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विश्व पत्रकार महासंघ ने 21 दिन के सम्पूर्ण देश में लॉकडाउन का समर्थन किया

विजय न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। विश्व पत्रकार महासंघ दिल्ली प्रदेश (रजि.) ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 14 अप्रैल तक के 21 दिन के सम्पूर्ण देश में लॉकडाउन का समर्थन किया है। इस समर्थन की घोषणा करते हुए विश्व पत्रकार महासंघ दिल्ली प्रदेश (रजि.) के प्रदेश प्रभारी एवं वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार निर्भय इस आशय की जानकरी देते हुए कहा कि उन्होंने कहा की देश के भविष्य और देश के नागरिकों को बचाने के प्रधानमंत्री का यह निर्णय देश की जनता को सन्देश है की वह भी अब जनता सैनिक बनकर प्रधानमंत्री की अपील को मानते हुए अपने घरों में रहे किसी भी स्थिति परिस्थति में घर से बाहर नहीं निकले यानि देश को बचाने की जिम्मेदारी अब सरकार की ही नहीं बल्कि नागरिकों की भी है। उन्होंने कहा की जैसे लोगों ने जनता कर्फ्यू समाप्ति पर बर्तन थालियां बजाते हुए सामूहिक रूप से रैली तक निकाल कर सैंकड़ों लोगों की जान को खतरे में डाला उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह निर्णय लेना पड़ा। अशोक कुमार निर्भय ने सभी कोरोना को रोकने में लड़ रहे डाक्टरों,नर्सों,पैरामेडिकल स्टाफ,सफाई कर्मचारी,वार्ड ब्वाय,अन्य हेल्थ सेक्टर में जुड़ा स्टाफ,पुलिस,जरुरी सेवा जुटा रहे लोगों के प्रति कृतज्ञता ओर देश और मानवता का सच्चा सिपाही करार देते हुए कहा कि हमें आज कोई इस महामारी से बचा सकता है तो वह लॉक डाउन ही बचा सकता है। आपकी सतर्कता और आपकी समझदारी और विश्व स्वस्थ्य संगठन के दिशा निर्देश का पालन करें तभी हम और मानवता सुरक्षित रहेगी।

अशोक कुमार निर्भय ने कोरोना से बचाव के उपाय सुझाते हुए कहा कि आप घर पर ही रहें और बहुत ज्यादा जरूरत पड़ने पर काम से बाहर निकले लेकिन मास्क पहनकर, जब तक आदेश नहीं मिलता तब तक ऑफ़िस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न जाएं, सार्वजनिक वाहन जैसे बस, ट्रेन, ऑटो या टैक्सी से यात्रा न करें,घर में मेहमानों को न बुलाएं कोशिश करें कि घर का सामान किसी और से मंगाएं, अगर आप और भी लोगों के साथ रह रहे हैं तो ज़्यादा सतर्कता बरतें, अलग कमरे में रहें और साझा रसोई व बाथरूम को लगातार साफ़ करें। आप 14 दिनों तक ऐसा करते रहें ताकि संक्रमण का ख़तरा कम हो सके। एक सावधानी घर में बरतनी है कि जब भी बाहर से घर में जाएँ तो किसी वस्तु को छूने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह धोएं, खांसते या छींकते वक़्त अपना मुंह ढक लें और हाथ साफ़ न हों तो आंखों, नाक और मुंह को छूने बचें। अशोक कुमार निर्भय ने आग्रहपूर्वक कहा कि उम्रदराज़ लोग और जिन लोगों को पहले से ही कोई बीमारी है (जैसे अस्थमा, मधुमेह, दिल की बीमारी) उनके मामले में ख़तरा गंभीर हो सकता है इसलिए उन्हें अधिक सावधान रहना है।

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