण पुस्तिका के 3.5 प्रतिशत तक बढ़ाना, जो वर्तमान में 2.7 फीसदी है।
अपनी सभी पायनियर शाखाओं/लॉबी को हरित और प्लास्टिक मुक्त क्षेत्रों में बदलना और उन्हें एलईईडी प्रमाणित करना।
वृक्षारोपण अभियान का समर्थन करना जिसके तहत उन शहरों में 50,000 पेड़ लगाए जाएंगे जहां प्रदूषण सूचकांक अधिक है।
जल संरक्षण, कचरे में कमी और कचरे के पुनर्चक्रण से संबंधित लाभों पर प्रचार करने के लिए एक कर्मचारी जागरूकता अभियान शुरू किया।
675 किलोवाॅट क्षमता के स्थापित सौर समाधान जिससे 8278 टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है।
लगभग 70 मिलियन क्यूबिक मीटर की जल संचयन क्षमता का निर्माण किया और 15 झीलों और 2 जल निकासी प्रणालियों को भी बहाल किया।

इस अवसर पर श्रीमती रूपा सतीश, हैड – कॉर्पोरेट और निवेश बैंकिंग, सीएसआर और सस्टेनेबल बैंकिंग, इंडसइंड बैंक ने कहा, ‘‘बैंक जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में अग्रणी रहने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इस दिशा में बैंक ने दीर्घकालिक लक्ष्यों को निर्धारित किया है। साथ ही बैंक ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा कुशल परियोजनाओं में निवेश करने की रणनीति अपनाई है। हम मानते हैं कि हमारे व्यापार में दीर्घकालिक पहलुओं को शामिल करना और हमारे उत्पादों, सेवाओं और संचालन को हमारी ईएसजी रणनीति के साथ जोड़ना न केवल बड़े पैमाने पर समाज की बेहतरी में योगदान देता है, बल्कि बैंक को एक मजबूत दीर्घकालिक केंद्रित संगठन के रूप में उभरने में भी मदद करता है। इस विजन के कारण बैंक को और अधिक अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिल रही है, क्योंकि सीडीपी सूची में लगातार अग्रणी भारतीय बैंक के रूप में प्रदर्शित होने के अलावा, हम एकमात्र भारतीय बैंक भी हैं, और डाउ जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स इयरबुक 2021 में स्थान हासिल करने वाली 21 भारतीय कंपनियों में से एक हैं।’’

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