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अमेरिकन राष्ट्राध्यक्षों पहली की पसंद है ताजमहल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहचान इतनी भर नहीं है कि वह अमेकिरा के राष्ट्रपति हैं। आज भले ही वह राष्ट्रपति के तौर पर जाने जाते हों,लेकिन वह एक बड़े उद्यमी भी हैं। उनका कारोबार कई देशों में फैला है। मुम्बई के रीयल स्टेट में उनकी जड़े जमी है। ट्रंप का जीवन वैभवता से परिपूर्ण है तो ट्रंप हर खूबसूरत चीज से प्यार करते हैं। कई अमेरिकन फिल्मों में भी वह अपनी अदाकारी का जलवा दिखा चुके हैं। 24 फरवरी को भले टंªप ताजमहल का दीदार करने आ रहे हों, लेकिन वह ताजमहल से ढाई दशक पहले तब ही जुड़ गए थे जब 26 साल पहले ट्रंप ने ताजमहल नाम का कैसिनो खोला था, जिसे उन्होंने दुनिया का ‘आठवां अजूबा’ बताया था. लेकिन ट्रंप के दोस्त और उनके पार्टनर कार्ल आईकान ने इसे बंद कर दिया था। लब्बोलुआब यह है कि तमाम पूरी दुनिया में अपना सिक्का जमाने वाले अमेरिकन राष्ट्राध्यक्षों की पहली पंसद हमेशा ताजमहल ही रही है। खैर, ताजमहल की खूबसूरती सिर्फ ट्रंप को ही आगरा नहीं खिंच लाई है। इससे पूर्व भी कई देशों के राष्ट्रध्यक्ष ताजमहल की खूबसूरती देखने आगरा आ चुके हैं।
यूनेस्को से विश्व विरासत का दर्जा प्राप्त ताजमहल भारत की ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है, जिसे देखने के लिए दुनियाभर से तमाम बड़ी हस्तियां आगरा आ चुकी हैं। इन हस्तियों में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और ब्रिटेन के प्रिंस विलियम आदि के नाम शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश (सीनियर बुश) ने जब ताज को देखा तो उसकी सुंदरता में खो गए थे. उनके साथ में उनकी पत्नी भी थीं. अपनी भारत यात्रा के दौरान 13 मार्च 1984 को सीनियर बुश अपनी पत्नी के साथ ताजमहल को देखने पहुंचे थे.
साल 2015 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा भी ताजमहल का दीदार करना चाहते थे. लेकिन सुरक्षा कारणों की वजह से ताज को देख नहीं सके थे. वे अपनी पत्नी के साथ साल 2015 में भारत आए थे. इस दौरान उनकी आगरा यात्रा तय थी, लेकिन सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला के निधन के चलते उन्हें बीच में ही अपनी यात्रा समाप्त कर लौटना पड़ा था.
अमेरिका के 42वें राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भी खुद को ताज देखने से रोक नही पाए थे. साल 2000 में बिल क्लिंटन ताज महल देखने आए थे, उसके बाद उन्होंने ताज की तारीफ में कहा था कि आज मुझे एहसास हुआ कि इस दुनिया में दो तरह के लोग हैं. एक वो जिन्होनें ताज देखा है और दूसरे वो जिन्होंने ताज नहीं देखा. इस दुनिया में ताज से खूबसूरत इमारतें हो सकती हैं, लेकिन उनमें से कोई ताज नहीं.
फ्रांस ने राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों मार्च 2018 में अपनी पत्नी ब्रिगिट के साथ यहां पहुंचे. माक्रों की उम्र 40 वर्ष है और उनकी पत्नी की 64. मोहब्बत की इस निशानी के सामने दोनों को एक दूसरे के साथ प्यार भरे पल बिताते हुए देखा गया. इससे पूर्व 2008 में जब फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोला सरकोजी भारत यात्रा पर पहुंचे, तब कार्ला ब्रूनी भी उनके साथ थीं. लेकिन क्योंकि तब तक दोनों की शादी नहीं हुई थी, तो किसी भी औपचारिक कार्यक्रम में वे साथ नहीं जा सकते थे. सरकोजी ने तब बेंच पर बैठ कर अकेले तस्वीर नहीं खिंचवाई थी।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन साल 2000 में अपनी पत्नी लुडमीला के साथ ताजमहल पहुंचे थे। इसी प्रकार 2 अप्रैल 2002 को तुर्की के पूर्व प्रधानमंत्री बुलेंट एसेविट और उनकी पत्नी रहसन, ताजमहल के सामने तस्वीरें क्लिक करवाते हुए देखे गए थे. 1992 में राजकुमारी डायना अकेली ही ताजमहल पहुंचीं. प्रिंस चार्ल्स के साथ ना होने पर जब पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने कहा, अच्छा होता अगर वो भी यहां होते.

अजय कुमार, लखनऊ

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