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वृश्चिक राशि : वर्ष 2020 का वार्षिक राशिफल

स्वास्थ्य: इस वर्ष में स्वास्थ्य की दृष्टि से अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। विशेषतः जोड़ों तथा सिर में दर्द की समस्या हो सकती है। व्यापारिक अथवा निजी कारणों से मानसिक तनाव हो सकता है, जिससे अनिद्रा की समस्या हो सकती है। आहार के प्रति असावधानी आपके स्वास्थ्य के लिये हानिकारक हो सकती है। अनावश्यक चिन्ता के कारण रक्तचाप में उतार-चढ़ाव भी हो सकता है। मानसिक स्थिति को नियन्त्रित करने हेतु नियमित ध्यान का प्रयोग करें। स्वयं को सन्तुलित बनाये रखें।

आर्थिक स्थिति: आर्थिक दृष्टि से यह वर्ष अनुकूल रहेगा। वर्ष के प्रारम्भ में गुरु महाराज आपकी राशि में धन स्थान में होंगे, जिसके कारण धन सञ्चय भी लाभदायक ही रहेगा। साथ ही 19 सितम्बर तक आपको व्यर्थ के व्यय पर नियन्त्रण रखना होगा। पुरानी वस्तुओं एवं मरम्मत में अधिक व्यय करेंगे। आय की तुलना में व्यय अधिक होंगे। मानसिक चिन्ता से घिरे रहेंगे। सम्भवतः ऋण लेने की आवश्यकता पड़ सकती है। यदि शेयर-सट्टा में निवेश करना चाहते हैं, तो 19 सितम्बर के पश्चात् ही सोच-विचार के आगे बढ़ें।

व्यवसाय: व्यवसाय हेतु यह वर्ष आपके लिये मिश्रित फलदायक रहेगा। आपके जीवन में उतार-चढ़ाव सम्भव है। गुप्तचर, मशीनरी, वैज्ञानिक, औषधि विक्रेता एवं दलाल, खनिज पदार्थ सम्बन्धित कार्य, भूमि व सम्पत्ति का लेन-देन, चिकित्सा तथा वकीलों आदि हेतु यह वर्ष शुभः रह सकता है। व्यापारी वर्ग हेतु मिटटी का तेल, डीजल, पेट्रोल, रबर का सामान, प्लास्टिक, लोहा, स्टील, ताँबा, एवं अन्य धातु आदि व्यापर से जुड़े जातकों को मध्यम लाभ प्राप्त हो सकता है। सरकारी कर्मचारियों को वर्ष के अन्त में पदोन्नति प्राप्त हो सकती हैं।

कौटुम्बिक एवं सामाजिक: वर्ष के आरम्भ में आपके साहस व पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। सन्तान का विवाह अच्छे कुटुम्ब में निर्धारित होगा। उच्च कोटि का रहन-सहन अपनायेंगे। सामाजिक क्षेत्र में आपकी प्रसिद्धि में विस्तार होगा। सफल व्यक्तियों में आपका उदहारण दिया जायेगा। समाज में आपकी उपलब्धियों की चर्चा होने के कारण पारिवारिक पृष्ठभूमि में भी सम्पन्नता आयेगी। 19 सितम्बर से आपको अधिक ध्यान रखना होगा। सम्पत्ति का बँटवारा व भाइयों से पृथक होकर व्यापार करना पड़ सकता है।

प्रणय जीवन: दाम्पत्य सुखः की दृष्टि से यह वर्ष आपके लिये अनुकूल है। परिवार में सुखः व शान्ति बनी रहेगी। स्त्री सुखः पूर्णतः प्राप्त होगा। सन्तान प्राप्ति के योग बन रहे हैं, अतः सन्तान सुखः प्राप्त होगा। पत्नी के स्वास्थ्य से सम्बन्धित चिन्ता बनी रहेगी। घर में नवीन अतिथि के आगमन से घर का वातावरण प्रफुल्लित रहेगा। विवाह इच्छुक जातकों की मनोकामना पूर्ण हो सकती है। नवीन व्यक्तित्वों के प्रति आपकी उत्कृष्टता में वृद्धि होगी। विजाति की ओर आपका आकर्षण व प्रभुत्व अधिक रहेगा किन्तु सतर्कता व सावधानी रखें।

स्त्री जातक फल: यदि विवाह योग्य आयु की हैं तथा अविवाहित हैं तो इस वर्ष आपके विवाह के योग बन सकते हैं। सन्तान पक्ष से आर्थिक अपेक्षा सफल होगी। पति-पत्नी का जीवन सुमधुर बनाना कहते हैं तो मन शान्त रखें एवं पति को सम्मान दें, उनसे वार्तालाप करने का ढंग परिवर्तित करें। परिवार के अन्य सदस्यों एवं सन्तान के समक्ष वाद-विवाद न करें। इस वर्ष आपको पुराने रोगों, आलस्य एवं दुर्बलता की समस्या रहेगी।

राजकीय स्थिति: राजकीय क्षेत्र में इस वर्ष आपको अधिक ध्यान रखना होगा। आप किसी मन्त्रालय के अधीन हैं अथवा आपके अधीन कोई मन्त्रालय है या पार्टी का कोई कार्य है तो 19-09-2019 तक कोई घोटाला उजागर हो सकता है। आपका अपयश हो सकता है, अतः समुचित उपाय खोजकर उसका तुरन्त क्रियान्वयन करना लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

विद्यार्थी जीवन: यदि आप इस वर्ष किसी महत्वपूर्ण परीक्षा अथवा उच्च कक्षा में अध्ययन कर रहे हैं, तो थोड़ा अधिक परिश्रम करें। जो जातक स्पर्धात्मक कसौटी दे रहे हैं वह किसी अन्य पर विश्वास करने की अपेक्षा अपनी एकाग्रता एवं परिश्रम पर ध्यान दें। टी.वी., मोबाईल एवं मनोरंजन के साधनों का उपयोग कम ही करें एवं अपने पाठय पुस्तक तथा उपयोगी पुस्तकों में अधिक ध्यान रखें। अध्ययन के साथ-साथ आप किसी कम्पनी में अंशकालिक कार्य भी कर सकते हैं।

सारांश: वर्ष 2020 आपकी अपेक्षाओं से थोड़े भिन्न परिणाम दे सकता है। ऋतु, दिनचर्या एवं आहार में अनियमितता के कारण मधुमेह, रक्तचाप, दमा आदि रोगों को नियन्त्रित करने में समस्या आ सकती है। यदि आपका व्यापार साझेदारी में है तो साझेदारी से सम्बन्धित शंका-कुशंकाओं का निवारण करना अनिवार्य होगा। नवीन व्यवसाय आरम्भ करने के इच्छुक हैं, तो सर्वप्रथम उस व्यवसाय से सम्बन्धित समस्त जानकारी प्राप्त कर लें। विधार्थियों द्वारा आरम्भ से किये हुये परिश्रम के माध्यम से उत्तम परिणाम प्राप्त होंगे। राजकीय जातक यदि अपना प्रभाव बनाये रखना चाहते हैं, तो जनसमुदाय से निरन्तर मेल-मिलाप रखें। जनसामान्य की सहायता करते रहें। दाम्पत्यजीवन में भ्रामक स्थितियों के कारण छोटी-छोटी बातों पर वाद-विवाद हो सकता है। प्रियतमा अथवा प्रियतम से छल-कपट एवं विश्वासघात के कारण प्रणय जीवन में फूट पड़ सकती है।

मर्यादा: –

  1. वर्ष 2020 में 24 जनवरी तक आपकी साढ़ेसाती का अन्तिम चरण चल रहा है, यह साढ़ेसाती रजत पद से उतरती हुई है। 24 जनवरी के पश्चात् वर्ष पर्यन्त कोई पनोती नहीं है।
  2. सहपरिवार दस या पन्द्रह दिन में बाहर भ्रमण हेतु जायें।
  3. हठी एवं क्रोधी स्वाभाव में परिवर्तन लायें, अन्यथा नयी पीड़ी आपको परिवर्तित कर देगी।
  4. आपका अभिमान ही आपका परम शत्रु है, स्थायी स्वाभाव को त्यागें।
  5. जीवन में आयु का ध्यान रखें तथा उसी के आधार पर अपनी दिनचर्या निर्धारित करें।
  6. आप अपने सन्दर्भ में कही हुई सत्य एवं स्पष्ट बात को सहन नहीं कर पाते, जीवन में अग्रसर होने हेतु सहनशील बनें।
  7. वर्ष 2020 में शारीरिक, पारिवारिक, प्रणय जीवन, साझेदारी तथा मानसिक स्थिति पर नियन्त्रण कर लेने से आप सर्व विजयी हो सकते हैं।

समाधान: –

  • चिन्ता से मुक्ति एवं रोगों से बचाव हेतु अपने देवालय में स्फटिक शिवलिङ्ग को स्थान दें।
  • व्यापारी एवं विद्यार्थी सफलता, धन एवं बुद्धि में वृद्धि हेतु स्फटिक के श्री गणेश जी की पूजा नित्य करें, विनायक एवं संकष्टी चतुर्थी पर विशेष पूजा व गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
  • मंगलवार के दिन पारद हनुमानजी की पूजा करें तथा निम्नलिखित मन्त्र का कम से कम 108 बार जाप करें-
  • हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्।
  • आप व्यापार स्थल पर मंगलवार के दिन मंगल की होरा में मूँगे के लक्ष्मी एवं गणेश जी को पूजन स्थल पर स्थापित करें, 49 दिवस तक नित्य 108 बार निम्नलिखित मन्त्र से जाप करें- ॐ श्रीं गं लक्ष्मी गणेशभ्यां नमः।
  • जो वृश्चिक राशि के जातक पुलिस, सेना आदि में हैं, वह अष्टधातु के पिरामिड यन्त्र को क्रय करके अपने पूजन स्थल पर रखें।
  • अनावश्यक क्रोध से बचने हेतु मूँगे की माला मंगलवार का व्रत रखकर मंगल की होरा में धारण करें।
  • किसी मंगलवार को युवा पण्डित जी को संकल्प के निमित्त दान दें एवं साष्टाङ्ग प्रणाम करें। मूँगा, गेंहूँ, मसूर, गुड़, स्वर्ण (यथा शक्ति), लाल वस्त्र, कनेर के पुष्प, ताँबा एवं यथा शक्ति दक्षिणा सहित प्रातः 2 घटी में दान दें।

-निम्नलिखित मन्त्र का प्रत्येक मंगलवार पवित्र अवस्था में मंगलवार का व्रत कर 108 बार जाप करें-
ह्रीं धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं तं मंगलं प्रणमाम्यहम्॥

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