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एल एंड टी ने कंस्ट्रक्शन और माइनिंग मशीनरी कारोबार में पूरे किए 75 साल

इनोवेशन और अपनी श्रेणी में सर्वोत्तम सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करके उद्योग को दी गति, भारत में 60,000 अत्याधुनिक मशीनों की आपूर्ति का आंकड़ा किया पार

मुंबई. ईपीसी प्रोजेक्ट्स, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज में जुटी भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने अपने सबसे पुराने व्यवसायों में से एक कंस्ट्रक्शन एंड माइनिंग मशीनरी बिजनेस (सीएमबी) में 75 साल का सफर (प्लैटिनम जुबली) पूरा कर लिया है।

इस दौरान कंस्ट्रक्शन और माइनिंग मशीनरी बिजनेस ने निर्माण और खनन उद्योग के साथ अपने 75 वर्षों के एसोसिएशन के दौरान भारत में 60,000 से अधिक अत्याधुनिक मशीनों की आपूर्ति की है। इन मशीनों का उपयोग असाधारण डिजाइन के लिए किया गया है और इस तरह कंपनी ने राष्ट्र के बढ़ते बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस अवसर पर टिप्पणी करते हुए लार्सन एंड टुब्रो के सीईओ और एमडी श्री एस एन सुब्रह्मण्यन ने कहा, ‘‘राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण उपकरणों को पेश करने में एलएंडटी हमेशा अग्रणी रहा है। साथ ही, इंजीनियरिंग डिजाइन और विनिर्माण क्षमताओं के स्वदेशी विकास में भी कंपनी सबसे आगे है। हमें खुशी है कि हमारा कंस्ट्रक्शन एंड माइनिंग मशीनरी बिजनेस पिछले 75 वर्षों से नवीन उपकरणों और सराहनीय सेवा रिकॉर्ड के साथ खनन और निर्माण क्षेत्रों की बेहद जटिल आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है।’’

सीएमबी के अब तक के शानदार सफर पर हर्ष व्यक्त करते हुए एल एंड टी कंस्ट्रक्शन एंड माइनिंग मशीनरी के एक्जीक्यूटिव वाइस-प्रेसीडेंट श्री अरविंद के गर्ग ने कहा, ‘‘पिछले सात से अधिक दशकों से निष्ठावान ग्राहकों की सेवा करना हमारी पूर्ण प्रतिबद्धता रही है। राष्ट्र के विकास के लिए वैश्विक स्तर पर मान्य टैक्नोलाॅजी, इक्विपमेंट्स और प्रेक्टिसेज को अपनाने में एल एंड टी हमेशा अग्रणी रही है। कंपनी के सफर के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर, हम अपने ग्राहकों को उनके सहयोग और संरक्षण के लिए धन्यवाद देते हैं।’’

एल एंड टी ने 1945 से हासिल अपने गहन ज्ञान और अनुभव का उपयोग किया है और अपनी खुद की ‘मेक इन इंडिया’ सड़क मशीनरी विकसित की जिसमें वाइब्रेटरी कॉम्पैक्टर और व्हील लोडर शामिल थे। स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित ये मशीनें अब सड़क निर्माण और राजमार्ग विकास का समर्थन कर रही हैं और एल एंड टी को ‘आत्मानिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय मिशन में योगदान करने में सक्षम बनाती हैं।

कंपनी ने 1973 में पोकलेन एसए-फ्रांस के सहयोग से हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर्स की शुरुआत करके एक बड़ा कदम उठाया। यह एक ऐसी क्रांतिकारी और अग्रणी पहल थी, जिसके लिए अर्थमूविंग में पूरी तरह से नई अवधारणा स्थापित करने से संबंधित प्रयासों की आवश्यकता थी। इस पहल के साथ ही एल एंड टी इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण में एक रणनीतिक भागीदार बनने में कामयाब रही। कुछ अन्य सहयोगों में शामिल थे – एल्बरेट-फ्रांस, जेआई केस, यूएसए, वाइब्रोमैक्स-जर्मनी, डेट्राइट डीजल-यूएसए।

