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हम टेक्नोलॉजी  के चक्कर में पड़कर इमोशन्स को खत्म कर रहे हैं : आदित्य ओझा

– एक्टर आदित्य ओझा ने आशीर्वाद छठी मैया के रिलीज़ के मौके पर कहा
दो लोगो को आपस में जोड़ने का सबसे बेहतर जरिया है, टेक्नोलॉजी। लेकिन जब फिल्मों में टेक्नोलॉजी, कैरेक्टर पर हावी होती है तो वो कैरेक्टर के इमोशन्स को खत्म कर देती है, लिहाजा दर्शक खुद को कैरेक्टर से कनेक्ट नही कर पाते और फिल्म ठंडे बस्ते में चली जाती है। ऐसा नही है कि मै टेक्नोलॉजी के खिलाफ हूं या मुझे उससे कोई आपत्ति है। मै केवल इतना जानता हूं कि एक फिल्म की आत्मा उसके किरदार में बसती है, जिसे बरकरार रखना बेहद जरूरी है। ये बात भोजपुरी सिनेमा के जाने-माने एक्टर आदित्य ओझा ने कही।
आदित्य की नयी फिल्म आशीर्वाद छठी मैया के फिल्म का निर्देशन सुजीत वर्मा ने किया है। फिल्म के ट्रेलर को देखकर उम्मीद जताई जा रही है कि चैनल B4U भोजपुरी की ये प्रस्तुति निश्चित तौर पर दर्शको को छठ के रंग में रंगने में कामयाब होगी। इस खास रिपोर्ट में जानिए आदित्य और फिल्म से जुड़ी कुछ खास बातें –

– फिल्म से है दिल का रिश्ता
हमारे घर में हर साल छठ पूजा होती है, इस पर्व से हमेशा से ही मेरा खास जुड़ाव रहा है। फिल्म का निर्देशन इतना खूबसूरत है कि  कभी-कभी मुझे लगता था कि मै किसी सेट पर नहीं हूँ बल्कि सचमुच छठ का पर्व मना रहा हूँ। इस फिल्म में जिस तरह आस्था को पिरोया गया है, उससे देखकर मुझे विश्वास हो चला है कि ये फिल्म दर्शको के दिल में गहरी छाप छोड़ने में जरूर कामयाब होगी।

– पिता के सपने को जी रहा हूं
मेरे पिता ने एक्टर बनने का सपना लेकर मायानगरी में कदम रखा था। अफसोस उनका ये ख्वाब अधूरा रह गया। मै भी क्रिकेटर बनने की तैयारी में जुटा हुआ था कि अचानक एक दिन पापा ने मुझे मुवी ऑफर की और मैने भी तुरंत हामी भर दी। फिर पता ही नही चला कि कब क्रिकेट के बल्ले से ज्यादा मुझे स्क्रिप्ट के पन्ने पसंद आने लगे और इसी तरह मै अपने पिता के सपने को जीने लगा।

– किरदार की आर एन डी बहुत जरूरी
मै मैथ्य एक्टिंग को फाॅलो करता हूं। मुझे किरदार के साथ एक्सपेरिमेंट करना पसंद है। मै केवल सिक्रप्ट पढ़कर डाॅयलाॅग नही बोलता बल्कि किरदार की आर एन डी करता हूं क्योंकि वही एक जरिया है किरदार में घुस कर उसे जिंदा करने का ताकि मै दर्शको को किरदार से जोड़ सकूं, लेकिन कभी-कभी उस किरदार से खुद को बाहर निकालने में मुझे महीने लग जाते हैं।

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