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चीख-चीख कर चीन पर हमला

सूक्ष्मदर्शी से भी दिखाई न देने वाले चीनी वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी औकात दिखा दी। चीन सूरमा बनकर घूम रहा है और बाकी देश औंधे पड़े धूल चाट रहे हैं। चीन चारों ओर चक्कर चला कर अपने कई तरह के अस्त्र-शस्त्र लेकर मैदान में मिसाइल बजा रहा है। चारों ओर के छोटे-मोटे देशों पर दबंगई दिखा कर उन पर कब्जा कर रहा है। चीन अलग-अलग ढंग से युद्ध करने के लिए गधाई चाल चल रहा है। हम अलग-अलग ढंग से एक दूसरी पार्टियों पर आरोप लगा रहे हैं। कोरोना के आरोपों की गेंद एक दूसरे पर उछाल रहे हैं। हम एक दूसरे पर चीख-चीख पर चीख रहे हैं। चीन कई-कई तरह से सेंध लगा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कई तरह के डाटा हाईजैक कर रहा है। चीन तिकड़म बाजी कर रहा है। हमने टीवी पर बहस करने के लिए कई तरह के एंकर बुला लिए हैं। ऐसी-ऐसी महिला एंकर जो भड़कीले कपड़े पहन कर ऊंची आवाज में चीख-चीख कर चीन को जवाब देने के लिए कटिबद्ध हो चुकी है। इस तरह से हमने भी चीन से लड़ने की कमर कस ली है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जुड़े डाटा की माइनिंग लगातार चल रही है। यह डाटा माइनिंग सड़क से लेकर संसद तक पसरी पड़ी है। समझाने-पढ़ाने का सारा काम सोशल मीडिया ने ले लिया है। चीन ने हाइब्रिड युद्ध से विज्ञान के नए-नए अस्त्र-शस्त्र पैदा करके अच्छे-अच्छों के नाक में दम कर दिया है। लेकिन दम उसके ही होता है जिसके एक अदद नाक हो। मैं अपनी नाक टटोल रहा हूं। जाने अपनी नाक कहां चली गई?

हमने मुद्दों को अधिकारियों के भरोसे छोड़ दिए हैं। अधिकारियों ने सारा काम नेताजी के भरोसे छोड़ दिए हैं। नेता जी ने अपना सारा भरोसा सोशल मीडिया पर छोड़ दिया है। हम घर में पक्ष-विपक्ष बनकर आपस में झगड़ा कर रहे हैं और बिल्ली ताक में बैठी है। चीन छल, छद्म, कपट, प्रपंच आदि रच कर हमें ‘वर्क फ्रॉम होम’ की दिशा में ले गया है। चीन अब सुन ले! तेरी एक भी नहीं चलेगी। इधर टीवी पर आकर देख! तुझे हमने कितनी बार पछाड़ा है। तुझे कितनी बार उखाड़ा है। हमने सीमा पर तुझे ललकारा है। हमारे कई कवि तुझ पर कविताएं पेलने के लिए लालायित है। सोशल मीडिया देख! जाने कितनी बार हमारे कवि लोगों ने तुझे धूल चटा दी है। टीवी एंकर तुझे जवाब देने के लिए टीवी के स्टूडियो में घुस गए हैं। टीवी के बकोरे पैनलिस्ट टीवी स्क्रीन फाड़ कर बाहर निकल चुके हैं। वे दर्शकों के ड्राइंग रूम से होते हुए अब चीन की दिशा में पांव करके सोने लगे हैं। तू हमारे डाटा चुरा कर कुछ नहीं कर सकता। हम तेरा आटा बंद कर देंगे। तेरी मूर्ति बनाकर उस पर हम चांटा धर देंगे। हमें तेरी बिल्कुल परवाह नहीं है। हमने 1555वीं बार कठोर कदम उठा लिए हैं। ये कठोर कदम उठाने के बाद इन्हें कहां रखेंगे इस पर घनघोर चर्चाएं चल रही है। जैसे ही तय हो जाएगा कि उठाए गए कठोर कदम कहां रखने हैं, फिर तो तू अपनी खाल बचाकर ही रहना। चीन की चाल और भेड़िए की खाल बस अब उतरने ही वाली है। हमारी चीखें चीन को निशाना बनाने वाली है।

 

रामविलास जांगिड़

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