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व्यंग्य : भिखारी अधिकारी के रूप में इंटर्नशिप सर्टिफिकेट!

ऑल इंडिया भिखारी इंस्टिट्यूट के मुताबिक देश में भिखारियों का स्वर्णिम भविष्य है। लेकिन इसमें प्रवेश की प्रक्रिया में भारी कठिनाई है। प्रवेश के लिए कम से कम पोस्ट ग्रेजुएट होना आवश्यक है। वरिष्ठ भीख अधिकारी बनने के लिए देश का सामान्य ज्ञान याद रखना बहुत जरूरी है। साथ ही भीखग्राही को भीख मनोविज्ञान का ज्ञाता होना वांछनीय योग्यता मानी जाती है। फिर किसी रजिस्टर्ड भिखारी अधिकारी के पास सहायक के रूप में इंटर्नशिप सर्टिफिकेट का भी 3 वर्ष का अनुभव जरूरी है। भारतीय भिखारी सेवा के प्रारंभिक परीक्षण में 5 भाषा के पर्चे होते हैं। एक प्रभावशाली भिखारी बनने के लिए कई भाषाओं पर पकड़ जरूरी है। एक पर्चा सामान्य ज्ञान और तार्किक योग्यता का होता है। प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण आशार्थी भिखारी मुख्य परीक्षा के योग्य समझा जाता है। मुख्य परीक्षा में भीख शास्त्र, भीख मनोविज्ञान, भीख के आधुनिक तरीके, भीख का इतिहास, अंतरराष्ट्रीय भीख विज्ञान, आदर्श भिखारी और सोशल मीडिया में भीख के विभिन्न स्वरूपों जैसे विषयों पर गहन जानकारी पूछी जाती है। इस मुख्य परीक्षा की बाधा को पार करने के बाद साक्षात्कार के साथ प्रायोगिक परीक्षा भी ली जाती है। हिंदुओं के मोहल्ले में भीख कैसे मांगोगे? मुसलमानों की बस्ती में भीख कैसे मांगी जाएगी? इनमें एक्सपर्ट समझ जरूरी होगी।

पंजाब में भीख कैसी मांगी जाएगी? राजस्थान के रेत के धोरों में भीख कैसे मांगोगे? असम पूर्वोत्तर के राज्यों में भीख मांगने के कौनसे तरीके होंगे? इस विषय पर अनेकों तरह की सिचुएशन क्रिएट करके प्रैक्टिकल एग्जाम लिया जाएगा। वॉइस टेस्ट लेकर करुण रस के सहारे भीख की खेती करने के तरीकों पर समूह चर्चा की जाएगी। भाषा विज्ञान के लिए अनेक भाषा शास्त्री मिलकर तरह-तरह की भाषाओं के उपयोग के लिए बात किया करेंगे। भीख मांगने के लिए काम में आने वाली शब्दावली की लिखित और मौखिक अभिव्यक्ति के तरीकों पर सिम्युलेटिव एग्जाम कराया जाएगा। बोलने में शब्दों को प्रस्तुत की विधा पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाएगा। करुण रस और दया भाव की मूसलाधार बारिश करने वाले भिखारी आकांक्षी को टॉपर समझा जाता है। इसे ही भारतीय भिखारी सेवा के सर्वोच्च पद भीख मांगने का अवसर मिलता है। लेकिन इससे पूर्व उसे किसी ख्यातनाम भिखारी के अंडर में ट्रेनी के रूप में भीख मांगने में पारंगत होना पड़ेगा। इधर चार्वाक भाई ने कहा- ‘ऋणं कृत्वा घृतं पिबेत्, यावत् जीवेत् सुखं जीवेत्।’ अतः हम तो भीख मांग कर ही जी रहे हैं। उधार मांग कर जीवन में मजे मार रहे हैं। मंत्री से लेकर संतरी तक। ब्यूरोक्रेट से लेकर के टेक्नोक्रेट तक। दाएं से लेकर बाएं तक। सब लोग अपने-अपने तरीके से भीख मांगने के लिए अपने-अपने विशिष्ट कटोरों को रगड़ देने के लिए चमका रहे हैं। तो चलूं! अब मुझे भी भीख मांगनी है। अगर आपके पास मेरे लिए अब थोड़ी भी दया बची है तो भगवान के लिए मेरे पते पर सहायता राशि का ड्राफ्ट पहुंचा देना। आप मुझे सीधे ही फेसबुक, वाट्सअप, ट्वीटर आदि से अकाउंट में डॉलर डाल सकते हैं। रुपये 10,000 से कम राशि स्वीकार करने से मेरा स्टेटस गिर जाएगा। यही मेरी भीखगिरी की न्यूनतम रेट है। इससे कम भीख देने वाले भिखारी ही समझे जाएंगे, इसलिए इससे कम भीख हरगिज न दें।

रामविलास जांगिड़,18, उत्तम नगर, घूघरा, अजमेर (305023) राजस्थान

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