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प्रकृति का अनमोल उपहार

बेटी अनन्या अरी ओ अनन्या आजकल तुम्हारी अम्मा दिखाई नहीं दे रही।कहीं गई है क्या ?जो तुम पढ़ाई करने की जगह झाड़ू लगा रही हो।निर्मला चाची की बातें सुनते ही अनन्या की आंखों से आंसू झर झर कर जमीन पर गिरने लगी।
अनन्या की हालत देखकर निर्मला  चाची उसे अपनी बाहों में भर लीं और उसके बालों को सहलाते हुए बोली क्या हुआ बेटी ! बताओ तो सही।कहां गई मृदुला बहन?कोई बात है क्या बेटी ? निर्मला चाची के स्नेह पाकर अनन्या सुबकते हुए बोली।चाची मेरी मां एक गंभीर बीमारी के शिकार हो गई है  जिसके कारण पिछले एक महीने से बिछावन पर पड़ी है।
कौन सी बीमारी बेटी?
पहले बता तो सही।
आजकल दुनिया में किसी भी बीमारी का इलाज संभव है।तुझे घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
मैं हूं ना!
बता किस डॉक्टर से दिखा रही है।
क्या कहा है डॉक्टर ने?
डॉ यादव से दिखा रही है मां,अनन्या धीरे से बोली।
डॉक्टर यादव ने कहा है कि
अगर सही समय पर बीमारी का पता नहीं चलता तो इन्हें बचाना मुश्किल हो जाता।
शहर में बढ़ते प्रदूषण की वजह से मेरी मां का फेफड़ा संक्रमण का शिकार हो गया है।अगर वह दो चार कदम भी चलती है तो उसे सांस लेने में परेशानी महसूस होती है।डॉक्टर का मानना है पूरी तरह से स्वस्थ होने तक शहर से दूर किसी गांव में रहना पड़ेगा। जहां शुद्ध प्राकृतिक हवा मिल सके।
अब आप तो जानती हैं चाची मेरे पिताजी गांव का सारा घर बार बेंचकर कब के शहर आ गये थे। मेरे सभी रिश्तेदार भी शहर में ही रहते हैं।अब हमलोग कहां जाएं यही सोच सोच कर मां और बीमार है।
बस इतनी सी बात निर्मला चाची बोलीं!
हम किस दिन काम आयेंगे ?
हमे भी गांव गए बहुत दिन हो गए हैं।क्यों नहीं तुम अपनी मां को हमारे साथ गांव लेकर चलती हो! मृदुला स्वास्थ्य लाभ ले लेगी,तुम गांव देख लेना और हम भी कुछ दिन प्रकृति के गोद में बीताकर जिंदगी में ताजगी भर लेंगे।
अगले ही दिन अनन्या अपनी मां को लेकर निर्मला चाची के साथ उनके गांव चल दी।गांव में आए हुए अभी मुश्किल से पंद्रह दिन ही हुए थे अनन्या की मां लगभग पूरी तरह से स्वस्थ हो गई थी।किसी को विश्वास नहीं होता आखिर कौन से जादू ने निर्मला की बीमारी को रफूचक्कर कर दिया।अनन्या ने जब यह बात डॉक्टर यादव से जानना चाही तो उन्होंने कहा यह किसी जादू टोने का कमाल नहीं अनन्या,बल्कि प्रकृति का अनुपम उपहार है। गांव की शुद्ध प्राकृतिक आबोहवा और शांति चित वातावरण जिसमें किसी भी बीमारी से लड़ने की अकूत ताकत मौजूद है उसी ने तुम्हारी मां को इतनी जल्द स्वस्थ बना दिया। तुम तो जानती ही होगी कई लोग जिनके पास आय के बेहतरीन स्रोत है वर्ष में कई बार स्वास्थ्य लाभ के लिए शहरों से दूर प्रकृति की गोद में बसे पहाड़ी क्षेत्रों में जाकर बिताते हैं। अगर वे यही काम गांव में जाकर भी करें तो वह उसी प्रकार के स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं।
गोपेंद्र कु सिन्हा गौतम
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