National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

व्यंग्य : यारों ये शूल चुभाओ कोई बेवकूफ आया है!

कर्ज लेकर महंगी शादी करना बहुत भारी समझदारी है। चमकदार बड़े-बड़े टेंट और 1 दिन के लिए बारात में ढेरों गाड़ियां लहराना गजब का साहस है! डीजे, ढोल, बैंड, ताशा आदि बजाने से ही आता है असली बरबादी…नहीं, नहीं शादी का मजा। शादी वाले 1 दिन शेरवानी, ताज और बैंड-बाजे के साथ घोड़े पर बैठकर नकली राजा बनने के लिए बाद के कई बरसों तक खच्चर बनकर काम करते रहना कोई बुरा सौदा नहीं है श्री मान! दिखावटी दुनिया के सामने एक से बढ़कर एक दिखावे करना बहुत जरूरी है। घोड़ी पर बैठे एक गधे के लिए बहारों को फूल बरसाने के धंधे में लगाना जरूरी होता है। ओखली में सिर देने के लिए ही शादी के लिए हां करके बैंड बजाए जाते हैं ताकि शादीबाज जीव अंतिम बार हंस सके। शादी का सीजन चल रहा है। कई खच्चर गधों में बदल रहे हैं। बहारों फूल बरसाओ वाला राष्ट्रीय शादी सोंग धमाल मचा रहा है। बारात की दो लड़कियां आपस में बातें कर रही थी। सोना- ‘आओ डीयर सामने वाले मंदिर चलें। मोना- चलो डीयर। बट गॉड से प्रेयर करना कि मैं इस बार फेल जरूर हो जाऊं। सोना- डीयर, तू फेल क्यों होना चाहती है? मोना- पापा ने कहा कि पास हो गयी तो स्कूटी दिलाऊंगा और फेल हो गयी तो शादी कर दूंगा। तुझे तो पता है न कि मुझे स्कूटी के बजाए पूरी बस ही चाहिए, वो भी भरपूर दहेज व उसे ढोने वाले जंतु के साथ।’

सच है। शादी सीजन की इस मंडी में कई जंतु बिकाऊ है। आज मेरे यार की शादी है के बदले पूरे संसार को शादी के झमेले में डालना बहुत जोरदार है। दोस्त लोग दुश्मनी निभाने के लिए अपने-अपने दोस्तों की शादी करवाने के जतन करते हैं। दोस्त लोग बेगानी शादी में अब्दुल्ला बन दीवाने होते हैं क्यों कि वे दूसरों के दुःखों से बहुत खुश होते हैं इसलिए ही वे नागिन डांस पर नाग बनकर झूमते हैं। इस दिखावा भरी दुनिया में, स्वार्थ की तीखी हवाओं के बीच विवाह एक ऐसा गांठबंधन है जिसमें दो जंतु मिलकर उन समस्याओं को सुलझाने का जीवन भर प्रयास करते हैं, जो समस्या न पहले कभी थी व न बाद में कभी होती है। शादी शास्त्री कहते हैं कि जो हंसा, उसका घर बसा। पर शादी बाद जिसका भी घर बसा, उससे पूछो कि बाद में वह फिर कब हंसा? शास्त्रों में यह भी कहा- ‘पत्नी को कुछ समझाने से ज्यादा अच्छा रहेगा किसी भी सीमेंटेड दीवार से सर फोड़ लें। पत्नी से पंगा लेने से बेहतर होगा किसी बैल से सामना कर ले। पति-पत्नी के सामाजिक खेल में गलती ऐसी चीज है जो हमेशा पति की ही होती है और भविष्य में भी होती रहेगी। गलती नाम की चीज पत्नी की कभी भी नहीं हो सकती। जब तूफानी बारिश हो। आधी रात के वक्त चारों ओर कुत्ते भौंक रहे हों। बिजलियां चमक रही हों। लाइटें लप-झपायमान हो और कोई आदमी किसी दूकान से पिज्जा लेने जा रहा हो तो उसे शादीशुदा ही मानना चाहिए। शादी के लिए हां करने का मतलब होता है स्वेच्छा से जेल जाने की तैयारी करना। चलूं! बाहर शादी का बैंड बजा रहा है। देख लूं। आज फिर किसकी शामत आई है। यारों ये शूल चुभाओ फिर कोई बेवकूफ आया है!

रामविलास जांगिड़,18, उत्तम नगर, घूघरा, अजमेर (305023) राजस्थान

Print Friendly, PDF & Email
Translate »