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वृषभ राशि : वर्ष 2020 का वार्षिक राशिफल

स्वास्थ्य: वर्ष के पूर्वार्ध में स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा। धार्मिक कार्यो मे भी मन लगेगा। 30 मार्च से 30 जून तक गुरु के मकर राशि में रहने के कारण शारीरिक स्थिति अनुकूल रहेगी। इस समय में कार्य में मन लगेगा एवं सभी कार्य आनन्दपूर्वक पूर्ण कर पायेंगे। 23 सितम्बर से आपकी राशि में राहु के आगमन से असुविधा हो सकती है, किन्तु राहु मित्रक्षेत्री होने के कारण आपके लिये अधिक हानिकारक नहीं रहेगा। आहार का नियमित ध्यान रखें क्योंकि विलम्ब से भोजन करना भी शारीरिक कष्ट दे सकता है। अतः नियमित दिनचर्या की आवश्यकता है।

आर्थिक स्थिति: आर्थिक दृष्टिकोण से यह वर्ष आपके लिये उन्नतिदायक रहेगा। धन-सञ्चय की द्रष्टि से यह वर्ष लाभप्रद हो सकता है। सम्पत्ति सम्बन्धी एवं भूमि, वाहन के कार्य के सम्बन्ध में योजना बन सकती है। इस सन्दर्भ में अधिक सोच-विचार कर निर्णय लेना हितकर रहेगा। 19 सितम्बर से राहु महाराज धनस्थान को त्यागकर आपके चन्द्र के साथ होंगे, जिससे आर्थिक चिन्ता दूर होगी। शेयर-बाजार एवं सट्टा आदि से जुड़े जातकों को सावधानी रखनी होगी। नौकरीपेशा से सम्बन्धित जातकों के लिये इस समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। शारीरिक एवं बौद्धिक परिश्रम की आवश्यकता रहेगी।

व्यवसाय: यह वर्ष आपके लिये परिवर्तन लेकर आयेगा। 30 जनवरी से 07 अप्रैल तक आप व्यापार में व्यस्त रहेंगे एवं लाभ भी अधिक प्राप्त होगा। यदि आपका व्यवसाय साझेदारी से जुड़ा हुआ है, तो अधिक लाभ हो सकता है। 13 फरवरी से 14 मार्च तक व्यावसायिक कारणों से विदेश यात्रा भी करनी पड़ सकती है। अपने सहयोगियों एवं अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की सहायता से कार्य पूरा करने में समर्थ होंगे एवं आर्थिक सहायता भी प्राप्त होगी।

कौटुम्बिक एवं सामाजिक: कुटुम्ब में पूर्व से चले आ रहे विवादों का निवारण होगा, किन्तु धीरे-धीरे पैतृक सम्पत्ति को लेकर विवाद हो सकता है, बँटवारा होने की सम्भावना हैं। सम्भवतः आपको अलग मकान लेकर भी रहना पड़े। सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान की पुनः प्राप्ति हेतु आपको उत्तरदायी बनना पड़ेगा।छोटी बहन अथवा भाई के विवाह में आपको आर्थिक व्यय करना पड़ सकता है। ससुराल पक्ष से सहयोग की आशा न करें। पत्नी से कटुता बढ़ सकती है। आपको विवेकता से कार्य करना होगा।

प्रणय जीवन: दाम्पत्य सुख की द्रष्टि से यह वर्ष आपके लिये प्रारम्भ में मध्यम तथा अन्त में अनुकूल रहेगा। पत्नि का साथ-सहयोग प्राप्त होता रहेगा। सन्तान सुख की प्राप्ति होने से आप एवं आपका परिवार प्रसन्न रहेंगे। सामाजिक मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि होंगी। प्रेम-सम्बन्ध में आप दुनिया के महानतम प्रेमियों में से एक है। आप कभी भी अकेले नही रह सकते एवं एक अटूट प्रेमी ढूँढ़ते हैं। आपका आकर्षक व्यक्तित्व लोगो को आपकी तरफ आकर्षित करता है तथा आपका साथ उन्हें सुख देता है।

स्त्री जातक फल: इस वर्ष ऐसा कोई भी कार्य न करें जिसके कारण अपयश प्राप्त हो। स्वयं पर संयम रखना होगा। पति से बैर-विरोध, मन-मुटाव रह सकता है। वर्ष के मध्य से सम्बन्ध कटुतापूर्ण होकर अन्त तक पुन: सामान्य हो जायेंगे। स्त्री जातकों के लिये स्पष्ट चेतावनी है कि इस वर्ष विश्वासघाती व्यक्तियों के बहकावे में आकर प्रेम-सम्बन्ध न बनायें तथा प्रेम-सम्बन्धों में अत्यधिक सावधान रहें। विवाह योग्य हैं, तो विवाह निश्चित हो जायेगा। आपको अपनी मनोकामना पूर्ण होती प्रतीत होगी।

