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बिजली की चिंगारी से झोपड़ी में लगी आग

◆ सरकार ने बता दिया “घर में रहें ,सुरक्षित रहे “लेकिन घर ही नहीं है तो कहां रहे- उषा देवी

◆सुअर,बकरी,मुर्गी,टीवी,फ्रीज,गैस सिलेंडर जलकर राख

◆ दर-दर की ठोकर खा रहे हैं अशोक कुमार घर-घर से मांग कर रोटियां खाते हैं।

◆14 अप्रेल को आग लगी,अधिकारी आए थे कागजों में मुआयना कर ले गए, लेकिन एक माह हो गया आज तक नहीं लौटे- अशोक बाल्मीकि

सुनील राज /विजय न्यूज़ नेटवर्क।

मथुरा। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा विकास के लिए करोड़ों अरबों रुपए खर्च किए गए हों। लेकिन सही पात्रों तक कोई योजना तक नहीं पहुंचती है। सरकार द्वारा सबका साथ – सबका विकास की नीति पर कार्य किया जा रहा है। लेकिन यह सब कागजों व बड़े-बड़े पोस्टरों में ही लिखे दिखाई देते हैं। लेकिन “धरातल पर नहीं “।मुख्यमंत्री आवास योजना व प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सभी को पक्की छत वाला घर दिए जाने के लिए तमाम तरह की उत्तर प्रदेश में योजनाएं संचालित है ।

मथुरा जनपद के विकासखंड बलदेव के अंतर्गत गांव किलोनी में अशोक कुमार बाल्मिकी अपनी पत्नी ऊषा देवी व पांच बच्चों के साथ बरसों से मिट्टी की दीवारों से बनी झोपड़ी में अपना जीवन यापन कर रहे ।इनके पास अपना खुद का घर तक नहीं है। इन्होंने पोखर के किनारे की जमीन पर अपना झोपड़ी रूपी आशियाना बना रखा है। लेकिन इस झोपड़ी में भी इनका रहना भगवान को पसंद नहीं आया। और 14 अप्रैल की शाम को घास- फूंस से बनी झोपड़ी के पास लगे हाईटेंशन विद्युत खंभे पर शॉर्ट सर्किट हुई ।और झोपड़ी पर चिंगारी जा गिरी।जिससे झोपड़ी जलकर राख हो गई ।जिसमें अशोक बाल्मीकि द्वारा बताया गया है कि लगभग अस्सी हजार रुपये का नुकसान हुआ है ।घर में रखे घरेलू सामान फ्रीज, टीवी, गैस-चूल्हा, सिलेंडर ,पंखे, बच्चों के पढ़ाई लिखाई की कॉपी-किताबें ,कुछ जेवर व अन्य घरेलू कीमती सामग्री जलकर राख हो गई। गांव वालों की मदद से जैसे-तैसे बच्चों को भी जलती झोपड़ी में से बाहर निकाल कर बचाया गया ।करीब एक माह बीत जाने के बाद भी सरकारी बाशिंदा झोपड़ी को जलते हुए देख कर चले गए। बाद में आज तक कोई नहीं आया। ना ही कोई सरकारी मदद मिली है। खुले आसमान के नीचे रह रहे ।परिवार की दास्तां बहुत ही दयनीय दिखाई दी। अशोक बाल्मीकि ने बताया कि एक सुअर, बारह मुर्गी ,दो बकरी भी जलकर खाक हो गए ।जिनको पालकर आर्थिक मदद में सहयोग मिलता था। अब उषा देवी गांव से रोटियां व सब्जी मांगकर बच्चों का पेट भर रही है। अशोक कुमार ने शासन प्रशासन को पत्र लिखकर घर बनवाने के लिए गुहार लगाई है। वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते सरकार द्वारा बताया गया है घर में रहें ,सुरक्षित रहें लेकिन जिनका घर नहीं है ।वे कहां रहे।जिनका एक महीने पहले घर ही जल गया हो।पूरा एक माह बीत गया ।त्रिस्तरीय चुनावों को लेकर इसी बीच तमाम राजनेता भी वोट मांगने के लिए आए ।और बड़े-बड़े वादे करके चले गए ।अशोक ने बताया कि मेरी वोट से क्षेत्र के नेता जीतकर आज तक चेहरा दिखाने तक नहीं आये।

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