National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

खत्म हुई कोड़ों की सज़ा !

जहाँ पूरी दुनिया कोरोना वायरस से लड़ रही है तो वहीं दूसरी ओर सऊदी अरब ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसकी उम्मीद किसी ने भी नहीं की थी । यह देश अपने सख्त सज़ाओं के लिए जाना जाता है । मगर अब समय के साथ सऊदी अरब भी एक बड़े बदलाव की ओर चल चुका है । 2017 में जब नए क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सत्ता संभाली है तभी से सऊदी अरब में वो बदलाव देखे गये जिसके बारे में लोग सिर्फ सपने देखा करते थे । सत्ता में आने के बाद मोहम्मद बिन सलमान ने सबसे पहले महिलाओं को उनके हक पर लगाए गये प्रतिबंधों को हटाना शुरू किया । यहाँ अब महिलाएँ भी गाड़ी चला सकती हैं मगर पहले कानून यह था कि अगर कोई महिला गाड़ी चलते हुए पकड़ी गई तो उसे जेल भी हो सकती थी । अभी हाल ही में कोड़े मारने की भी सज़ा पर भी अब प्रतिबन्ध लगा दिया है जो की बेहद अनोखी बात है क्योंकि यह सज़ा आम सज़ा थी । अगर कोई व्यक्ति का सड़क में शराब पीना या किसी को परेशान करना आदि गुनाह करने पर कोड़े मारने की सज़ा मिलती थी । 2014 में एक ऐसा मामला सामने आया था जिसके बाद से कोड़े मारने की सज़ा पर कड़े सवाल उठने लगे थे । मामला यह था कि रईफ बदावी सऊदी अरब में एक लेखक हैं । वह यहां की सरकार के कामकाजों को ऊपर , भ्रष्टाचार आदि विषयों पर लिखा करते थे । इसे देखते हुए इनके ऊपर आरोप यह लगाया गया कि इन्होंने इस्लाम का अपमान किया है जिसके चलते इनको 10 साल की सज़ा और 1000 कोड़े मारने की सज़ा मिली । इस सज़ा का विरोध पूरे देश में देखा गया और इस विरोध नतीजा यह रहा कि यहां की सरकार को बदावी की सज़ा कम करनी पड़ी । इसके अलावा मानवाधिकार की सूची में सऊदी अरब का स्थान बेहद खराब है । इसमें इस देश को 100 में 7 अंक मिलें हैं और इस देश में मानवाधिकार की स्थिति बेहद खराब है । वहीं इस सूची में पहला स्थान कनाडा को मिला है जिसे 100 में से 98 अंक मिलें है और भारत को 100 में से 71 अंक मिले हैं जो की बेहतर है । अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सऊदी अरब अपने कानूनों में बदलाव क्यों कर रहा है ? तो जवाब यह है कि यहां के प्रिंस अब इस देश की कट्टर छवि को धूमिल करना चाहते हैं जिससे यहां विदेशी लोग बिना कोई हिचक के आ सकें और पर्यटक स्थानों में घूमें ताकि एक कमाई ज़रिया और बने साथ ही यहां की अर्थव्यवस्था भी और बेहतर हो सके । इसके अलावा मानवाधिकार सूची में अपना स्थान सुधारने के लिए भी ऐसे कानूनों को बदलना ज़रूरी है । छोटी-छोटी बातों के लिए बड़ी सज़ा का प्रावधान होने की वजह से इसका फायदा भी इस देश को मिलता है क्योंकि सज़ा इतनी खतरनाक होती है कि लोग छोटा सा जुर्म करने पर भी कतराते हैं । मगर शायद इस सज़ा का भय विदेशी लोगों के अंदर भी है इस लिए इस डर को समाप्त करने के लिए कानूनों में फेरबदल किया जा रहा है । बात करें महिलाओं के हित की तो यहां इनको धीरे-धीरे छूट देना शुरू गया है मगर अभी भी बहुत सी चीज़ों पर प्रतिबंध लगा है । जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस का कोहराम झेल रही है तो वहीं सऊदी अरब अपने कानूनों में बदलाव करने में लगा है और इसीलिए यहां पर ऐसे कदम उठाए जा रहें हैं ताकि जब कोरोना का कहर खत्म हो तब विदेशी लोग यहां आने से डरें नहीं ।

यशस्वी सिंह , मीडिया छात्र , इलाहाबाद विश्विद्यालय (इविवि)
प्रयागराज

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar