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अमेरिका चुनाव: 1984 से सच साबित हो रही इस प्रोफेसर की भविष्यवाणी

वॉशिंगटन: अमेरिकी इतिहासकार और प्रोफेसर एलन लिचमैन (Allan Litchman) ने भविष्यवाणी की है कि आने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Election) में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) हार जाएंगे और देश को नया राष्ट्रपति मिलेगा. एलन साल 1984 से हर चुनाव में भविष्यवाणी करते रहे हैं और अबतक उनकी भविष्यवाणी कभी गलत साबित नहीं हुई. अमेरिकन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एलन अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनावों को लेकर अपना भविष्यवाणी के लिए मशहूर रहे हैं और उनकी मानें तो इस बार जोए बिडन (Joe Biden) मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भारी पड़ेंगे.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी भविष्यवाणी के लिए लिचमैन ’13 बिंदुओं) का इस्तेमाल करते हैं. इसी आधार पर उन्होंने 2016 में डोनाल्ड ट्रंप के जीतने की भविष्यवाणी उस समय की थी, जब बहुत कम लोग डोनाल्ड ट्रंप की जीत को लेकर आश्वस्त थे. हैरानी की बात ये है कि लिचमैन ने इस बात की भी भविष्यवाणी की थी कि डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कानूनी मामले भी चलेंगे और उन्हें महाभियोग का भी सामना करना पड़ेगा, जोकि शत प्रतिशत सही निकला. और अब उन्होंने नंवबर में होने जा कहे चुनाव में जोए बिडेन की जीत का दावा किया है.
न्यूयॉर्क टाइम्स (NewYork Times) की ओर से जारी एक वीडियो में लिचमैन ये कहते हुए सुना जा रहे हैं कि इस चुनाव के बाद ट्रंप को वाइट हॉउस (White House) छोड़ना पड़ेगा. लिचमैन जिन ’13 बिंदुओं’ को आधार बनाकर भविष्यवाणी करते हैं, उनमें अर्थव्यवस्था, आंतरिक विरोध, सामाजिक उठापटक और घोटालों का अध्ययन किया जाता है. इसमें उम्मीदवार के खुद के करिश्माई व्यक्तित्व पर भी नजर रखी जाती है.
लिचमैन ने ये भी दावा किया है कि ये चुनाव बेहद नजदीकी होंगे, क्योंकि 13 बिंदुओं में 7 पर बिडेन भारी पड़ रहे हैं, तो 6 पर ट्रंप. लिचमैन ने कहा कि बिडेन के पक्ष में जो बातें जो बातें जा रही हैं, वो हैं अमेरिका में कोरोना वायरस से आई तबाही और पुलिसिया अत्याचार-नस्लवाद के खिलाफ राष्ट्रपति प्रदर्शन.
लिचमैन ने पहली बार रोनाल्ड रीजन (Ronald Reagan) की 1984 का उम्मीदवारी पर जीत की मुहर लगाई थी. तब से लेकर अबतक सिर्फ एक बार साल 2000 में उनकी भविष्यवाणी आंशिक तौर पर गलत साबित हुई थी. उस चुनाव में उन्होंने अल गोरे को विजेता बताया था, लेकिन जॉर्ज डब्ल्यू बुश (George W Bush) को जीत मिली थी. हालांकि अल गोरे को पॉपुलर वोटिंग में जीत मिली थी, लेकिन फ्लोरिडा में मुख्य चुनाव की मतगणना पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद बुश को विजेता घोषित किया गया था. इसीलिए लिचमैन मानते हैं कि उनकी भविष्यवाणी गलत नहीं थी, क्योंकि वोटों का पूरी गिनती हुई ही नहीं थी और बहुत कांटे की टक्कर में आखिरी समय पर अल गोरे को जीत मिलती.

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