राजकीय स्थिति: यह वर्ष आपके लिये अनुकूल सिद्ध होगा। आपके सक्रिय होने का समय आ चुका है। शुभ अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। दिग्गज राजनेताओं से मेल-मिलाप के अवसर प्राप्त होंगे। आपका अशुभ समय एवं दुर्भाग्य समाप्त हो चुका है, किन्तु आपको सचेत रहना होगा। अवसर आपकी प्रतिक्षा में हैं, उनका लाभ उठायें। आप मात्र प्रयत्न करें, सफलता आपके निकट है।

विद्यार्थी जीवन: यह वर्ष आपके लिये मिश्रित फलदायी होगा। गुरु महाराज आपकी राशि से वर्ष प्रारम्भ में (आठवें) स्थान में रहेंगे, जो आपको अशुभ फल प्रदान करने के साथ-साथ भाग्यवर्धन में व्यवधान भी उत्पन्न कर सकते हैं। यदि इस समय में आपने अपना बहुमूल्य समय नष्ट किया तो व्यर्थ के कष्ट में वृद्धि हो सकती है। आप अपने विषय को लेकर चिन्तित हो सकते हैं। यदि मोबाईल या सोशल मिडिया में समय व्यर्थ करते रहे तो आपकी सफलता शीघ्र ही असफलता में परिवर्तित हो सकती है।

सारांश: इस वर्ष कभी सुख कभी दुःख का अनुभव होगा। कहीं-कहीं प्रतीत होगा की जीवन यात्रा में मात्र आप ही युद्ध कर रहे हैं। स्नेहीजनों एवं आत्मीयजनों से दूर होते प्रतीत होंगे। पारिवारिक एवं कार्यक्षेत्र से सम्बधित विवादों के समाधान करने में लगे रहे, तो समय के साथ-साथ आर्थिक समस्यायें भी उत्पन्न हो सकती हैं। व्यवसाय के क्षेत्र में शान्ति बनाये रखें। प्रणय जीवन में सहन शक्ति रखें। विद्यार्थी मन में सफलता के विश्वास के साथ कठिन परिश्रम करें। स्त्रियाँ अपने रिक्त समय में कुछ जीवन उपयोगी कला अथवा आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने हेतु कोई कार्यशाला या गृहउद्योग आरम्भ करें। शारीरिक एवं मानसिक स्फूर्ति बनाये रखें।

मर्यादा: –

  1. वर्ष 2020 में आप पर अष्टम ढैया लोहे के पद में 24 जनवरी तक है, अतः वर्ष के आरम्भ में थोड़ी सावधानी रखें।
  2. व्यय पर नियन्त्रण करें, अनावश्यक व्यय से बचें।
  3. खान-पान में सावधानी रखें, पुराने व जटिल रोगों को ध्यान में रखकर आहार ग्रहण करें।
  4. कार्य स्थल, दुकान या नौकरी में आय-व्यय का लिखित विवरण रखें।
  5. दाम्पत्यजीवन एवं साझेदारी में सम्बन्ध में फूट न पड़ने दें, समस्या उत्पन्न होते ही तुरन्त समाधान करें तथा एक-दुसरे को समझने का प्रयत्न करें।
  6. शीघ्र धन अर्जित करने का विचार रखने वाले सावधान रहें, शेयर-बाजार में सोच-विचार कर आगे बढ़ें।
  7. ब्याज, उधारी तथा ऋण आदि सम्भव हो तो न ही लें तथा बिना लिखित विवरण के धन का आदान-प्रदान न करें।

समाधान: –

  • गेहूँ, रत्न, नीले वस्त्र, कम्बल, तिल, तेल, लोहा, अभ्रक आदि पदार्थों का दान करें। यह दान बुधवार सन्ध्याकाल में करें तथा पण्डित जी से संकल्प अवश्य करवायें।
  • निःशुल्क वस्तुओं से बचें, परिश्रम से ही धन उपार्जन करें।
  • किसी बुधवार हाथी के पैर की मिट्टी कुयें में गिरायें।
  • वर्ष के मध्यभाग में रजत गुटिका अथार्त चाँदी की ठोस गीनी (गोली) अपनी जेब में रखें।
  • ईश्वर पर पूर्ण आस्था रखें, धार्मिक कर्मकाण्ड में रूचि बनाये रखें।

पति-पत्नी या परिवार में शान्ति प्रप्ति के हेतु निम्नलिखित मन्त्र का 41 दिन तक 108 बार जाप करें।
अभि त्वा मनुजातेन दधामि मम वाससा।
याथाऽसो मम केवलो नान्यासां कीर्तयाश्चन॥
आर्थिक लाभ प्राप्त करने हेतु निम्नलिखित मन्त्र का शुक्रवार से शुक्रवार तक 1100 जाप करें, पवित्रता का ध्यान रखें।
ॐ श्रीं ह्री क्रीं हीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।
-निम्नलिखित मन्त्र का भी यथासम्भव जाप कर सकते हैं-
ह्रीं अर्धकायं महावीर्य चन्द्रादित्य विमर्दनम्।
सिंहिका गर्भ संभूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्॥

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