बाद में 1998 में इंजीनियरिंग सेक्टर की दो दिग्गज कंपनियों- कोमात्सु और एल एंड टी ने कोमात्सु की अत्याधुनिक, विश्व स्तरीय मशीनों के निर्माण के लिए एक संयुक्त उद्यम का गठन किया। कोमात्सु पीसी200-6 एक्सकेवेटर ‘गुणवत्ता, विश्वसनीयता और स्थायित्व’ के मामले में मानदंड बना और एक प्रतिष्ठित मॉडल बन गया। पीसी71, पीसी130, पीसी300 और पीसी450 जैसे एक्सकेवेटर्स के कई मॉडलों की शुरुआत के साथ बाद के वर्षों में एल एंड टी ने अग्रणी कंपनी की स्थिति हासिल की और 25,000 से अधिक मूल्यवान ग्राहकों का एक बड़ा और वफादार निष्ठावान बनाया।

इनोवेशन की निरंतर कोशिशों के साथ आगे बढ़ते हुए एल एंड टी ने हाल ही में कोमात्सु पीसी210-10एम0 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर की शुरुआत की। इसने कामयाबी की एक नई कहानी लिखी और 22-टन वर्ग में सबसे तेजी से बढ़ता मॉडल बनने की दिशा में सभी रिकॉर्डों को तोड़ दिया, 10 महीने की अवधि में यह 1000 अंक तक पहुंच गया और अब मार्केट अग्रणी बनने के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

जैसे-जैसे भारत में खनिज खनन का विस्तार हुआ, कोमात्सु और एल एंड टी ने खनन को सुरक्षित, पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ बनाने के लिए बदलने का फैसला किया और बड़ी खनन मशीनों की शुरुआत की, जैसे डंप ट्रक एचडी785, डोजर मॉडल डी155 और डी475, एक्सकेवेटर माॅडल पीसी1250 और पीसी2000 की शुरुआत की। इन मशीनों ने प्रदर्शन, उत्पादकता और लाॅन्ग लाइफ के लिहाज से नए मानक बनाए हैं। एल एंड टी ने मेगा माइनिंग ऑपरेशंस के लिए कोमात्सु के मैमथ 240 टन क्लास 830ई डंप ट्रक और 16 सीयूएम क्लास पीसी3000 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर भी दिए, जिसने समय के साथ विकसित की गई अपनी बेजोड़ क्षमताओं को सुदृढ़ किया।

कोयला उत्पादन की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए, कोयला खनन कंपनियों ने ठेकेदारों के ओवरबर्डन को हटाना शुरू कर दिया। इसके लिए माइनिंग टिपर्स के एक नए खंड की आवश्यकता थी जो कोमात्सु के पीसी450 एक्सकेवेटर के साथ बहुत अच्छी तरह से मेल खाता था। एल एंड टी ने अपनी नवीनतम पीढ़ी के टिपर ट्रक की पेशकश करने के लिए स्कैनिया के साथ साझेदारी भी की, जो तब से मिड-माइनिंग इंडस्ट्री में अपने असाधारण प्रदर्शन, बेहतरीन इकोनाॅमी, ऑपरेटर कम्फर्ट और सुरक्षा के लिए अत्यधिक लोकप्रिय हो गया है।

एल एंड टी के पास इस अंतर्निहित विश्वास के साथ ग्राहक सेवा की एक लंबी परंपरा है- ‘सेवा में ही सफलता है’। इसलिए, निर्माण और खनन मशीनों की बड़ी संख्या का समर्थन करने के लिए, एल एंड टी ने बिक्री और सेवा समर्थन के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित किया। अब इसमें छह विश्व स्तरीय सेवा केंद्र, अत्यधिक कुशल और अनुभवी सेवा इंजीनियरों की एक टीम, एक केंद्रीय प्रशिक्षण केंद्र, निर्माण उपकरण के लिए 30 डीलरशिप और पूरे भारत में पार्ट्स के डिपो का एक नेटवर्क है। यह मशीन अपटाइम और यूटिलाइजेशन में सही अर्थों में परिवर्तनकारी साबित हुआ है।

पृृष्ठभूमि

लार्सन एंड टूब्रो एक भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी है जो 21 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक के राजस्व के साथ प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी, निर्माण, विनिर्माण व वित्तीय सेवायें मुहैया कराती है। यह 30 से अधिक देशों में कार्यरत है। एक मजबूत, ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण व उच्चस्तरीय गुणवत्ता की लगातार खोज ने एलएंडटी को आठ दशकों से अधिक वक्त से व्यवसाय के मुख्य क्षेत्रों में अगुआई पाने व उसे बरकरार रखने में सहायता की है।

 

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