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“मैजिकल मैन्ग्रोव”: गोदरेज एंड बॉयस और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया द्वारा मैन्ग्रोव जागरूकता के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान

यह अभियान 8 राज्यों की जनता तक पहुंचेगा

मुंबई.  इंटरनेशनल डे फॉर द कंजर्वेशन ऑफ द मैन्ग्रोव इकोसिस्टम संरक्षण के लिए, गोदरेज एंड बॉयस ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया (वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर, इंडिया) के सहयोग से एक राष्ट्रव्यापी कैंपेन शुरू किया है. यह कैंपेन वर्तमान समय में मैन्ग्रोव संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालता है और साथ ही आम लोगों से इस कैंपेन में शामिल होने का आग्रह करता है.
यह कैंपेन महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक पहुंचेगा. इसके तहत, मैन्ग्रोव इकोसिस्टम के महत्व पर जागरूकता को बढ़ावा देते हुए नागरिकों को वालंटियर सर्विस देने में मदद करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा. स्वयंसेवक छह महीने की अवधि के लिए इसमें जुटेंगे और वेबिनार, फिल्म स्क्रीनिंग, ऑनलाइन क्विज़, डिजिटल स्टोरी-टेलिंग सत्र का हिस्सा होंगे. पिछले कुछ दशकों में, गोदरेज एंड बॉयस वेटलैंड मैनेजमेंट सर्विसेज टीम मुंबई के विक्रोली में सबसे बड़े मैन्ग्रोव में से एक का सक्रिय रूप से प्रबंधन और संरक्षण कर रही है. गोदरेज ने आधिकारिक तौर पर अपने प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के साथ आधिकारिक तौर पर हाथ मिलाया है, ताकि संरक्षण प्रयासों को और मजबूत किया जा सके और देश भर में व्यापक स्तर पर जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके. डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया दो दशकों से ऊंचे, बाढ़ क्षेत्रों के आर्द्रभूमि संरक्षण की दिशा में काम कर रहा है.
इस पहल के बारे में बात करते हुए, डॉ. फ़िरोज़ा गोदरेज ने कहा, “गोदरेज एंड बॉयस ने कई मौकों पर सफलतापूर्वक डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के साथ भागीदारी की है. यह प्रयास हमारी ताकत को आगे और प्रभावी ढंग से जोड़ देगा और समुदाय को शिक्षित करने में हमारी सहायता करेगा, ताकि लोग यह समझ सकें कि उनके द्वारा उठाए गए छोटे कदम मैन्ग्रोव संरक्षण में और पर्यावरण परिवर्तन में योगदान देंगे. ”
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के महासचिव और सीईओ श्री रवि सिंह ने कहा, “मैन्ग्रोव जलवायु परिवर्तन के प्राकृतिक अवरोध के रूप में कार्य करते हैं. ये जलीय प्रजातियों के लिए नर्सरी और प्रजनन आधार के रूप में भी कार्य करते हैं. मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने पर उनका प्रभाव हमारे तटों की स्थलाकृति को आकार देने में महत्वपूर्ण है. भारत में प्रकृति संरक्षण में युवा पीढ़ियों और संबंधित नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए, इस अभियान का उद्देश्य मैन्ग्रोव के बारे में ज्ञान का निर्माण करना है, जो अभी तक नाजुक पारिस्थितिक तंत्र के रूप में आवश्यक है और उनके संरक्षण के लिए सकारात्मक कार्रवाई को सक्षम बनाता है.”
गोदरेज की वेटलैंड मैनेजमेंट सर्विसेज टीम, कई पहलों के माध्यम से मैन्ग्रोव इकोसिस्टम के बारे में जागरूकता बढ़ा रहा है. मसलन, 11 भाषाओं में मैन्ग्रोव मोबाइल एप्प उपलब्ध है, मुंबई के शैक्षणिक संस्थानों में पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई और पिछले साल एक यूनिक चिल्ड्रेन स्टोरी बुक प्रकाशित की गई थी.

