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सिंह राशि : वर्ष 2020 का वार्षिक राशिफल

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य की दृष्टि से इस राशि के जातकों के लिये यह वर्ष सामान्य रहेगा। उत्तेजक पदार्थों का सेवन आपके स्वास्थ्य के ऊपर विपरित प्रभाव डाल सकता है। सम-विषम, सुख-दु:ख की अनुभूति हो सकती है। सन्तुलित आहार लें, स्वास्थ्य का पूर्ण ध्यान रखें। आपकी मांसपेशियों में पीड़ा हो सकती है। वायु-गैस जनित विकार उत्पन्न होंगे। नेत्रव्याधि, सिरदर्द आदि भी पीड़ित करेंगे। नियमित एवं सन्तुलित आहार लेते रहने से स्वास्थ्य अनुकूल बना रहेगा। गुप्त रोगों में राहत मिलेगी।

आर्थिक स्थिति: आपकी आर्थिक स्थिति इस वर्ष अनुकूल होगी, किन्तु आय के साथ ही व्यय भी होते रहेंगे। वर्ष के प्रारम्भ में आर्थिक संकट उत्पन्न होगा। वैसे आप संकट से निकल भी जाओगे, धन के कारण आपका कोई कार्य बाधित नहीं होगा। किसी के पास धन अटका है, तो वर्ष के उतरार्ध में धन प्राप्ति की पूर्ण आशा है, निरन्तर प्रयत्न करते रहें। पारिवारिक एवं सामाजिक व्यवहार में आर्थिक व्यय हो सकता है।

व्यवसाय: व्यावसायिक दृष्टि से यह वर्ष सामान्य ही रहेगा। आपको अपने जन्म स्थान से सुदूर प्रदेश में सफलता प्राप्त होगी। अपने व्यवसाय में आपका निवेश अधिक ही होगा, परन्तु लाभ कम ही देखने को मिलेगा। यह वर्ष व्यवसायिक दृष्टि से अत्यधिक संघर्षपूर्ण रहेगा। पिता या किसी बड़े सम्मानित व्यक्ति की सहायता से आपको आगामी माह में व्यवसाय हेतु नवीन मार्ग प्रसस्थ होंगे। नौकरीपेशा वाले जातकों के लिये यह समय अनुकूल रहेगा। परिवर्तन की आशा इस वर्ष कम ही रहेगी। यदि आपका व्यवसाय आपके जीवनसाथी के नाम से चल रहा है, तो प्रगति हो सकती है।

कौटुम्बिक एवं सामाजिक: पारिवारिक द्रष्टिकोण से यह वर्ष आपके लिये अनुकूल रहेगा। नवीन सम्बन्धियों से सम्पर्क स्थापित होंगे। घर में नये सदस्य की वृद्धि होगी। विशेषतः यदि आप अविवाहित हैं, तो इस वर्ष आपका विवाह हो सकता है। माता के स्वास्थ्य से सम्बन्धित कुछ समस्यायें हो सकती हैं। पिता के लिये यह वर्ष लाभकारी रहेगा। यदि आप “नेकी कर कुयें में डाल” वाली निति अपना लें तो सदैव सुखी रह सकते हैं। वर्ष के अन्त में पारिवारिक समस्याओं के निवारण में व्यस्त रहना पड़ सकता है।

प्रणय जीवन: जीवनसाथी एवं सन्तान का स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा। कुछ सम्बन्धी आपके दम्पत्यजीवन में समस्या उत्पन्न करेंगे। स्वयं द्वारा देखी एवं सुनी बातों पर ही विश्वास करें। सन्तान से व्यापार में लाभ तथा सन्तान सुख में वृद्धि होगी। शैयासुख की प्राप्ति होगी एवं पत्नी का साथ-सहयोग बना रहेगा। प्रेम-सम्बन्ध में परस्पर एक-दूसरे के मध्य विश्वास की भावना में कमी आ सकती है।

स्त्री जातक फल: आप घर-गृहस्थी में सुखी एवं हर्षित अनुभव करेंगी। प्रेम-प्रणय में समय व्यतित होगा। मातृत्व सुख से गोरान्वित होंगी, किन्तु साथ ही सत्य होते हुये भी आपको असत्य ठहराया जायेगा। आप दूसरों का हित करने का प्रयास करेंगी, किन्तु आपका अहित होने की सम्भावना अधिक ही रहेगी। घर की स्त्रियों में बैर-विरोध बढ़ सकता है। नौकरीपेशा स्त्रियाँ यदि स्वस्थ एवं सुखी जीवन व्यतीत करना चाहती हैं, तो समय का उपयुक्त विभाजन करके परिवार के लिये भी समुचित मात्रा में योगदान देना आरम्भ करें।

राजकीय स्थिति: इस वर्ष आपको नेतृत्व करना है, इसलिये कमर कसनी होगी। बड़े-बड़े नेताओं से मेल-मिलाप, राजनैतिक लाभ एवं वर्चस्व प्राप्त होगा। संगठन अथवा पार्टी में अच्छा पद प्राप्त हो सकता है। पार्टी की कमान सम्भालने तक का भार आपको सौंपा जा सकता है। विरोधी पक्ष आपका अहित करने का तथा आपकी प्रतिष्ठा गिराने का प्रयास करेगा, अतः अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। निरन्तर प्रयास करने से आपको सफलता प्राप्ति हो सकती है। अपने आत्मविश्वास की सहयता से षड्यन्त्रों का सामना कर पायेंगे।

विद्यार्थी जीवन: इस वर्ष सभी ग्रह आपके अनुकूल हैं। थोड़ा अधिक परिश्रम करने से बड़ी सफलता प्राप्त होगी, मनोवांच्छित परीक्षा परिणाम प्राप्त होगा एवं प्रतियोगी परीक्षा में आशा के अनुरूप परिणाम प्राप्त होने से सुख की अनुभूति होगी। उच्च शिक्षा हेतु अपने नगर से बाहर एवं विदेश गमन भी सम्भव है। अध्ययन में मन लगेगा एवं साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में नये आयाम प्राप्त करेंगे।

सारांश: वर्ष 2020 आपके लिये लाभदायक रहेगा। अटके कार्य पूर्ण हो जायेंगे। पुराने रोगों में राहत मिलेगी, मानसिक स्थिति प्रफुल्लित रहेगी। आर्थिक स्थिति में लाभ होगा, यदि आप व्यापारी या उत्पादक हैं, तो शेयर-बाजार या वस्तु-बाजार में निवेश कर सकते हैं। निवेश से पूर्व आपके जन्म के ग्रह एवं बाजार की स्थिति का अवलोकन अवश्य करें। 23 सितम्बर के उपरान्त सुखोपभोग में बाधा आ सकती है। पारिवारिक सम्बन्धो में समरसता बनाये रखने हेतु, छोटे भाई-बहन की सहायता करें तथा उनके अभ्यास पर ध्यान रखें। 08 फरवरी तक भूमि-भवन से सम्बन्धित कार्यों को स्थगित कर दें। विद्यार्थियों को इस वर्ष थोडा अधिक परिश्रम करना होगा, किसी अन्य पर निर्भर न रहें। मुकदमेबाजी, कोर्ट कचहरी आदि से सम्बधित कार्यों का वर्ष के प्रारम्भ में ही निवारण कर लें तो हितकर रहेगा। विवाहित जीवन आनन्दमय व्यतित होगा। साझेदार के प्रति विश्वास बनाये रखें। यदि आप विदेश गमन के अभिलाषी हैं, तो थोड़े अधिक परिश्रम से आप की इच्छा पूर्ण हो सकती है। अनैतिक कार्य न करें क्योंकि यह कार्य हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं। मर्यादा में जीवन व्यतित करें।

मर्यादा: –

  1. वर्ष के प्रारम्भ में आपको कण्टक शनि है, जो अशुभ फलदायक रहेगा। 24 जनवरी से आप पर किसी प्रकार की लघु कल्याणी, कण्टक, अष्टम ढैया या साढ़ेसाती नहीं है।
  2. आपका स्वभाव एवं देहाकृति आकर्षक है, अतः इनका अनुचित लाभ न उठायें ।
  3. आपके पास नेतृत्व शक्ति है, इन शक्तियों को राजनीति में ढाल के सामाजिक कार्यों में सार्थक उन्नति करें। अन्य लोग शक्तियों का उपयोग भ्रष्टाचार में करते हैं, किन्तु आप योग्य उपयोग करें।
  4. अपनी बातों को लागू करवाने में प्राय: हठधर्मिता का उपयोग करते हैं, विशेषतः दाम्पत्यजीवन, साझेदारी एवं कार्यलय में आपका व्यवहार हठी होता है। अपने विचारों में परिवर्तन करें, परिस्थिति स्वयं ही परिवर्तित हो जायेगी।
  5. किसी अन्य पर शासन-प्रशासन का उपयोग कर दबाव न डालें। आप यह प्रयास करें की लोग आपका सम्मान करें न कि आपके स्वभाव से भयभीत हों।
  6. धन के विषय में लोभ-लालच में न पड़ें तथा न ही किसी से ऋण लें एवं न ही किसी को ऋण दें।
  7. अपनी आकाँक्षाओं की प्राप्ति हेतु सतत प्रयत्नशील रहें।

समाधान: –

  • रविवार के दिन अपराह्न काल में साँड़ को अपने हाथों से गुड़ खिलायें।
  • रविवार का व्रत रखें तथा ताँबे के कलश में जल में गुड़हल या जवाकुसुम के लाल फूल तथा दो दाने शक्कर के डालकर श्रीसूर्यनारायणदेव को अर्ध्य अर्पित करें।
  • समुद्र के जल में ताँबे का पुराना सिक्का प्रवाहित करें।
  • पूर्व दिशा की ओर अपना मस्तक रखकर निद्रा करें एवं सूर्योदय से पूर्व शय्या त्याग दें।
  • माता-पिता को प्रसन्न रखें, सेवा करें, अपनी आय का एक निश्चित भाग माता-पिता को चरणस्पर्श करके दें।

-परीक्षा में सफलता प्राप्ति हेतु निम्नलिखित चौपाई यथोपचार सहित पूर्ण श्रद्धा के साथ प्रतिदिन 108 बार जाप करें-
जेहि पर कृपा करहिं जनु जानी, कवि उर अजिर नचावहिं बानी।
मोरि सुधारिहि सो सब भांति, जासु कृपा नहिं कृपा अघाती॥

-सन्तान प्राप्ति हेतु सपत्नी श्री रामदरबार चित्र के समक्ष निम्नलिखित दोहे का जाप इच्छापूर्ति तक करें एवं श्रद्धा बनायें रखें-
प्रेम मगन कौशल्या निस दिन जात न जान।
पुत्र सनेह बस माता बालचरित कर मान॥

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