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उच्च रक्तचाप हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और उपचार

वर्तमान समय मे भाग- दौड़ के व्यस्त जीवन मे मानसिक तनाव एवं अनियमित खान – पान उच्च रक्तचाप की मुख्य वजह है। उच्च रक्तचाप की समस्या आज आम बात हो रही है।जिसके फलस्वरूप आज युवा पीढ़ी भी इसकी चपेट में तेजी से आ रही है। युवा वर्ग बेरोजगारी और कैरियर को लेकर मानसिक तनावग्रस्त होने के कारण उच्च रक्तचाप से ग्रसित हो रहा है। इसके लिए जीवन को नियमित ओर खान-पान में सावधानी रखें। और योग और आहार से अपने को स्वस्थ रखे।

लक्षण
सर में व गर्दन के पीछे दर्द,बेचैनी, चिड़चिड़ापन छाती में दर्द,घबराहट, क्रोध, चेहरे पर तनाव, पाचन संस्थान की खराबी, आंखें लाल,ह्रदय की धड़कन बढ़ जाना, अनिद्रा, नाक से खून आना,आदि।

प्रभाव
लकवा,गुर्दो की खराबी,दृष्टि दोष,दुर्बलता, ह्रदय रोग,

कारण
कब्ज ,अपच , रक्त कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाना, धूम्रपान ,अंतः स्रावी ग्रंथियों का ठीक से काम न करना, तनाव, गुर्दे की खराबी, मोटापा, गलत आहार, अम्ल कारी व मसालेदार खाना, चाय, कॉफी ,अधिक नमक, व चीनी, शराब, मांसाहार,  क्षमता से अधिक मानसिक कार्य करना, उचित व्यायाम व विश्राम का अभाव, गर्म चीजें, मैदा, रिफाइंड तेल, अधिक घी इत्यादि ।

आहार द्वारा उपचार
उपवास :-

  • अंकुरित फल खट्टे, उबली सब्जियां, सलाद, नींबू पानी, शहद।
  • हरि बोतल का सूर्यताप जल (खाली पेट) ले,
  • आंवला का रस,
  • गेहूं के ज्वारे का रस
  • निम्बू का रस में पानी और शहद मिलाकर ले
  • तांबे के बर्तन का पानी,
  • मूंग ,चना, मोठ के अंकुर खाए
  • आंवला रस
  • नींबू रस +शहद +पानी पिएं
  • तांबे के बर्तन का पानी *पोटेशियम युक्त आहार जैसे खीरा,गाजर ,घीया, केले के तने का रस, चुकंदर का रस, बथुवा, हरा धनिया, पालक का रस,
  • गेहूं के जवारे का रस
  • सलाद, खट्टे फल
  • तीन भाग गाजर का एक भाग पालक का रस
  • धनिया,पुदीना,चटनी
  • उबली सब्जियों का सूप
  • काली मिर्च +नींबू

    उपवास समाप्ति पर
    1. दलिया
    2. चोकर युक्त रोटी ( गेहूं ,चना ,जौ)
    नोट :- प्रतिदिन 12 से 15 गिलास पानी पिएं।।

आहार द्वारा विशेष उपचार:-

  • बासी रोटी कच्चे दूध में भिगोकर खाएं
  • पानी में नींबू का रस डालकर पीए
  • आधा कप ठंडा दूध +आधा कप पानी (दूध डबल तोड़ ले)
  • विजयसार का पानी,
  • धनिया पानी
  • सूर्य को जल दे
  • दो चुटकी दालचीनी + पानी खाली पेट ले
  • 2 अंजीर रात को पानी मे भिगो दें,सुबह खाए
  • नींबू के छिलके का पानी पीए

योग द्वारा उपचार :-
उच्च रक्तचाप होंने पर (अधिक ब्लड प्रेशर) सूर्य स्वर 15 मिनट के लिए बंद कर दें, Brisk walk, गहरी सांसे,शीतली,शीतकारी,चन्द्रभेदी,(कुम्भक नही करे), अनुलोम -विलोम,भ्रामरी, ओम चैटिंग, गायत्री मंत्र उच्चारण, वीरासन, पद्मासन, पशिच्मोत्तासन, सिद्धासन, पवनमुक्तासन, शीतकारी, उज्जायी प्राणायाम, योगनिंद्रा।शांत भाव से बैठकर ईश्वर का ध्यान करे।

प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार :-
प्राकृतिक चिकित्सा में मिट्टी पट्टी पैर व माथे पर लगाएं, ठंडे पानी या लस्सी का एनिमा, सूखा घर्षण,रीढ़ ठंडा स्नान, कटि स्नान, उल्टी मालिश,गीली चादर लपेटे, गरम पाद स्नान, सिर पर ठंडा पानी।

आयुर्वेद उपचार :-
आयुर्वेद उपचार में प्याज का रस + शहद (दो चम्मच प्रतिदिन), तरबूज के बीज की गिरी +खसखस (सफेद) अलग पीसकर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें, एक चम्मच प्रातः खाली पेट पानी से लें । इससे नींद आती है और शरीर व सिर दर्द भी दूर होता है।

इनका उपयोग नही करे :-
नमक ,चीनी, घी, रिफाइंड, तला -भुना, मिर्च मसाले, दूध व दूध से बनी चीजें,मद्यपान, धूम्रपान, मिठाई, चाय, कॉफी, माँस, अधिक क्रोध, तनाव ,अधिक समय तक बैठ कर काम करना ,अधिक और बार-बार भोजन करना, जल्दबाजी करना।

इनका उपयोग करना लाभदायक

  • नींबू ,पपीता, आंवला, मौसमी ,संतरा ,अनानास, सेब, तरबूज (फल)
  • चौलाई ,पालक ,घीया, लहसुन, प्याज ,टमाटर, गाजर, बथुआ (सब्जियां) *दही में गुलुकोज डालकर खाएं
  • जो भी खाएं चबाकर खाएं * *खाने के बाद 90 मिनट तक पानी नही पिए
  • हरी घास पर नंगे पैर वॉक करें
  • हर पल खुश रहे।

सुशीला बिस्वास
योगाचार्य एवं प्राकृतिक चिकिसक,
निदेशक,
योग सेवा संस्थान,
न्यू जनकपुरी, नई दिल्ली।

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