‘मैजिकल मैन्ग्रोव्स’ कैंपेन के बारे में अधिक जानने के लिए: www.mangroves.godrej.com

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया वालंटियर के रूप में इस कैंपेन में शामिल होने के लिए यहां रजिस्टर करें: http://volunteers.wwfindia.org/project.php?pid=401

गोदरेज मैन्ग्रोव्स के बारे में
विक्रोली में गोदरेज मैन्ग्रोव अपनी साइलेंट इकोसिस्टम सर्विस देने के अलावा, पूरे मुंबई महानगरीय क्षेत्र में अपनी सेवा को विस्तारित करता है. दो साल के एक शोध अध्ययन में पता चला है कि अपने बायोमास और तलछट के साथ, स्टैंडिंग स्टॉक में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड 9.5 लाख टन के बराबर है. यह एक प्रमुख ग्रीनहाउस गैस है, जो ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार है. इसके अतिरिक्त, हर साल लगभग 60,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है. भूमि स्थिरीकरण के अलावा, मैन्ग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र प्राकृतिक चक्रों और पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहता है.

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के बारे में
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया व्यावहारिक समाधान का निर्माण और प्रदर्शित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारत के पारिस्थितिकी तंत्र और समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण में मदद करता है. भारत में इसकी पर्यावरण संरक्षण की यात्रा 50 साल पुरानी है. डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया विकास और संरक्षण से संबंधित चुनौतियों का समाधान करने के लिए विज्ञान-आधारित और स्थायी समाधान खोजने की दिशा में काम करता है. आज, 20 राज्यों में 70 से अधिक कार्यालयों के साथ, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के कार्यक्षेत्रों में प्रमुख वन्यजीव प्रजातियों और उनके आवासों का संरक्षण, नदियों का प्रबंधन, आर्द्रभूमि और उनके पारिस्थितिक तंत्र, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, व्यवसाय और कृषि के लिए स्थायी समाधान, सशक्तिकरण सहित कई क्षेत्रों में फैला हुआ है. स्थानीय समुदायों के संरक्षण के रूप में, अवैध वन्यजीव व्यापार का मुकाबला करना और छात्रों और नागरिकों के बीच पहुंचना और उन्हें जागरूकता अभियानों के माध्यम से पर्यावरण के लिए सकारात्मक कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करना इसका मुख्य काम है. डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंटरनेशनल नेटवर्क का हिस्सा है, जो दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में मौजूद है. http://www.wwfindia.org

गोदरेज और बॉयस के बारे में
गोदरेज एंड बॉयस, गोदरेज समूह की कंपनी है. गोदरेज समूह 14 विभिन्न व्यवसायों को संचालित करती है. 1897 में स्थापित यह कंपनी उच्च गुणवत्ता वाले ताले के निर्माण के साथ शुरू हुई थी. इसके बाद इसने कंज्यूमर गुड्स, ऑफिस और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज, इंफ्रास्ट्रक्चर एंड रियल एस्टेट में काम करना शुरु किया. इसका मुख्यालय मुंबई में है. गोदरेज एंड बॉयस ऑटो इंडस्ट्री, एप्लायंसेज, उपकरण, फर्नीचर, सुरक्षा समाधान, लॉकिंग सॉल्यूशंस, ए वी समाधान, वेंडिंग, मैटेरियल हैंडलिंग, इंडस्ट्रियल लॉजिस्टिक्स, एयरोस्पेस, परमाणु ऊर्जा, डिफेंस, टूलिंग सॉल्यूशंस, प्रोसेस उपकरण, विद्युत इन्फ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और ग्रीन बिल्डिंग परामर्श में अग्रणी हैं. गोदरेज दुनिया भर में 1.1 बिलियन से अधिक ग्राहकों को सेवा दे रहा है और यह भारत के सबसे विश्वसनीय ब्रांडों में से एक है.

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