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मेंटरशिप प्रोग्राम पहुँचा कलकत्ता और मुंबई में भी

सबसे पहले विजय न्यूज़ ने दिल्ली में किया था कवर

विजय न्यूज़ ब्यूरो
श्री सुमित श्रीवास्तव द्वारा चलाये जाने वाले मेंटोरशिप प्रोग्राम की धूम अब दिल्ली के बाद कोलकाता और मुंबई शहर में भी मची। भारतीय बीमा जगत में अपने कार्यों से अपनी एक अलग पहचान बना चुके प्रख्यात ट्रेनर श्री सुमित श्रीवास्तव जी ने गत वर्ष दिल्ली से अपने मेंटोरशिप प्रोग्राम की शुरुआत करते हुए कहा था कि वो इस प्रोग्राम से देश की इन्शुरन्स इंडस्ट्री में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहे हैं। उस वक्त विजय न्यूज़ ने अपने राष्ट्रीय संस्करण में इस ख़बर को प्रकाशित किया था और कुछ ही महीनों में आज मेंटोरशिप प्रोग्राम ने अपने पैर दिल्ली से बाहर जाकर कोलकाता और मुंबई में भी फैला दिए हैं। इस मौक़े पर श्री सुमित श्रीवास्तव से हुई ख़ास बातचीत में हमने उनसे कुछ सवालों के जवाब जानने की कोशिश की।

सवाल : सर, ये बताइए कि आख़िर आपके मन में ये सब करने का विचार आया कैसे?
सुमित श्रीवास्तव: देखिए, जब मैं एलआईसी के माध्यम से विश्व की बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए आगे बड़ रहा था, तब कहीं ना कहीं मुझे लगा की भारत में ट्रेनिंग देने के लिए तो कई Trainers और Institutes हैं पर उनमें से कोई भी इन फ़ायनैन्शल कंसलटेंट की ज़िंदगी में ज़रूरी Mentorship नहीं दे रहा। किसी भी व्यक्ति को ज़िंदगी में सफल होने के लिए शुरुआत में ज़्यादा सपोर्ट चाहिए होता है ऐसे में अगर ट्रेनिंग देने के बाद व्यक्ति को मार्केट में अकेले छोड़ दिया जाएगा तो जल्दी ही वो demotivate हो जाएगा, इसलिए ऐसे वक़्त में उसको एक Mentor की ख़ास ज़रूरत होती है। इसलिए भारत में मैं इस कॉन्सेप्ट को लेके आया और देखिये, आज रिज़ल्ट आपके सामने हैं।

सवाल : इसके बाद क्या भारत के बाक़ी शहरों में भी आप Mentorship Programme शुरू करने जा रहे हैं?
सुमित श्रीवास्तव: हमें भारत के अलग अलग हिस्सों से requests आ रही हैं। अभी हम अपने इन्ही 3 मुख्य शहरों के पार्टिसिपेंट्स और इनके समीप क्षेत्रों के लोगो तक ही पहुँच पाएं है। हमारा प्रयास होगा की हम अपने उन अभिकर्ता भाइयों बहनों तक भी पहुंचे जो इन्शुरन्स इंडस्ट्री में कुछ कर गुजरने का जूनून रखते है या अपनी आकाँक्षाओं को पूर्ण करना चाहते है। पर जैसा आप समझते है मेरी मेंटरशिप से जुडी हुई सारी इनकम गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए चैरिटी में जाती है, अतः मुझे अपनी ज़रूरतों के लिए भी कार्यरत रहते हुए मेंटरशिप की मुहिम को आगे बढ़ाना है। ऐसे में अन्य शहरों में अभी शुरुआत करना मुश्किल होगा ।

सवाल : आपको मेंटरशिप प्रोग्राम की शुरुआत में किन किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा ?
सुमित श्रीवास्तव: हम जिस देश में रहते है, उस देश में हमारे लिए ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है की इन्शुरन्स को आज भी अभिकर्ता की ज़रुरत माना जाता है, और हमारे 12 लाख अभिकर्ता भी इस बुनियादी सोच को बदल नहीं पाएं हैं । ऐसे में देश के लगभग 97 % लोग ऐसे है जिनको अभी भी रिस्क कवरेज और फाइनेंसियल लिटरेसी का कोई अनुमान नहीं है । दूसरी बात अभिकर्ताओं में भी वो प्रोफेशनलिज्म नहीं है जो लोगो को समझा पाए की ये उनके परिवार की ज़रुरत है, उनके अपने परिवार के प्रति ज़िम्मेदारी है । ऐसे में उन्हें तैयार करना, उन्हें ग्राउंड जीरो पर उतर कर उनके सामने आने वाले हर सवाल हर मुश्किल का सवाल देना, उनके साथ 6 महीने एक दोस्त और एक मेंटर की भांति लगे रहना, कही न कही आपके दैनिक प्रक्रिया का एक बड़ा समय मांगता है ।

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