National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

कविता : मेरे मनमीत

मेरे मनमीत

आजा आजा मेरे मनमीत,
तुझ को सुना दूं एक संगीत।

कितना मैं तुमसे प्यार करूं,
दिलो जान से तुझ पर मरूं।

समझ ले दिल की मेरी बात,
कितना मुझको तुझसे प्रीत।

बिन तेरे पल-पल तड़पता हूं
याद में तेरे गाता हूं,मैं गीत।

मुझे याद है संग बिताए दिन,
सोचो कैसे रहता हूं तेरे बिन।

सुनो सुनो मेरे दिल की बात,
तेरे बिन गुजरती नहीं रात।

याद सताए पहली मुलाकात,
हंसकर की थी मुझसे बात।

वर्तमान में मैं जीना चाहता,
पीछा छोड़े नहीं मेरा अतीत।

आजा आजा मेरे मनमीत,
तुझ को सुना दूं एक संगीत।

गोपेंद्र कुमार सिन्हा गौतम
देवदत्तपुर दाऊदनगर
औरंगाबाद बिहार
व्हाट्सएप नंबर 950 734 1433

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar