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सत्यवीर सतीशा का भ्रष्टाचार प्रबंधन!

गांधी सड़क स्थित संतनगर के प्रशासनिक कार्यालय में नियुक्त युवा, तेज-तर्रार, अकर्मठ-अशालीन प्रांतीय निरीक्षक सत्यवीर सतीशा ने गर्दभन्यूज से वार्ता करते हुए, भ्रष्टाचार प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। सत्यवीर के अनुसार इस वर्ष का यह भ्रष्टाचार प्रबंधन सप्ताह, वर्ष का दूसरा भ्रष्टाचार प्रबंधन सप्ताह है। मंत्री जी के निर्देश पर इस सप्ताह जन-जन में भ्रष्टाचार के विशिष्ट आचरण को व्यवहार में लाने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसी क्रम में आज पहले दिन भ्रष्टाचार करने के विभिन्न तरीकों पर एक दर्शक दीर्घा बनाई है। गांधी जी की तस्वीर के आगे फूल चढ़ाते हुए, उद्घाटन करते समय सत्यवीर ने छोटी-छोटी चीजों से लेकर बड़ी-बड़ी योजनाओं में बड़ा-बड़ा रोकड़ा खींचने के विभिन्न कार्यक्रमों की फोटो प्रदर्शनी लगाकर भ्रष्टाचार का महत्व बताया। सत्यवीर सतीशा ने बताया कि हमारे विभाग के मुखिया श्री सत्येंद्र सत्यकुमार जी आकस्मिक अवकाश पर थे। उनसे उन्होंने आकस्मिक अवकाश पर रहने की एवज में 1000 रुपए खींचे और उन्हें कल हस्ताक्षर करने के लिए कह दिया। इसलिए इस सप्ताह के सफल भ्रष्टाचार प्रबंधन के आगाज की जिम्मेदारी उन पर आन पड़ी है। उन्होंने कहा- मैंने उनसे ही भ्रष्ट आचरण करके इस भ्रष्ट आचरण जागरूकता अभियान की प्रचार रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में हमें विभाग के सभी कर्मचारी व अधिकारियों का भरपूर सहयोग मिलता रहा है।

सत्यवीर सतीशा ने हमारे गर्दभ न्यूज़ संवाददाता कुमार सत्यार्थी को बताया कि भ्रष्टाचार प्रबंधन सप्ताह के प्रथम दिन समस्त निजी एवं सरकारी कार्यालयों में किए जाने वाले भ्रष्टाचार का प्रचार-प्रसार किया गया। इससे आम-जन को बड़ी आसानी होगी और वह पहले से ही जारी किए गए भ्रष्टाचार मानकों के साथ आवश्यक भ्रष्ट आचरण कर अपना उल्लू तुरंत ही सीधा कर सकेंगे। साथ ही भ्रष्टाचार प्रबंधन से सम्बन्धित बैनर एवं स्टीकर जगह-जगह चस्पा किए गए और पम्फलेट का वितरण किया गया। कोरोना काल में हवा और दवा से भ्रष्ट आचरण करने की नई कार्यशैली का वर्णन करते हुए सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन भी कराया गया। मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रखने वाले लोगों से सीधा रोकड़ा खींचकर मैंने अपने घर के लिए आज 2,44,980 रुपये भी इकट्ठे किए। सत्यवीर सतीशा ने बताया कि भ्रष्टाचार प्रबंधन केंद्रों पर चपरासी से लेकर महा अधिकारी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और नेता-मंत्री तक अपने-अपने निश्चित कमीशन का प्रतिशत तय हो जाने के बाद; ये सारी बेईमानी बहुत ही ईमानदारी के साथ पूरी करते हैं। हम स्वत: भ्रष्ट-संज्ञान व शासन के निर्देशानुसार भ्रष्टाचार प्रबंधन के प्रति सभी को जागरूक करने के लिए यह आयोजन कर रहे हैं। आम जन को चाहिए कि वह जीवन में भ्रष्टाचार के मूल्य को समझें। भ्रष्टाचार प्रबंधन, समर्थ जीवन इस मंत्र को कभी न भूलें। समर्थ भ्रष्टाचारी जन ही समर्थ जीवन जीने का अधिकारी होता है।

 

रामविलास जांगिड़

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