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रोचक रहा है सामाजिक चिंतक महेश आजाद का सफर

विशेष सन्दर्भ आलेख जन्मदिन पर विशेष

हमारे दैनिक जीवन में अक्सर ऐसे लोगों से वास्ता पड़ता है जो बोलते कुछ हैं और उनका आचरण कुछ और होता है। लेकिन कुछ ऐसे व्यक्ति भी होते हैं जो अनावश्यक थूक बिलोने की बजाय अक्सर मौन रहते हैं। जब बोलते हैं तथ्यात्मक बोलते हैं। भले ही किसी के गले उतरे या न उतरे। अपनी धुन में , अपने मिशन में लगे रहते हैं। कुछ ऐसे ही लोगों में शामिल हैं राजस्थान के चिड़ावा निवासी सामाजिक चिंतक पं.महेशकुमार शर्मा “आजाद ” ।
बेस्ट डिस्ट़िक यूथ अवार्ड से सम्मानित पं. महेशकुमार शर्मा “आजाद ” ने 8 मार्च 1989 अंतरराष्ट्रिय महिला दिवस पर “झुंझुनूं जिले की जुझारू महिलायें ” नामक एक शोध पुस्तिका प्रकाशित की । तथा अप्रैल 1989 में नयी दृष्टि एवं नयी सोच की संवाहक पत्रिका के रूप में “आजाद वसुन्धरा” का प्रकाशन शुरू किया। जिसका प्रत्येक अंक अच्छा -खासा चर्चित एवं संग्रहनीय अंक रहा है।
1993 में आपने पिलानी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से बतौर स्वतंत्र प्रत्याशी चुनाव लड़ा। जिसमे समाजवादी जनता पार्टी , बहुजन समाज पार्टी , समाजवादी पार्टी , जनता दल , इण्डियन पीपुल्स फ्रंट , शिव सेना एवं दूरदर्शी पार्टी के प्रत्याशियों से अधिक मत प्राप्त किए। 2018 में संपन्न हुए राजस्थान विधानसभा चुनावों में आपने अभिनव राजस्थान पार्टी की ओर से झुंझुनूं क्षेत्र से चुनाव लड़ा। जिसमें राजस्थान के दिग्गज नेता घनश्याम तिवाड़ी के नेतृत्व में बनी भारत वाहिनी पार्टी से जिले में चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों से अधिक मत प्राप्त किए। इतना ही नहीं बल्कि आपने आम आदमी पार्टी के खेतड़ी , मण्डावा , सूरजगढ एवं पिलानी तथा हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से उदयपुर वाटी प्रत्याशी से भी अधिक मत प्राप्त किए।
अगस्त 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह को संबोधित करते हुए कहा था कि हम लोगों को कम से कम साल में एक बार पर्यटन पर अवश्य जाना चाहिए। लेकिन पं. श्री आजाद की वर्ष 2019 की गतिविधियों पर गौर करने पर साफ जाहिर होता है कि चिड़ावा के इस सामाजिक चिंतक ने वर्ष 2019 को एक पर्यटन वर्ष के रूप में जीया है।

फरवरी में आपने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमी पर टैंट में विराजमान भगवान श्री राम के बाल रूप का तथा मथूरा में भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली का दर्शन किया। प्रयागराज में कुंभ स्नान कर काशी में काशी विश्वनाथ की पूजा की। वृंदावन और गोकुल में भगवान श्री कृष्ण से जुड़ी प्रत्येक जगह को करीब से देखा तथा मेंहदीपुर बालाजी का दर्शन किया।
जून में भगवान श्री द्वारिकाधीश की नगरी द्वारका में श्रीमदभगवद्गीता का श्रवण किया तथा श्री द्वारिकाधीश , भेंट द्वारिका , आदि ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव ,दारुकावन स्थित श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का दर्शन – पूजन किया। श्रावण मास की अमावस्या तदनुसार 1 अगस्त 2019 को झुंझुनूं जिले में स्थित महाभारत कालीन तीर्थ स्थल लोहार्गल में स्नान कर यहाँ स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर सहित अनेक मंदिरों के दर्शन किए। यहाँ स्थित सूर्य मंदिर के संदर्भ में बताया जाता है कि ये विश्व का इकलौता जहाँ भगवान सूर्य सपत्नी विराजमान हैं। और सितम्बर में चारधाम यात्रा के दौरान ऋषिकेश , यमुनोत्री , गंगोत्री , केदारनाथ , बद्रीनाथ का भली प्रकार दर्शन -पूजन का सौभाग्य प्राप्त किया।

धार्मिक पर्यटन के बाद नवम्बर में जयपुर के राजा सवाई मानसिंह की ससुराल , महारानी गायत्री देवी का पीहर कूचबिहार का भ्रमण कर वहाँ के राजमहल कूचबिहार पैलेस (राजवाड़ी) , कूचबिहार के राजा श्री नृपेन्द्र नारायण द्वारा 1885 से 1889 के दौरान बनवाए गए श्री मदन मोहन मंदिर सहित विभिन्न स्थलों को देखा।
उपरोक्त विभिन्न स्थलों के मंदिर दर्शन करने के बाद पं. महेशकुमार शर्मा “आजाद ” के मन में चिड़ावा के प्राचीन मंदिरों को लोगों के सामने लाने का विचार आया। फलस्वरूप 17 नवम्बर 2019 को आपने “चिड़ावा के मंदिर” शीर्षक से सोशल मीडिया पर एक श्रृंखला की शुरुआत कर दी। जिसकी सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है। वहीं वर्तमान की किशोर एवं युवा पीढी को अपने यहाँ के प्राचीन मंदिरों से रू ब रू होने का अवसर मिला है।

चंद्रमौलि पचरंगिया
लेखक रसमुग्धा पत्रिका के सम्पादक हैं।

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