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इरफान तुम हमेशा यादों और इतिहास के पन्नों में नजर आओगे…..

वैश्विक संकट के दौर में,
तेरा जाना अखर गया!!
करोड़ों लोगों की उम्मीदें,
एक पल में बिखर गया!!…
विनम्र श्रद्धांजलि #इरफान

हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा ,जाने वाले कभी नहीं आते,जाने वालों की याद आती है.
तुझे किन किन शब्दों में श्रद्धांजलि अर्पित करूं पता नहीं चलता क्योंकि तुम्हारी शख्सियत फिजा में घुली आबोहवा सी थी जो सबके सांसों में समाती थी!
मशहूर सीने अभिनेता इरफान खान(इरफ़ान ख़ान, इरफान)का जन्म 7 जनवरी 1969 को जयपुर में हुआ था। अपने हुनर मेहनत और संघर्ष के बदौलत इरफान हिन्दी, अंग्रेजी फ़िल्मों, व टेलीविजन के एक जाने-माने अभिनेता थे। इरफान के कैरियर की शुरुआत टेलीविजन सीरियल से हुई थी।वे शुरुआती समय में टेलीविजन सीरियल में काम करते थे। जिसकी शुरुआत वे चाणक्य,भारत एक खोज, चंद्रकांता जैसे धारावाहिक से किए थे।उनकी फिल्मी सफर फिल्म सलाम मुंबई में एक छोटे से रोल के साथ हुई थी।इसके बाद उन्होंने अनेक फिल्मों में छोटे-बड़े रोल किए।लेकिन असली पहचान उन्हें मकबूल, रोग, लाइफ इन मेट्रो,स्लमडॉग मिलेनियर ,पान सिंह तोमर, द लंचबॉक्स जैसे मनोरंजक हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों से मिली।इसके अलावा इरफान पीकू, लाइफ आफ पाई ,तलवार ,श्रीकांत ,बिल्लू बारबर, मदारी जैसे हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की फिल्मों के जरिये याद रखे जाएंगे।
उन्होने द वारियर, मकबूल, हासिल, द नेमसेक, रोग जैसी फिल्मों मे अपने अभिनय का लोहा मनवाया। वह बालीवुड की ३० से ज्यादा फिल्मों मे अभिनय कर चुके थे। इरफान हॉलीवुड मे भी एक जाना पहचाना नाम रहा।इरफान ने ए माइटी हार्ट, स्लमडॉग मिलियनेयर और द अमेजिंग स्पाइडर मैन फिल्मों मे भी काम किया।
सिने जगत में अपने योगदान के लिए इरफान खान को कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा जा चुका था।इरफान खान को 2011 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।इसके अलावा साल 2012 में उन्हें फिल्म पान सिंह तोमर के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।इन्हें 2004 में फिल्म हासिल के लिए बेस्ट एक्टर फॉर निगेटिव रोल फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया था।इसके अलावा 2008 में बेस्ट एक्टर इन सपोर्टिंग रोल का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था।
कैंसर के इलाज उपरांत भी फिल्मी यात्रा को आगे बढ़ा रहे थे लेकिन आखिरकार कैंसर ने उन्हें परास्त कर दिया।उनके असामयिक मौत में उनकी वृद्ध माता जी की मृत्यु भी कारण बना जो 3 दिन पहले इस दुनिया को अलविदा कही थीं।पर उनके जनाजे में नहीं शामिल होने के कारण और अंतिम समय में उनसे मुलाकात नहीं हो पाई इसके वजह से इरफान बहुत व्यथित थे।जिससे उनकी तबीयत मंगलवार को बिगड़ गई और उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।इरफान एक जबरदस्त अभिनेता थे। शायद उन्हें भी ना पता होगा कि उनके चाहने वाले इस दुनिया में कितने हैं।
इरफान खान का नाम सुनते ही जेहन में उनके सहज आदाकारी के दृश्य कौंध जाते हैं।जिंदगी को बहुत ही सहज ढंग से जीने वाले इरफान की एक्टिंग भी काफी सहज थी जो लोगों को काफी पसंद आती थी।उनकी आंखें ही उनके संवाद बोल देती थी।हालांकि इरफान खान अब हमारे बीच नहीं रहे हैं और लंबे समय से कैंसर से लड़ रहे जंग को वह हार गए। उनको न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर हुआ है जो एक दुर्लभ कैंसर है।
इरफान खान ने कैंसर का इलाज भी कराया और वह काम पर लौट चुके थे। उनकी आखिरी फिल्‍म अंग्रेजी मीडियम 2 थी। हालांकि उन्‍होंने कैंसर की लड़ाई के दौरान मीडिया को एक खत लिखा था, जो काफी भावुक था। उन्होंने लिखा था, ”मैं धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा हूं। जिंदगी की असल लड़ाई से लड़कर लौटा हूं थोड़ा थका हूं। मैं आप सब की फिक्र को समझता हूं जानता हूं कि आपने मुझे बात करने और अपना सफर आपसे साझा करने की गुजारिश की। लेकिन मैं अभी खुद को गहराई से नाप रहा हूं। छोटे-छोटे कदमें से आगे बढ़ रहा हूं और कोशिश कर रहा हूं कि सेहत के इस सुधार और काम को एक कर दूं। आपकी दुआओं ने मेरे दिल को छुआ है और यह मेरे लिए बहुत मायने रखती हैं। जिस तरह से आपने मुझे बीमारी से उबरने के लिए समय दिया। मेरी प्राइवेसी की इ्ज्जत की मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं। इस धैर्य, प्यार और अपनेपन के लिए शुक्रिया। इस इमोशनल मैसेज के लिए इरफान ने अपनी चिट्ठी में मशहूर राइटर Rikle की कुछ लाइन्स लिखीं।”
इरफान खान ने अपनी इस बीमारी का खुलासा खुद अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करके किया था। इरफान ने ट्वीट किया था, ”कभी-कभी आपको ऐसे झटके लगते हैं कि आपको हिला कर रख देती है। मेरी जिंदगी के पिछले 15 दिन एक सस्पेंस स्टोरी की तरह रहे हैं। मुझे नहीं पता था कि दुर्लभ कहानियों की मेरी खोज मुझे एक दुर्लभ बीमारी तक पहुंचा देगी। मैंने कभी हार नहीं मानी है और हमेशा अपनी पसंद के लिए लड़ता आया हूं और आगे भी ऐसा ही करूंगा। मेरा परिवार और मेरे दोस्त मेरे साथ हैं हम सबसे अच्छे तरीके से इससे निपटने की कोशिश कर रहे हैं। तब तक आप लोग कृपया कुछ अंदाजा न लगाएं, क्योंकि हफ्ते-दस दिन में जब सभी जांच के रिपोर्ट्स आ जाएंगे तब मैं खुद ही अपनी कहानी आपको बताऊंगा। तब तक के लिए मेरे लिए दुआ करें।”
इसी महीने 12 अप्रैल को इरफान ने आखिरी ट्वीट किया था. जिसमें उन्होंने लिखा था, ”मिस्टर चंपक का स्टेट ऑफ माइंड इस समय, अंदर से प्यार, जिसे वो बाहर दिखाना चाहता है.” इरफान खान ने ये ट्वीट अपनी आखिरी फिल्म के ऑनलाइन रिलीज होने के मौके पर किया था.
इरफान ने अपने नेचुरल एक्टिंग के बदौलत सुनहरे पर्दे पर अपना जलवा कायम किया था।कहा जाता है उनकी आंखें ही एक्टिव करती थी।पर शायद ऊपर वाले कि डायरी में इरफान के लिए इतना ही वक़्त दर्ज था।

गोपेंद्र कुमार सिन्हा गौतम
देवदत्तपुर दाऊदनगर औरंगाबाद बिहार
9507341433

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