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कृपया राजनीति करते रहें!

आदरणीय! हे सियासत बाजों! मुझ अभागी जनता का सादर प्रणाम! इस संकट की घड़ी में हम एक देश में अनेकता की तरह व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। यह बहुत अच्छी बात है। हर एक राज्य अपने-अपने ढंग की, अपने-अपने मतलब की गाइडलाइनें निकाल रहा है। यह भी अच्छी बात है। हम आईपीएल क्रिकेट मैच में लगे हैं। चुनावी स्नान और कुंभ रेलियां भी खूब की है। इस अवसर पर हर एक राजनीतिक पार्टी अपने-अपने ढंग की राजनीति कर रही है। यह बढ़िया अवसर है। ऐसे संकटकालीन अवसर पर ही सियासत बाजी चमकती है। इसी समय आपको राजनीति करनी चाहिए। किसके वैक्सीन कब लगेगी? ये गेंद गजरे एक-दूसरे पर फेंकने चाहिए। ऑक्सीजन की सप्लाई उसे देनी थी, मुझे नहीं देनी थी। ऐसे वाक्य प्रेस कॉन्फ्रेंस में फहराने चाहिए। वैसे सबको पता है कि आप सियासत दानों की कथनी और करनी में अंतर होता है। आप अपनी-अपनी डफली और अपना-अपना राग अलापने हैं। अपने ढंग का स्वार्थमयी आंगन हो तब ही आप नाचते हैं। आप खुद एक-दूसरे की भैंसों के आगे बीन बजाते हैं। लाठी लेकर आप अपनी भैंस को घर ले आते हैं। अगर आप इस कोरोना महामारी में ही राजनीति नहीं करेंगे, तो फिर कब करेंगे? बढ़िया यह है कि आप कोरोना का एक शानदार मंच बना लें। कोरोना का एक माइक लगा लें। कोरोना की एक बड़ी सी भीड़ इकट्ठी कर लें। फिर अपनी राजनीतिक बयानबाजी चालू कर दें। आपको पता है कि वैक्सीन कार्यक्रम अभी बहुत लंबा चलेगा। यह भी आपको पता है कि कोरोना की जाने अब कौन सी चौथी-पांचवी लहर जाने कब आ जाएगी! इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए आप पूरी तरह से राजनीति में डूब जाएं। बल्कि राजनीति ही आप में डूब जाए। अपनी मर्जी से लॉकडाउन, तो कहीं कर्फ्यू लगा दें। यह सब आपको पता है कि इन दिनों चुनाव आयोग के अधिकारी मंगल ग्रह की यात्रा पर गए हुए हैं। उन्हें मंगल ग्रह पर कोरोना गाइडलाइन के अनुसार चुनाव करवाने हैं। इधर आपको अपनी कुर्सी लूटनी है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए आप भरपूर राजनीति करें। यही ध्यान रखें कि हर हाल में आप अपने वोटों की झोली कैसे भरें?

आप अपने मतलब के नेता की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव बनाएं या फिर अपने मतलब के लिए उसे नेगेटिव ही बना दें। पॉजिटिव-नेगेटिव, नेगेटिव-पॉजिटिव रिपोर्ट बनवाना आप अपनी पसंद के अनुसार करते रहें। कृपया मुझ जनता का ध्यान बिल्कुल मत करना। मुझे अपने हाल पर मरने के लिए छोड़ देना। मैंने आपको दिया भी क्या था, सिर्फ एक वोट! एक वोट के बदले आपको मेरे लिए इतनी भेजा-पचाई करनी भी नहीं चाहिए। जैसे मधुमक्खी प्रसून पराग रस संग्रहित कर शहद बना लेती है, उसी तरह से आप कोरोना मुद्दों का रस इकट्ठे कर अपने लिए एक दिव्य कुर्सी जरूर खड़ी कर दें। आपके अपरिमित आनंद, अपार शांति, असीम सुख और अद्भुत रस के लिए आप की राजनीति ही जरूरी है। आपसे यही उम्मीद की जाती है कि जब भी देश पर कोई आपदा आए तो आप तुरंत अपनी राजनीति करने लग जाएं। कृपया आप राजनीति करते रहिए। पड़े-पड़े ट्विटराते रहिए। खाते-खाते फेसबुकाते रहिए। मैं तो अभागी जनता हूं, मुझे मेरे हाल पर छोड़ दीजिए। आपकी दुखियारी जनता!

 

रामविलास जांगिड़

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