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आर.टी.पी.सी.आर जांच में और अधिक तेजी लाई जाएं :  मण्डलायुक्त

कोरोना को मात देने के लिए सभी अधिकारी एकजुट होकर कार्य करें : ए0वी0राजमौलि

सहारनपुर। मण्डलायुक्त श्री ए0वी0राजमौलि ने मण्डल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए है कि मण्डल के जनपदों में एल-2 व एल-3 अस्पतालों का यथाशीघ्र सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि आर.टी.पी.सी.आर जांच की जांच में तेजी लाई जाए। उन्होंने सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जिलाधिकारी का सहयोग करें तथा प्रतिदिन इंटीग्रेटिड कोविड एण्ड कमाण्ड सेंटर में बैठक कर ग्रामीण क्षेत्रों में समुचित साफ-सफाई के साथ ही समुचित कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग और टैस्ट की संख्या को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना को मात देन केे लिए एक जुट होकर इसका मुकाबला करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मरीजों को तत्काल उपचार के लिए अलग से एम्बुलेंस रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था की स्थिति को मजबूत करने के लिए अब पुलिस पेट्रोलिंग व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरूस्त बनाया जाए। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड से मृत्यु होने वाले मरीजों के ईलाज के सम्बन्ध में तथ्यात्मक विवरण प्रतिदिन प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिशिचित किया जाए कि कहीं भी आॅक्सीजन की कमी न होने पायें। उन्होंने कहा कि मण्डल में कहीं भी जीवन रक्षक दवाईयों की कमी न होने पाएं।
श्री ए0वी0राजमौलि आज यहां मण्डलीय कोविड-19 के सम्बन्ध में वर्चुअल चिकित्सा उपायों एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एल-1 अस्पतालों के जगह यथाशीध्र एल-2 अस्पतालों का निर्माण कराया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एल-2 अस्पतालों में समुचित मात्रा में आॅक्सीजन तथा वेंटीलेटर क्रियाशील स्थिति में रहेे। एल-3 अस्पतालों में आई.सी.यू. में बैड की पर्याप्त संख्या रखी जाए। समुचित व्यवस्थाओं के साथ ही डायलिसिस मशीनों की भी व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की तीव्रता अधिक है इसका लक्षण के आधार पर उपचार होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हर जनपद में इंटीग्रेटिड कोविड एण्ड काॅमन कंट्रोल सेंटर को और अधिक सक्रिय करते हुए होम आईसोलेशन वाले मरीजों से निरंतर सम्पर्क करते रहे है। उन्होंने कहा कि कुल एम्बुलेंस की आधी एम्बुलेंस का उपयोग कोविड-19 के मरीजों के लिए होना चाहिए। 108 व अन्य एम्बुलेंस में प्रशिक्षित तकनीशियन होने चाहिए। आॅक्सीजन की हर समय उपलब्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हमें कोविड-19 संक्रमण के साथ संचारी रोगों से भी लड़ना है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर आई.एम.ए. व नर्सिंग होमों से समन्वय स्थापित कर सहयोग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के अस्पतालों की साफ-सफाई पर समुचित ध्यान रखा जाना चाहिए। मरीजों की बेड शीट प्रतिदिन बदलवाई जाए। उन्होंने कहा कि हमार ध्येय होना चाहिए कि कोई भी मरीज बिना ईलाज के न रहने पाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कोविड-19 अस्पतालों में वरिष्ठ चिकित्सक भी प्रतिदिन भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि मरीजों के हालचाल के सम्बन्ध में प्रतिदिन उनके परिजनों को स्वास्थ्य की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
मण्डलायुक्त ने कहा कि हर कोविड-19 मरीज के केस हिस्ट्री की भी जानकारी इनके पास होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों से प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए। ऐसे मरीजों को पल्स आॅक्सीमीटर भी रखने की सलाह के साथ ही प्रतिदिन का विवरण भी अंकित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड मरीजांे की मौत होने पर परिजनों द्वारा शव न लिये जाने की स्थिति में जिलाधिकारी के माध्यम से ऐसे शव का पूरे उनके मजहब को ध्यान में रखते हुए अंतिम संस्कार कराया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कोविड-19 के सम्बन्ध में अपने-अपने जनपदांे में बचाव के व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। रोग के बारे में जानकारी व बचाव की भी जानकारी आम जनता को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि टेली मेडिसिन के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की मदद ली जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विधाओं वाले वरिष्ठ चिकित्सकों की इसमें सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी यह प्रयास करें कि टेली मेडिसिन के माध्यम से प्रातः10ः00 बजे से सांय 4ः00 बजे तक अन्य बीमारियों के मरीजों को जानकारी उपलब्ध कराई जाएं।
श्री ए0वी0राजमौलि ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान को पूरी गति से चलाये जाए। ग्रामीणों को संचारी रोगों से जानकारी देने के साथ ही शुद्ध पेयजल के सम्बन्ध में भी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा की निगरानी समितियों को और अधिक सक्रिय किया जाए तथा बाहर से आने वाले लोगों के सम्बन्ध में भी जानकारी एकत्रित की जाए। होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए दबिश देते समय हाथ के दस्ताने व माॅस्क का प्रयोग आवश्यक रूप से करें। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक महामारी के समय हमें पुलिस व अपने कोरोना वाॅरियर को बचा कर रखना है।
श्री उपेन्द्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत पुलिस अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि उनके जनपदों में कहीं पर जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी अथवा जमाखोरी न हो रही हो। जीवन रक्षक दवाईयों की कालाबाजारी अथवा जमाखोरी करने वालों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होने कहा कि मुख्य चिकित्साधिकारी यह भी सुनिश्चित कर लें कि जहां पर वैक्सीन अथवा आवश्यक दवाओं का भण्डारण है वहां पर सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम है अथवा नहीं। उन्होने कहा कि ऐसे स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था के साथ-साथ एक रजिस्टर भी लगाया जाए जिसमें आने वालों की सूचना अंकित की जा सके। उन्होने कहा कि मण्डल में आॅक्सीजन निर्माता तथा सप्लायर की एक सूची उपलब्ध करायी जाए। साथ ही यह भी देखा जाए कि उनके पास वर्तमान में कितनी आॅक्सीजन उपलब्ध है। उन्होने कहा कि पुलिस वाहनों पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से भी कोरोना गाईडलाईन का प्रचार प्रसार किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध जुर्माने के बारे में भी बताया जाए। उन्होने कहा कि पीए सिस्टम के माध्यम से यह भी बताया जाए कि व्यक्ति के पास मास्क का होना ही पर्याप्त नही है मास्क का सही इस्तेमाल करना है। उन्होने कहा कि मास्क से नाक व मुहं पूरी तरह से ढका होना चाहिए।
वर्चुअल बैठक में पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री उपेन्द्र अग्रवाल, अपर आयुक्त (प्रशासन) श्री डी.पी.सिंह, संयुक्त विकास आयुक्त श्री सुनील कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी सहारनपुर श्री अखिलेश सिंह, मुजफ्फरनगर श्रीमती सेल्वा कुमारी जे, शामली श्रीमती जसजीत कौर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर डाॅ0 एस0चन्नप्पा, मुजफ्फरनगर श्री अभिषेक यादव, पुलिस अधीक्षक शामली श्री सुकिर्ति माधव, मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रणय सिंह मुजफ्फरनगर श्री आलोक कुमार अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, उपनिदेशक मण्डी तथा वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

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