National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

ये कदम भी उठाने जरुरी हैं जनाब!!

हमारे यहाँ एक कहावत है कि–इलाज से परहेज बेहतर है।सही है लेकिन परहेज ऐसा भी ना हो कि परहेज ही बीमार के लिए मुसीबत बन जाए।
एक कोरोना वायरस क्या आया कि इसने दुनिया को हिलाकर रख दिया।इससे ये साफ़ हो जाता है कि कोई ना कोई अदृश्य ताकत है जिसके हाथ में सब कुछ है,यही ताकत परमसत्ता है।कोई माने या ना माने।ये अपना अपना विज्ञान है लेकिन अंतिम सत्य यही है और रहेगा भी।
खेर,मसला अब ये है कि कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए सबसे जरुरी कदम यही था जो सरकार ने समय रहते उठाया है और अब हम सबकी जिम्मेदारी भी बनती है कि हम सब इस पर खरे उतरे।इसी बीच कुछ बेहद जरुरी कार्य भी हैं जो सरकार को ही करने होंगे बेशक इसमें वो जनता की मदद ले सकती है।अपने कर्मचारियों की मदद ले सकती है और ले भी लेनी चाहिए।सबसे पहला कार्य है कि जो लोग अपने घरों से दूर हैं,उन्हें उनके घर तक पहुंचाने का प्रबंध करना।ऐसे बहुत लोग हैं कि जो अपने स्थान से दूसरे स्थानों पर जाकर कार्य करते हैं और आर्थिक रूप से बेहद नाजुक हालात में हैं,क्योंकि वो जहाँ थे,वहाँ काम बन्द हो चुका है और उनको खाने के लिए भी चाहिए।इसलिए बेहद जरुरी है ऐसे लोगों को उनके स्थान तक सुरक्षित पहुँचाना।कुछ ख़बरें भी ऐसी आ रही हैं कि लोगों अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ मीलों का लंबा सफ़र पैदल करने को विवश हैं,जो कि मानवीय लिहाज से भी ठीक नहीं है और कोरोना के संक्रमण के लिहाज से भी ठीक नहीं है।
दूसरा कार्य जो तात्कालिक रूप से सरकार का भी बनता और हमारे आस-पास हम सबका भी बनता है कि जो लोग हर रोज की दिहाड़ी पर ही निर्भर रहते हैं,उनकी सहायता करना,अन्यथा अगर ऐसा हम सब मिलकर नहीं कर पाए तो बेहद मुश्किल हालातों का सामना हमें करना पडेगा और याद रहे हमारे देश में ऐसे लोगों की/परिवारों की संख्या अच्छी खासी है।इन परिवारों की सुध लिया जाना तात्कालिक रूप से बहुत जरुरी है।तीसरा हमारे यहाँ बहुत सारे ऐसे भी लोग हैं जो रेलों में सफ़र करके,स्टेशन या बस अड्डा पर या अन्य सावर्जनिक स्थानों पर भीख मांगकर ही पेट गुजारा करते हैं और जिनके घर भी नहीं होते,झुग्गी-झोपड़ी वाले,स्लम बस्ती वाले भी हमारे यहाँ बहुत लोग हैं जिनकी तुरन्त सुध लिया जाना बेहद जरुरी है।तीसरा खेतिहर मजदूर,किसानों और असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए भी तत्काल विशेष राहत पेकेज की जरूरत है।मध्यम वर्ग जो कि बैंक की क़िस्त अदा करते हुए अपने जीवन का निर्वाह करता है,उसके लिए भी आर्थिक पैकेज की नहीं बल्कि दूसरे तरह की घोषणाओं की जरूरत है मसलन ई एम आई वगैरा में कुछ छूट देना आदि आदि।
अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात ये कि केवल लॉकडाउन से ही काम नहीं चलने वाला क्योंकि लॉकडाउन कोरोना के संक्रमण चक्र को रोकने का तो काम करेगा लेकिन इस महामारी की खास बात ये भी है कि हमें ये नहीं पता होता कि जो हमारे साथ है,या खुद हम हैं,किसको ये है या नहीं।मान लीजिए हम सब घरों में हैं और अगर वहीँ कहीं गड़बड़ है तो भविष्य के लिए ये बहुत भयंकर हालात पैदा करेगा जबकि हम लॉकडाउन भी कर चुके होंगे।इसलिए जरुरी है कि इसी बीच मेडिकली भी सबका चेकअप किया जाना चाहिए और सबसे जरुरी है कि हम सब सरकार के आदेशों का पालन करें क्योंकि सरकार यह सब हम सबके लिए ही कर रही है और हम सबका कर्तव्य है कि किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं बल्कि किसी भी प्रकार का सहयोग जो सरकार,प्रशासन मांगे वो करें।चलते चलते उन सबसे भी अपील कि कालाबाजारी को बिल्कुल भी न करें,सरकार भी इस पर ध्यान बनाएं रखे,आवश्यक वस्तुओं के दाम किसी भी रूप में ना बढ़ने पाएं।और एक अपील उन तमाम जनप्रतिनिधियों से जो जनता के वोट लेने के लिए क्या क्या करते हैं?अगर वो सब आज घर बैठे बैठे प्रशासन के सहयोग से वो सब करें तो कितना अच्छा हो।आमीन!कि हम सब जीतेंगे,इस महामारी से।

कृष्ण कुमार निर्माण

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar