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सरकार ने नए-नए फरमान जारी करके किसान, व्यापारियों की कमर तोड़ने का काम किया है : बजरंग गर्ग

कैथल। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने व्यापारियों की समस्या सुनने के उपरांत अग्रसेन भवन में पत्रकार वार्ता में कहा कि इस सरकार ने नए-नए फरमान जारी करके किसान व व्यापारियों की कमर तोड़ कर रख दी है। सरकार 3 नए अध्यादेश जारी करके किसान व्यापारियों का आपसी भाईचारा खराब करने की नाकाम कोशिश की जा रही है। नए फरमान में किसान की फसल मंडियों में बिकने पर मार्केट फीस लगेगी और मंडियों के बाहर फसल बिकने पर मार्केट फीस नहीं लगेगी। ऐसे फरमान अगर सरकार लागू कर देती है तो किसान व आढ़ती बर्बाद हो जाएगा। किसान को अपनी फसल के भाव पूरे नहीं मिलेंगे और मंडिया पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। मंडियों में लगभग 40 हजार आढ़ती व लाखों मुनीम कर्मचारी व मजदूर काम करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। अगर हरियाणा सरकार ने यह नया फरमान लागू किया तो व्यापारी प्रदेश की मंडी या बंद करके सड़कों पर उतरेगा। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार ने रिलायंस जैसी बड़ी बड़ी कंपनियों को किसान को लूटने के लिए किसान की फसल खेतों में ही खरीदने नए कानून बनाए हैं। इससे तो बड़ी-बड़ी कंपनियों के मालिक किसान की फसल औने-पौने दामों में खरीद कर खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचेंगे। जिससे प्रदेश के किसान, आढ़ती व छोटे छोटे व्यापारी को बड़ी भारी नुकसान होगा। जबकि सरकार को देश में जीएसटी लगाने के बाद अपने वादे के अनुसार मार्केट फीस समाप्त करनी चाहिए। ताकि किसान व आढ़तियों को राहत मिल सके। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि आज हरियाणा बेरोजगारी व अपराध के मामले में देश के पहले नंबर पर है। जबकि सरकार की गलत नीतियां व कोरोना महामारी के कारण आज व्यापार व उद्योग धंधे ठप्प हो गए है। व्यापार व उद्योग ठप्प होने के कारण प्रदेश में बेतहाशा बेरोजगारी बड़ी है और अपराध में भी भारी वृद्धि हुई है। प्रदेश में हर रोज व्यापारी व आम जनता के साथ लूटपाट, फिरौती, अपहरण व चोरी हत्या की वारदातें हो रही है। आज व्यापारी व आम जनता अपनी जान माल की सुरक्षा के लिए भयभीत है। श्री गर्ग ने कहां की सरकार उद्योग व प्राइवेट सेक्टरों के माध्यम से प्रदेश के 75 प्रतिशत युवाओं को रोजगार देने की बात कर रही है मगर प्रदेश में उद्योग धंधे ही ठप्प हो रहे है। तो ऐसे में सरकार कैसे युवाओं को रोजगार देने की झूठे सपने दिखा रही है। हकीकत यह है कि जब तक सरकार उद्योगपतियों को उद्योग लगाने के लिए सस्ती जमीन बिजली के बिलों में 50 प्रतिशत सब्सिडी व बैंक के ब्याजो की दरें कम नहीं करती कैसे उद्योगपति हरियाणा में उद्योग लगाएगा। जबकि सरकार को बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए व्यापारी व उद्योगपतियों को जल्द से जल्द रियायतें देनी चाहिए। जबकि सरकार ने लॉकडाउन के समय में बंद दुकानें व व्यापारियों का कम से कम 6 महीने के बिजली व पानी का बिल व 1 साल का हाउस टैक्स माफ करना चाहिए और कम से कम 6 महीने के बैंकों के ब्याज माफ करने चाहिए। जो सरकार ने अभी तक नहीं किए। जिसके कारण आज देश व प्रदेश के व्यापारियों में बड़ी भारी नाराजगी है।

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