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देश तब विकसित होगा जब वैज्ञानिक तरीके से सोचेंगे हम….

बदलते परिवेश में देश को वैज्ञानिक तरीके से सोचने की जरूरत है तभी जाकर भारत दुनिया के विकसित देशों के बराबर आ सकता है।वैसे भारत विज्ञान के कई क्षेत्रों में यथा मिसाइल तकनीक विमानन प्रणाली जलपोत उपग्रह प्रणाली मेडिसिन कृषि तकनीक इत्यादि में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन रक्षा उपकरणों संचार प्रणाली नई नई तकनीक के लिए आज भी भारत दुनिया का सबसे बड़ा आयातक देश बना हुआ है इस स्थिति को बदला जाना चाहिए।जिससे भारत इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर हो सके और भारत से बहुमूल्य मुद्रा का प्रवाह दूसरे देश की तरफ रुके।भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया के मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।हम लगातार अनेक क्षेत्रों में विकास कर रहे हैं पर आज भी भारत में भारत वासियों के बीच वैज्ञानिक सोंच और दृष्टिकोण की नितांत कमी है।इसके पीछे मुख्य वजह उनके सोच और दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए देश में कोई संरचनात्मक ढांचा का आज तक विकसित नहीं किया जा सकना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई प्रतिभावान लोग अनेक प्रकार की खोज और प्रयोग करते रहते हैं पर उन्हें आगे लाने और बढ़ाने की कोई स्पष्ट नीति और नेटवर्क नहीं है।आज भी देश भावना के जाल में फंस कर सामाजिक और धार्मिक कुरीतियों को ढोने को अभिशप्त है।दुनिया ही नहीं भारत भी चांद तक पहुंच गया पर हमारे देश में बिल्ली के रास्ता काटने से लोग अपने सफर को रोक लेते हैं।अपने भवन के निर्माण से पहले कई प्रकार के टोने टोटके किए जाते हैं।अब देश वासियों को तमाम सामाजिक एवं धार्मिक कुरीतियों एवं अंधविश्वास से स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
देश में वैज्ञानिकता का प्रसार प्रगतिशील विचारधारा के साथ विकास के लिए अति आवश्यकता है।कृषि के क्षेत्र में समुन्नत तकनीक वैज्ञानिक कौशल को समावेशित कर किसानों की आय बढ़ाने की जरूरत है ताकि हर घर में बच्चे भर पेट भोजन करके आराम से सो पाएं।किसान और मजदूर को सम्मानजनक उनकी लागत और मेहनत के अनुसार कीमत और मजदूरी मिले।
देश वासियों में जब प्रकृति के भरोसे रहना छोड़ वैज्ञानिक तरीके से सोचने विचारने और आगे बढ़ने की ललक पैदा हो जाएगा तभी जाकर देश में शिक्षा स्वास्थ्य बिजली पानी के लिए लोगों को तरसना नहीं पड़ेगा।देश से घूसखोरी और भ्रष्टाचार मिटेगा।सभी देशवासियों के साथ एक समान व्यवहार किया जाएगा।फिर कोई मजबूर किसान आत्महत्या नहीं करेगा।बहु बेटियों के लिए सड़क और गलियां सुरक्षित होगी।हत्या बलात्कार और व्यभिचार पर काबू पाया जाएगा।कर्मचारियों को सम्मानजनक ससमय वेतन मिलेगा।पढ़े लिखे नौजवानों को योग्यता के अनुसार काम और नौकरी मिलेगा।राष्ट्र के सम्मान के लिए सभी लोग मिल जुल कर काम करेंगे।आपातकाल में एक दूसरे के सेवा और सहायता करेंगे।सड़क गड्ढा मुक्त बनेगा शहर और गांव की गलियां गंदगी से मुक्त होंगे।हर तरफ स्वच्छ और साफ सुथरे वातावरण का निर्माण होगा।प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को हर वक्त निभाने के लिए तैयार होगा।देशवासियों के सामने ऐसा कोई वादा नहीं किया जाएगा, जिससे उनके भावना के साथ खिलवाड़ हो सके।देश को जाति धर्म और संप्रदाय के नाम पर कोई बांटेगा नहीं।सभी देशवासियों को एक समान धर्म और उपासना की स्वतंत्रता प्राप्त होगी।लोग छुआछूत और भेदभाव से मुक्त होंगे।
समाज के वैसे लोग जो विकास में पिछड़ रहे हैं उनके लिए विशेष व्यवस्था किया जाएगा। देश और देशवासियों की रक्षा में तैनात सुरक्षा प्रहरियों को आवश्यक अत्याधुनिक सुविधा प्रदान किया जाएगा।मुख्यधारा से भटके हुए लोगों का पुनर्वास किया जाएगा और उनके बच्चों को शिक्षा और रोजगार दिया जाएगा।देश में एक समान नागरिक संहिता और शिक्षा स्वास्थ्य प्रणाली लागू किया जाएगा।समान काम समान वेतन एवं पुरानी पेंशन सुविधा पुनः बहाल की जाएगी।निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार सभी लोगों के लिए एक समान उपलब्ध होगा।निजी क्षेत्र में भी सरकारी नीतियों का पालन किया जाएगा।देश के राष्ट्रीय संपत्ति को निजी हाथों में नहीं दिया जाएगा।साथ ही राष्ट्रीय संपत्ति का विकास किया जाएगा।देशवासियों को भारतीय सभ्यता और संस्कृति से परिचित करवाया जाएगा।उन्हें अपने गौरवपूर्ण इतिहास के बारे में बताया जाएगा।हर देशवासी को हड़प्पा मोहनजोदड़ो की सभ्यता से लेकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम तक की कहानी बताया जाएगा।नई पीढ़ी में बढ़ रहे नशाखोरी पर रोक लगेगा।अश्लील फिल्म और गानों पर रोक लगेगा।युवाओं में ऐसी चेतना का विकास किया जाएगा जिससे कि वे घृणा फैलाने वाले लोगों को घृणा फैलाने से रोक सके तथा देश को मोबलीचिंग जैसे समस्या से बदनाम होने से बचाया जाएगा।किसी व्यक्ति को कानून व्यवस्था अपने हाथ नहीं लेने दिया जाएगा।सकारात्मक कार्य करने वाले लोगों को समाज और सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जाएगा एवं जल मिट्टी वायु एवं ध्वनि को प्रदूषण मुक्त किया जाएगा।प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा। गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोतों को अधिक से अधिक प्रयोग करने पर जोर दिया जाएगा।सरकारी अवसंरचनात्मक विकास यथा सड़क पुल पुलिया विद्यालय अस्पताल व अन्य सरकारी कार्यालयों के निर्माण करने वाली एजेंसियों को कम से कम 5 वर्ष तक रखरखाव करने की जिम्मेवारी दी जाएगी ताकि घटिया निर्माण से बचा जा सके।सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।सभी जीव जंतुओं के साथ दया भाव पूर्ण व्यवहार किया जाएगा तथा जीव हिंसा से लोग दूर रहे ऐसा प्रयास किया जाएगा।भारत एक बार फिर गुटनिरपेक्ष पंचशील सिद्धांत के साथ अन्य देशों के साथ मधुर संबंध बनाने के लिए प्रयास करेगा।सभी देशवासियों को विचार अभिव्यक्ति पूर्ण स्वतंत्रता जिम्मेवारी के साथ प्राप्त होगी।देश में वैसे चुनाव प्रणाली का विकास किया जाएगा जिस पर पक्ष और विपक्ष को पूर्ण भरोसा।झूठ के बुनियाद पर राजनीति करने वाले लोगों को चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।देश की जांच एजेंसियों कोई गलती नहीं करेगी जिससे कि कोई उन पर उंगली उठाए।संवैधानिक प्रावधानों को हर हाल में अच्छुन बनाए रखा जाएगा।उन क्षेत्रों में जहां समाज के सभी तबकों के सम्मानजनक भागीदारी नहीं है यथा पत्रकारिता न्यायपालिका उच्च शिक्षा सेवा क्षेत्र सर्वोच्च केंद्रीय सेवाओं में भागीदारी बढ़ाने का पुरजोर प्रयास किया जाएगा।मौलिक अधिकार और मानवाधिकार की रक्षा किया जाएगा साथ ही देशवासियों को मौलिक कर्तव्य के पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।लोगों में नैतिकता का विकास हो इसके लिए सतत् प्रयास किया जायेगा।
इन सभी बातों की प्राप्ति तभी संभव है जब देश और देशवासी कुरीतियां अंधविश्वास और दकियानूसी विचार को दफना कर प्रगतिशील वैज्ञानिक विचार को अपनाएंगे।

गोपेंद्र कुमार सिन्हा गौतम
सामाजिक और राजनीतिक चिंतक
देवदत्त पुर दाउदनगर औरंगाबाद बिहार
व्हाट्सएप नंबर 950 734 1433

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