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प्रधानमंत्री के भाषण में दिखा दिल्ली चुनाव का ब्लूप्रिंट

  • कुछ समय बाद होने हैं दिल्ली के चुनाव
  • केजरीवाल को पानी के मुद्दे पर घेरा

रमेश ठाकुर। विजय न्यूज़
नई दिल्ली। पिछले एक सप्ताह में दिल्ली का एतिहासिक रामलीला मैदान दो बड़ी रैलियों का साक्षी बना। पिछले सप्ताह कांग्रेस की ‘भारत बचाओ रैली‘ आयोजित हुई तो वहीं रविवार को भाजपा की ‘धन्यवाद रैली‘ हुई। दोनों रैलियों में नेताओं के मुंख से एक-दूसरे के लिए जमकर वाॅकयुद्व हुआ। प्रधानमंत्री की रैली को ‘धन्यवाद रैली‘ का नाम जरूर दिया। लेकिन रैली पूरी तरह से आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर आयोजित की गई। देश में इस समय तमाम मुद्दों को लेकर हंगामा हो रहा है। उनका प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ज्यादा जिक्र नहीं किया। उनका भाषण दिल्ली के आगामी चुनाव पर ही कंेद्रित रहा।
प्रधानमंत्री ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बगैर उनको आड़े हाथों लिया। उनके फ्री के बिजली-पानी वाले फाॅर्मूले को चुनावी हथकंड़ा बताया। पानी के मुद्दे पर पीएम ने कहा दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या साफ पानी नहीं मिलने की है। इन लोगों की (केजरीवाल सरकार) मानें तो पूरी दिल्ली में बिसलेरी जैसा साफ पानी मुहैया होता है। मैं पूछता हूं आप दिल्ली सरकार से सहमत हो? क्या आपको शुद्ध पानी मिलता है? जबकि सच्चाई यह है दिल्ली में आज सबसे अधिक वाटर प्यूरीफायर बिक रहे हैं।

भाजपा ने नियमित काॅलोनी का फेंका पासा
भाजपा ने फिलहाल केजरीवाल को काॅलोनियों के मुद्दे पर घेरा हुआ है। केंद्र सरकार ने दिल्ली की 1731 कॉलोनियों को नियमित करने का निर्णय लिया। भाजपा इसी मुद्दों को लेकर आगामी में जनता के बीच जाएगी। रविवार को आयोजित रैली भी इसी पर आधारित रही। दिल्ली भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करने के लिए रैली आयोजित करवाई। अपने भाषण में पीएम ने नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर हो रहे उपद्रव पर विपक्षी पार्टियां पर निशाना साधते हुए कहा कि हमने किसी योजना के लिए किसी का धर्म नहीं पूछा। उन्होंने कहा जिन्हें मेरा विरोध करना है वह मेरे पुतले पर जूते मारें, लेकिन देश की संपत्ति ना जलाएं।

रैली में सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम
एसीसी को लेकर खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक हमले की आंशको को देखते प्रधानमंत्री की रैली को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। रैली स्थल से लेकर पुरानी दिल्ली के दरियागंज और उसके आसपास कई किलोमीटर तक इलाके को छावनी में तब्दील किया गया। अर्द्धसैनिक बलों की 20 कंपनियों को तैनात किया गया। उपायुक्त स्तर के दो दर्जन पुलिस अधिकारी मौके पर मोर्चा संभाले हुए थे। पुलिस के दो हजार जवान, ड्रोन रोधी टीम और एनएसजी कमांडो भी सभा स्थल की सुरक्षा में तैनात थे।

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