न्यूज के लिए सबकुछ, न्यूज सबकुछ
ब्रेकिंग न्यूज़

राष्ट्र-निर्माण में जैन समाज की सक्रिय भूमिका : ओम बिडला

डायलिसिस सेंटर का मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन

विजय न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली। लोकसभा के अध्यक्ष श्री ओम बिडला ने जैन समाज की समाजोत्थान एवं मानव कल्याण की रचनात्मक एवं सृजनात्मक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि जैन समाज के द्वारा समाज निर्माण, आर्थिक विकास, शिक्षा, सेवा एवं जनकल्याण के अनेक विशिष्ट उपक्रम राष्ट्र-स्तर पर संचालित किये जा रहे हैं। राष्ट्र एवं समाज निर्माण में वह अपनी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उल्लेखनीय योगदान दे रहा है।

लोकसभा के अध्यक्ष श्री ओम बिडला से भगवान महावीर रिलीफ फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री बजरंग बोथरा, सदस्य श्री सुखराज सेठिया, श्री प्रसन्न जैन, श्री किशोर कोचर एवं श्री ललित गर्ग चर्चा करते हुए।

श्री बिडला ने आज अपने निवास पर भगवान महावीर रिलीफ फाउंडेशन ट्रस्ट के सदस्यों से मुलाकात करते हुए उक्त उद्गार व्यक्त किए। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री बजरंग बोथरा, सदस्य श्री सुखराज सेठिया, श्री प्रसन्न जैन, श्री किशोर कोचर एवं श्री ललित गर्ग उपस्थित थे। श्री बिडला ने दक्षिण दिल्ली के जसोला में निर्मित हो रहे इस अनूठे एवं विलक्षण डायलिसिस सेंटर के 14 जनवरी 2020 को मकर संक्रांति के पवित्र एवं पावन अवसर पर उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने की स्वीकृति प्रदत्त करते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा एवं जांच के साथ भारत के प्राचीन योग, मंत्र एवं ध्यान के प्रयोग होने से चिकित्सा के क्षेत्र में नवीन संभावनाएं उद्घाटित होंगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में सरकार के साथ-साथ गैर-सरकारी संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विदित हो इस डायलिसिस सेंटर का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन करेंगे।
भगवान महावीर रिलीफ फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री बजरंग बोथरा ने इस अवसर पर कहा कि डायलिसिस सेंटर सभी आधुनिक संशाधनों एवं सुविधा से सुसज्जित होकर तैयार हो गया है। यह एक अनूठा एवं विलक्षण केंद्र इसलिये होगा कि यहां आधुनिक चिकित्सा के साथ भारत के प्राचीन योग, ध्यान, मंत्र आदि द्वारा रोगी को मानसिक शांति एवं रोग मुक्ति हेतु भाव चिकित्सा प्रदान की जाएगी। जहां इस केंद्र में आधुनिक चिकित्सा जांच के डायलिसिस यंत्र स्थापित किये गये हैं वहीं प्राचीन योग, मंत्र एवं ध्यान के लिए आधुनिकतम तकनीक एवं साधनों, चित्रों-मंत्रों से सज्जित परिवेश भी निर्मित किया गया है। जिसका मुख्य उद्देश्य है कि किडनी का रोगी योग, मंत्र एवं साधना के माध्यम से इस अवस्था में पहुंच जाए कि उसे डायलिसिस की जरूरत ही न पडे़। इसके लिए अनुभवी एवं विशेषज्ञ साधकों की सेवाएं ली जा रही है। श्री सुखराज सेठिया ने जैन समाज के प्राणवान संगठन जीतो के द्वारा शिक्षा, चिकित्सा, सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे विविध सेवा प्रकल्पों की जानकारी दी। यह ट्रस्ट जीतो का ही उपक्रम है।

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar